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Yamuna Nagar News: महिला आरक्षण लागू करने की मांग
Thu, 23 Jul 2026 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 23 Jul 2026 01:10 AM IST
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मांगों के समर्थन में नारेबाजी करतीं जनवादी महिला समिति की पदाधिकारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। संसद और विधानसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग को लेकर बुधवार को जनवादी महिला समिति की जिला इकाई की बैठक हुई। बैठक में महिलाओं ने केंद्र सरकार से महिला आरक्षण कानून को जनगणना और परिसीमन की शर्तों से अलग कर तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की।
बैठक में जिला प्रधान राजेश्वरी, जिला सचिव रेखा और सुनीता करेडा ने कहा कि महिला आरक्षण कानून पारित हुए लगभग तीन वर्ष होने जा रहे हैं, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। यह महिलाओं से अन्याय है। देश की आधी आबादी को राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी से वंचित रखना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
वक्ताओं ने कहा कि पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं ने अपनी नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक दक्षता का परिचय दिया है। ऐसे में संसद और विधानसभाओं में भी महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उनका कहना था कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।
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बैठक के दौरान महिलाओं ने महिला आरक्षण लागू करो आज करो, अभी करो, आधी आबादी, पूरा अधिकार और 33 प्रतिशत आरक्षण हमारा अधिकार है, जैसे नारे लगाकर अपनी मांग बुलंद की। जनवादी महिला समिति ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार महिला आरक्षण को शीघ्र लागू नहीं करती है तो देशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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यमुनानगर। संसद और विधानसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग को लेकर बुधवार को जनवादी महिला समिति की जिला इकाई की बैठक हुई। बैठक में महिलाओं ने केंद्र सरकार से महिला आरक्षण कानून को जनगणना और परिसीमन की शर्तों से अलग कर तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की।
बैठक में जिला प्रधान राजेश्वरी, जिला सचिव रेखा और सुनीता करेडा ने कहा कि महिला आरक्षण कानून पारित हुए लगभग तीन वर्ष होने जा रहे हैं, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। यह महिलाओं से अन्याय है। देश की आधी आबादी को राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी से वंचित रखना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
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वक्ताओं ने कहा कि पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं ने अपनी नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक दक्षता का परिचय दिया है। ऐसे में संसद और विधानसभाओं में भी महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उनका कहना था कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।
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बैठक के दौरान महिलाओं ने महिला आरक्षण लागू करो आज करो, अभी करो, आधी आबादी, पूरा अधिकार और 33 प्रतिशत आरक्षण हमारा अधिकार है, जैसे नारे लगाकर अपनी मांग बुलंद की। जनवादी महिला समिति ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार महिला आरक्षण को शीघ्र लागू नहीं करती है तो देशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।