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Yamuna Nagar News: सरकार से किसानों को राहत देने की मांग
Wed, 08 Oct 2025 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 08 Oct 2025 01:11 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। अखिल भारतीय किसान सभा की आढ़तियों व किसानों से जगाधरी अनाजमंडी में बैठक हुई। बैठक का नेतृत्व किसान सभा के जिला प्रधान जरनैल सिंह सांगवान ने किया। बैठक में बारिश के कारण हुए नुकसान व सरकार से राहत की मांग को लेकर चर्चा की गई।
जरनैल सिंह सांगवान, उप प्रधान नैब सिंह, मान सिंह पंजेटा, संगठन सचिव श्यामलाल, अजमेर सिंह संधू ने कहा कि बारिश में मंडी सैकड़ों टन धान जमा हो गई है, परंतु मंडियों में इसका पूरा बंदोबस्त नहीं है। प्रशासन की लापरवाही के कारण पर्याप्त शेड, तिरपाल, पानी निकासी प्रबंध न से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा खेतों में जो धान व गन्ना लगा है, उसे भी भारी नुकसान हुआ है।
नुकसान की भरपाई करने की बजाय सरकार मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर किसानों को उलझा रही है। इससे पहले भारी बारिशों के कारण करीब 11,000 एकड़ फसल खराब हुई थी, लेकिन मुआवजा अभी तक सरकारी फाइलों में ही अटका हुआ है। मौसम विभाग ने पहले ही पांच अक्टूबर से भारी बारिश की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद जिला प्रशासन लापरवाह बना रहा। उन्होंने कहा कि कृषि संकट का एक मुख्य लक्षण लागत खर्च का बढ़ना और आय में कमी होना है। उन्होंने कहा कि सरकार को इसके लिए राहत देनी चाहिए।
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जगाधरी। अखिल भारतीय किसान सभा की आढ़तियों व किसानों से जगाधरी अनाजमंडी में बैठक हुई। बैठक का नेतृत्व किसान सभा के जिला प्रधान जरनैल सिंह सांगवान ने किया। बैठक में बारिश के कारण हुए नुकसान व सरकार से राहत की मांग को लेकर चर्चा की गई।
जरनैल सिंह सांगवान, उप प्रधान नैब सिंह, मान सिंह पंजेटा, संगठन सचिव श्यामलाल, अजमेर सिंह संधू ने कहा कि बारिश में मंडी सैकड़ों टन धान जमा हो गई है, परंतु मंडियों में इसका पूरा बंदोबस्त नहीं है। प्रशासन की लापरवाही के कारण पर्याप्त शेड, तिरपाल, पानी निकासी प्रबंध न से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा खेतों में जो धान व गन्ना लगा है, उसे भी भारी नुकसान हुआ है।
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नुकसान की भरपाई करने की बजाय सरकार मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर किसानों को उलझा रही है। इससे पहले भारी बारिशों के कारण करीब 11,000 एकड़ फसल खराब हुई थी, लेकिन मुआवजा अभी तक सरकारी फाइलों में ही अटका हुआ है। मौसम विभाग ने पहले ही पांच अक्टूबर से भारी बारिश की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद जिला प्रशासन लापरवाह बना रहा। उन्होंने कहा कि कृषि संकट का एक मुख्य लक्षण लागत खर्च का बढ़ना और आय में कमी होना है। उन्होंने कहा कि सरकार को इसके लिए राहत देनी चाहिए।
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