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Yamuna Nagar News: यमुनानगर से पिहोवा को फोरलेन करने से पहले जुटा रहे वाहनों का डाटा
Mon, 22 Dec 2025 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 22 Dec 2025 01:09 AM IST
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रोड छप्पर में कुरुक्षेत्र रोड पर वाहनों का वजन करते कर्मचारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। यमुनानगर से पिहोवा तक सड़क को फोरलेन करने का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जग गई है। इसकी पहली प्रक्रिया में सड़क से चलने वाले वाहनों का वजन मापा जा रहा है। एजेंसी के कर्मचारी रोडछप्पर के पास सड़क से गुजरने वाले वाहनों का रिकॉर्ड तैयार कर रहे हैं। जिससे यह पता लगाया जा सके कि फिलहाल सड़क से कितने वजन तक के और किस तरह के वाहन ज्यादा निकल रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुछ दिन पहले पिहोवा से लेकर यमुनानगर तक सड़क को फोरलेन बनाने की घोषणा की थी। वहीं पीडब्ल्यूडी भी इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करने में जुट गया है। यमुनानगर से यमुनानगर तक इस सड़क की कुल लंबाई 41.15 किलोमीटर है। इसमें से 20 किलोमीटर यमुनानगर व 21.15 किलोमीटर जिला कुरुक्षेत्र में पड़ती है। यमुनानगर में पड़ने वाली सड़क में से 4.18 किलोमीटर पहले से ही फोरलेन है। वहीं कुरुक्षेत्र में पड़ने वाली उक्त सड़क में से 7.85 किलोमीटर फोरलेन है। शेष 29.12 किलोमीटर सड़क को फोरलेन करने का प्रस्ताव है। कुरुक्षेत्र से पिहोवा तक हिस्सा भी फोरलेन होगा। फिलहाल हो सड़क बनी है उसकी चौड़ाई 33 फीट है। फोरलेन बनने के बाद यह 55 फीट हो जाएगी।
यमुनानगर से कुरुक्षेत्र की तरफ सड़क पर रोजाना कितने वाहन चलते हैं, कितने टायर के हैं, कितने वजन के, किस तरह का सामान वाहनों में लोड है और यमुनानगर से जाने वाले वाहन कुरुक्षेत्र से आगे कौन से जिलों व राज्यों में जाते हैं इसका पता किया जा रहा है। अभी तक के सर्वे में यह भी पता चला हे कि सड़क से यमुनानगर व उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के वाहन भी माल ढुलाई में लगे हैं।
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वाहनों की भीड़ व जाम से मिलेगी मुक्ति
फोरलेन सड़क बनने से यात्रा तेज, सुरक्षित और आरामदायक होगी। खासकर उत्तराखंड और हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग सबसे सुविधाजनक और तेज रूट बन जाएगा। हरिद्वार धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से प्रतिदिन हजारों यात्री हरिद्वार की यात्रा करते हैं। यमुनानगर-पिहोवा रोड के फोरलेन बनने के बाद न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि वाहनों की भीड़ और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी।
व्यापार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा मिलेगा
यमुनानगर अपने लकड़ी उद्योग, पेपर मिल और अन्य औद्योगिक इकाइयों के लिए जाना जाता है। वहीं पिहोवा और कुरुक्षेत्र कृषि और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। नई फोरलेन सड़क से इन क्षेत्रों में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। वहीं माल ढुलाई तेज होगी, किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। उद्योगों को कच्चा माल लाने-ले जाने में समय और लागत दोनों में बचत होगी। यमुनानगर का प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को आकर्षित करता है। इन स्थलों तक आने-जाने को आसान बनाएगा।
यमुनानगर से पिहोवा फोरलेन सड़क का निर्माण न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे फोरलेन करने की घोषणा की थी। सड़क की डीपीआर तैयार की जा रही है। इसे वाहनों के आवागमन के हिसाब से मजबूत बनाया जाएगा। - अनिल कांबोज, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।
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यमुनानगर। यमुनानगर से पिहोवा तक सड़क को फोरलेन करने का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जग गई है। इसकी पहली प्रक्रिया में सड़क से चलने वाले वाहनों का वजन मापा जा रहा है। एजेंसी के कर्मचारी रोडछप्पर के पास सड़क से गुजरने वाले वाहनों का रिकॉर्ड तैयार कर रहे हैं। जिससे यह पता लगाया जा सके कि फिलहाल सड़क से कितने वजन तक के और किस तरह के वाहन ज्यादा निकल रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुछ दिन पहले पिहोवा से लेकर यमुनानगर तक सड़क को फोरलेन बनाने की घोषणा की थी। वहीं पीडब्ल्यूडी भी इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करने में जुट गया है। यमुनानगर से यमुनानगर तक इस सड़क की कुल लंबाई 41.15 किलोमीटर है। इसमें से 20 किलोमीटर यमुनानगर व 21.15 किलोमीटर जिला कुरुक्षेत्र में पड़ती है। यमुनानगर में पड़ने वाली सड़क में से 4.18 किलोमीटर पहले से ही फोरलेन है। वहीं कुरुक्षेत्र में पड़ने वाली उक्त सड़क में से 7.85 किलोमीटर फोरलेन है। शेष 29.12 किलोमीटर सड़क को फोरलेन करने का प्रस्ताव है। कुरुक्षेत्र से पिहोवा तक हिस्सा भी फोरलेन होगा। फिलहाल हो सड़क बनी है उसकी चौड़ाई 33 फीट है। फोरलेन बनने के बाद यह 55 फीट हो जाएगी।
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यमुनानगर से कुरुक्षेत्र की तरफ सड़क पर रोजाना कितने वाहन चलते हैं, कितने टायर के हैं, कितने वजन के, किस तरह का सामान वाहनों में लोड है और यमुनानगर से जाने वाले वाहन कुरुक्षेत्र से आगे कौन से जिलों व राज्यों में जाते हैं इसका पता किया जा रहा है। अभी तक के सर्वे में यह भी पता चला हे कि सड़क से यमुनानगर व उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के वाहन भी माल ढुलाई में लगे हैं।
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वाहनों की भीड़ व जाम से मिलेगी मुक्ति
फोरलेन सड़क बनने से यात्रा तेज, सुरक्षित और आरामदायक होगी। खासकर उत्तराखंड और हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग सबसे सुविधाजनक और तेज रूट बन जाएगा। हरिद्वार धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से प्रतिदिन हजारों यात्री हरिद्वार की यात्रा करते हैं। यमुनानगर-पिहोवा रोड के फोरलेन बनने के बाद न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि वाहनों की भीड़ और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी।
व्यापार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा मिलेगा
यमुनानगर अपने लकड़ी उद्योग, पेपर मिल और अन्य औद्योगिक इकाइयों के लिए जाना जाता है। वहीं पिहोवा और कुरुक्षेत्र कृषि और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। नई फोरलेन सड़क से इन क्षेत्रों में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। वहीं माल ढुलाई तेज होगी, किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। उद्योगों को कच्चा माल लाने-ले जाने में समय और लागत दोनों में बचत होगी। यमुनानगर का प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को आकर्षित करता है। इन स्थलों तक आने-जाने को आसान बनाएगा।
यमुनानगर से पिहोवा फोरलेन सड़क का निर्माण न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे फोरलेन करने की घोषणा की थी। सड़क की डीपीआर तैयार की जा रही है। इसे वाहनों के आवागमन के हिसाब से मजबूत बनाया जाएगा। - अनिल कांबोज, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।