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Yamuna Nagar News: सर्वार्थ सिद्ध योग में होगी देवउठनी एकादशी
Mon, 11 Nov 2024 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 11 Nov 2024 01:17 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में देवउठनी एकादशी व्रत रखा जाता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी आती है। इसे प्रबोधिनी एकादशी या देवोत्थान एकादशी कहा जाता है। इसके आते ही सभी प्रकार के मंगल कार्य करने का शुभ समय आ जाता है सगाई, विवाह, मुहूर्त, मुंडन संस्कार आदि शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है।
इस साल देवउठनी एकादशी 12 नवंबर मंगलवार को है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु योग निंद्रा से चार महीने बाद जागते हैं और सृष्टि का फिर से संचालन करते हैं। गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संचालक डॉ. रामराज कौशिक ने बताया कि इस दिन से ही चातुर्मास समाप्त होते हैं और शुभ-मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है।
इस दिन से ही चतुर्मास का समापन होता है और शादी-विवाह, मुंडन संस्कार, सगाई समेत सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। देवउठनी एकादशी के अगले दिन द्वादशी तिथि में तुलसी विवाह का आयोजन कराया जाता है। भगवान विष्णु के शालीग्राम अवतार से माता तुलसी का विवाह होता है। जिससे तुलसी विवाह के नाम से जाना जाता है।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी विवाह के आयोजन से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। कार्तिक माह में तुलसी के पौधे की पूजा-अर्चना भी शुभ फलदायी माना गया है। एकादशी तिथि 11 नवंबर को शाम 06 बजकर 46 मिनट से आरंभ होगी और एकादशी तिथि का समापन 12 नवंबर को शाम 04 बजकर 04 मिनट पर होगा।
देवउठनी एकादशी पर इस साल रवि योग व सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है। रामराज कौशिक ने बताया की ज्योतिष शास्त्र में इन योगों को अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। रवि योग सुबह 06 बजकर 42 मिनट से सुबह 07 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 07 बजकर 52 मिनट से अगले दिन सुबह 05 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।
देवउठनी एकादशी पर पूजन के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- 04:55 सुबह से 05:48 तक।
प्रातः संध्या- 05:21 से 06:41 तक।
अभिजित मुहूर्त- 11:43 से 12:26 तक।
विजय मुहूर्त- 01:52 दोपहर से 02:35 तक।
गोधूलि मुहूर्त- शाम 05:28 से 05:54 तक।
सायाह्न सन्ध्या- 05:28 से 06:47 तक।
विवाह के शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार नवंबर की 16, 17, 18, 22, 23, 24, 25, 26, 28 तारीख को विवाह का मुहूर्त हैं। दिसंबर में 2, 3, 4, 5, 9 , 10 , 11, 13, 14, 15 तारीख को विवाह का लग्न है। जनवरी 2025 में 16, 17, 18, 19, 20, 21, 23, 24, 26 और 27 जनवरी को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। फरवरी में विवाह मुहूर्त 2, 3, 6, 7, 12, 13, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 23 और 25 शुभ मुहूर्त हैं। वहीं मार्च में 1, 2, 6, 7 और 12 मार्च को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। अप्रैल में 14, 16, 18, 19, 20, 21, 25, 29 और 30 तारीख विवाह के लिए शुभ हैं।
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साढौरा। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में देवउठनी एकादशी व्रत रखा जाता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी आती है। इसे प्रबोधिनी एकादशी या देवोत्थान एकादशी कहा जाता है। इसके आते ही सभी प्रकार के मंगल कार्य करने का शुभ समय आ जाता है सगाई, विवाह, मुहूर्त, मुंडन संस्कार आदि शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है।
इस साल देवउठनी एकादशी 12 नवंबर मंगलवार को है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु योग निंद्रा से चार महीने बाद जागते हैं और सृष्टि का फिर से संचालन करते हैं। गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संचालक डॉ. रामराज कौशिक ने बताया कि इस दिन से ही चातुर्मास समाप्त होते हैं और शुभ-मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है।
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इस दिन से ही चतुर्मास का समापन होता है और शादी-विवाह, मुंडन संस्कार, सगाई समेत सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। देवउठनी एकादशी के अगले दिन द्वादशी तिथि में तुलसी विवाह का आयोजन कराया जाता है। भगवान विष्णु के शालीग्राम अवतार से माता तुलसी का विवाह होता है। जिससे तुलसी विवाह के नाम से जाना जाता है।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी विवाह के आयोजन से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। कार्तिक माह में तुलसी के पौधे की पूजा-अर्चना भी शुभ फलदायी माना गया है। एकादशी तिथि 11 नवंबर को शाम 06 बजकर 46 मिनट से आरंभ होगी और एकादशी तिथि का समापन 12 नवंबर को शाम 04 बजकर 04 मिनट पर होगा।
देवउठनी एकादशी पर इस साल रवि योग व सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है। रामराज कौशिक ने बताया की ज्योतिष शास्त्र में इन योगों को अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। रवि योग सुबह 06 बजकर 42 मिनट से सुबह 07 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 07 बजकर 52 मिनट से अगले दिन सुबह 05 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।
देवउठनी एकादशी पर पूजन के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- 04:55 सुबह से 05:48 तक।
प्रातः संध्या- 05:21 से 06:41 तक।
अभिजित मुहूर्त- 11:43 से 12:26 तक।
विजय मुहूर्त- 01:52 दोपहर से 02:35 तक।
गोधूलि मुहूर्त- शाम 05:28 से 05:54 तक।
सायाह्न सन्ध्या- 05:28 से 06:47 तक।
विवाह के शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार नवंबर की 16, 17, 18, 22, 23, 24, 25, 26, 28 तारीख को विवाह का मुहूर्त हैं। दिसंबर में 2, 3, 4, 5, 9 , 10 , 11, 13, 14, 15 तारीख को विवाह का लग्न है। जनवरी 2025 में 16, 17, 18, 19, 20, 21, 23, 24, 26 और 27 जनवरी को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। फरवरी में विवाह मुहूर्त 2, 3, 6, 7, 12, 13, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 23 और 25 शुभ मुहूर्त हैं। वहीं मार्च में 1, 2, 6, 7 और 12 मार्च को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। अप्रैल में 14, 16, 18, 19, 20, 21, 25, 29 और 30 तारीख विवाह के लिए शुभ हैं।