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Yamuna Nagar News: कैंसर वार्ड में सीलन, बिना गद्दे बेड पर मरीज
Wed, 10 Jul 2024 05:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 10 Jul 2024 05:46 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एक-एक दिन कैंसर रोगियों का मुश्किल से कट रहा है। तीनों वक्त दवाई पर निर्भर हैं। दवा व उपचार से दर्द कुछ कम हो जाए यही सोच कर मरीज मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में आते हैं। अस्पताल में दर्द कम होने के बजाय बढ़ जाता है। कैंसर वार्ड में मरीजों का बिना गद्दे के लोहे के बेड पर उपचार हो रहा है।
लोहे के बेड पर मरीज लेटना तो दूर की बात है वह ठीक से बैठ भी नहीं सकते। इतना ही नहीं कैंसर वार्ड की दीवारों पर सीलन आई हुई है। वार्ड में एंट्री करते ही ऐसा लगता है जैसे 105 करोड़ रुपये से बने 200 बेड के अस्पताल में नहीं बल्कि किसी कच्चे कमरे में आ गए हों। बिना गद्दे व बिस्तर के लोहे के बेड पर मरीजों का उपचार केवल कैंसर वार्ड ही नहीं बल्कि अन्य वार्डाें में भी हो रहा है।
अस्पताल का स्टाफ बेबस है। बिना बिस्तर के लोहे के बेड पर उपचार करने को मजबूर हैं। क्योंकि बिस्तर हैं ही नहीं तो स्टाफ भी कहां से लेकर आएगा। स्टाफ यह कह कर मरीजों को भर्ती तो कर रहे हैं कि थोड़ी देर में गद्दा मिल जाएगा। परंतु बाद में कुछ नहीं मिलता। जिला नागरिक अस्पताल के बी ब्लॉक में तीसरे तल पर कैंसर व अन्य वार्ड हैं। कैंसर के रोगियों को तुरंत उपचार की जरूरत होती है। परंतु यहां उपचार तो मिल रहा है, लेकिन लेटने को बिस्तर नहीं मिल रहा।
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वार्डों की छत पर बारिश का पानी
जिला अस्पताल की छतों पर बारिश के पानी की निकासी भी नहीं है। दूसरे तल पर जिन वार्डों में मरीज भर्ती हैं उनके पास बाहर छत पर बारिश का पानी जमा रहता है। पीडब्ल्यूडी ने भवन तो बना दिया लेकिन पानी निकासी का ध्यान नहीं दिया। कई दिन तक पानी जमा रहने से इसमें कोई हो गई है। जिस पर पांव रखते ही हर कोई फिसलने लगता है। इस समय डेंगू बीमार फैलने का खतरा बना हुआ है। डेंगू का मच्छर भी साफ पानी में ही पनपता है। ऐसे में अस्पताल की छतों पर कई दिन से जमा इस पानी में मच्छर का लारवा हो सकता है। जो बाद में यहां भर्ती मरीजों को काटेगा और बीमारियों को फैलाएगा।
अस्पताल के शौचालय में गिरी टाइलें
पहले तो अस्पताल की बाहरी दीवारों पर लगी टाइलें गिर रही थी। अब भवन के अंदर से भी टाइलें गिरनी शुरू हो गई हैं। मंगलवार को बी ब्लॉक में तीसरे तल पर नर्सिंग ऑफिसर के लिए बने शौचालय में दीवार से टाइलें गिर गई। टाइलें गिरने से स्टाफ नर्स रितिका के पांव पर चोट लग गई। जिसका तुरंत उपचार किया गया। इससे पहले भी तीन बार दीवारों से टाइलें गिर चुकी है। ज्ञात हो कि एक दिन पहले ही सोमवार को पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने डीसी कैप्टन मनोज कुमार के समक्ष अस्पताल की दीवारों से टाइलें गिरने का मामला उठाया था।
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यमुनानगर। एक-एक दिन कैंसर रोगियों का मुश्किल से कट रहा है। तीनों वक्त दवाई पर निर्भर हैं। दवा व उपचार से दर्द कुछ कम हो जाए यही सोच कर मरीज मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में आते हैं। अस्पताल में दर्द कम होने के बजाय बढ़ जाता है। कैंसर वार्ड में मरीजों का बिना गद्दे के लोहे के बेड पर उपचार हो रहा है।
लोहे के बेड पर मरीज लेटना तो दूर की बात है वह ठीक से बैठ भी नहीं सकते। इतना ही नहीं कैंसर वार्ड की दीवारों पर सीलन आई हुई है। वार्ड में एंट्री करते ही ऐसा लगता है जैसे 105 करोड़ रुपये से बने 200 बेड के अस्पताल में नहीं बल्कि किसी कच्चे कमरे में आ गए हों। बिना गद्दे व बिस्तर के लोहे के बेड पर मरीजों का उपचार केवल कैंसर वार्ड ही नहीं बल्कि अन्य वार्डाें में भी हो रहा है।
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अस्पताल का स्टाफ बेबस है। बिना बिस्तर के लोहे के बेड पर उपचार करने को मजबूर हैं। क्योंकि बिस्तर हैं ही नहीं तो स्टाफ भी कहां से लेकर आएगा। स्टाफ यह कह कर मरीजों को भर्ती तो कर रहे हैं कि थोड़ी देर में गद्दा मिल जाएगा। परंतु बाद में कुछ नहीं मिलता। जिला नागरिक अस्पताल के बी ब्लॉक में तीसरे तल पर कैंसर व अन्य वार्ड हैं। कैंसर के रोगियों को तुरंत उपचार की जरूरत होती है। परंतु यहां उपचार तो मिल रहा है, लेकिन लेटने को बिस्तर नहीं मिल रहा।
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वार्डों की छत पर बारिश का पानी
जिला अस्पताल की छतों पर बारिश के पानी की निकासी भी नहीं है। दूसरे तल पर जिन वार्डों में मरीज भर्ती हैं उनके पास बाहर छत पर बारिश का पानी जमा रहता है। पीडब्ल्यूडी ने भवन तो बना दिया लेकिन पानी निकासी का ध्यान नहीं दिया। कई दिन तक पानी जमा रहने से इसमें कोई हो गई है। जिस पर पांव रखते ही हर कोई फिसलने लगता है। इस समय डेंगू बीमार फैलने का खतरा बना हुआ है। डेंगू का मच्छर भी साफ पानी में ही पनपता है। ऐसे में अस्पताल की छतों पर कई दिन से जमा इस पानी में मच्छर का लारवा हो सकता है। जो बाद में यहां भर्ती मरीजों को काटेगा और बीमारियों को फैलाएगा।
अस्पताल के शौचालय में गिरी टाइलें
पहले तो अस्पताल की बाहरी दीवारों पर लगी टाइलें गिर रही थी। अब भवन के अंदर से भी टाइलें गिरनी शुरू हो गई हैं। मंगलवार को बी ब्लॉक में तीसरे तल पर नर्सिंग ऑफिसर के लिए बने शौचालय में दीवार से टाइलें गिर गई। टाइलें गिरने से स्टाफ नर्स रितिका के पांव पर चोट लग गई। जिसका तुरंत उपचार किया गया। इससे पहले भी तीन बार दीवारों से टाइलें गिर चुकी है। ज्ञात हो कि एक दिन पहले ही सोमवार को पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने डीसी कैप्टन मनोज कुमार के समक्ष अस्पताल की दीवारों से टाइलें गिरने का मामला उठाया था।