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Yamuna Nagar News: वेंडिंग जोन पर करोड़ों खर्च, अब भी रेहड़ियों से लगता जाम
Tue, 23 Jul 2024 06:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 23 Jul 2024 06:18 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर के गणेश नगर व शक्ति नगर में नगर निगम अफसरों ने वेंडिंग जोन बनाने पर करोड़ों रुपये तो खर्च दिए, पर यहां अभी तक रेहड़ियों को शिफ्ट नहीं कर पाए हैं। दोनों वेंडिंग जोन कई माह पहले बनकर तैयार होने के बाद भी सुनसान पड़े हैं। हालात ये हैं कि इन वेंडिंग जोन के शेड व अन्य सामान उखड़ व टूट रहा है। यह देखकर निवर्तमान पार्षद अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
सेक्टर-17 समीप गणेश नगर में करीब 80 लाख रुपये से वेंडिंग जोन बना। इसे मनोहर स्ट्रीट वेंडिंग जोन नाम दिया गया। यहां 350 रेहड़ियां खड़ी करने की जगह है, पर अब तक एक भी रेहड़ी नहीं लगी है। हवा के झोंकों से यहां शेड़ उखड़ गए हैं, वहीं अन्य सामान भी टूट रहा है। ऐसे ही शक्तिनगर में वेयर हाउस गोदाम के साथ नाले पर स्लैब डाल फूड कोर्ट नाम से वेंडिंग जोन बना। यहां भी एक भी रेहड़ी शिफ्ट नहीं हो पाई है।
यहां वेंडिंग जोन के प्रवेश द्वार पर ही कचरा गिर रहा है। साथ ही वेंडिंग जोन में पेयजल के नल टूटे व गायब हैं, जिन से पेयजल व्यर्थ बहता है। सिटी थाने के सामने बने वेंडिंग जोन में भी 75 रेहड़ियां खड़ी हो सकती हैं, पर नॉनवेज की सिर्फ 10 से 15 रेहड़ियां लग रही हैं। इस तरह चारों वेंडिंग जोन में तय संख्या मुताबिक रेहड़ियां शिफ्ट न होने से अभी भी वह पहले जैसे ही सड़कों व उनके किनारे खड़ी हैं। जहां उनके कारण संकरे रास्तों पर सुबह से शाम ट्रैफिक जाम की समस्या हो रही है।
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ऐसे ही रेलवे, वर्कशॉप, पुराना रादौर रोड जैसे मुख्य मार्गों व मीराबाई व खेड़ा बाजार जैसी मार्केट में दुकानदारों का फुटपाथ से लेकर सड़कों किनारे तक सामान अतिक्रमण के रूप में रखा है, जिस पर भी नगर निगम अफसरों का ध्यान नहीं जा रहा। यह हालात पैदल राहगीरों व वाहन चालकों के आने-जाने में बाधक बन रहे हैं।
इनेलो से वार्ड सात के निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज व वार्ड आठ से निवर्तमान पार्षद विनोद मरवाह का कहना है कि कि वेंडिंग जोन के लिए चुने गए स्थान सही नहीं है। कहीं नाले पर स्लैब डालकर तो कहीं नाले के साथ या सुनसान जगह पर यह वेंडिंग जोन बना दिए गए। इन स्थानों के चयन से पहले रेहड़ी वालों की भी सहमति नहीं ली गई। यही वजह है कि रेहड़ी वाले काम में मंदी के डर से वेंडिंग जोन में शिफ्ट नहीं होना चाहते हैं। इसी तालमेल की कमी में परियोजना पर खर्चे करोड़ों रुपये अभी तक बेकार साबित हुए हैं।
वेंडिंग जोन में रेहड़ियां शिफ्ट की जानी है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए हैं। जल्द कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर। शहर के गणेश नगर व शक्ति नगर में नगर निगम अफसरों ने वेंडिंग जोन बनाने पर करोड़ों रुपये तो खर्च दिए, पर यहां अभी तक रेहड़ियों को शिफ्ट नहीं कर पाए हैं। दोनों वेंडिंग जोन कई माह पहले बनकर तैयार होने के बाद भी सुनसान पड़े हैं। हालात ये हैं कि इन वेंडिंग जोन के शेड व अन्य सामान उखड़ व टूट रहा है। यह देखकर निवर्तमान पार्षद अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
सेक्टर-17 समीप गणेश नगर में करीब 80 लाख रुपये से वेंडिंग जोन बना। इसे मनोहर स्ट्रीट वेंडिंग जोन नाम दिया गया। यहां 350 रेहड़ियां खड़ी करने की जगह है, पर अब तक एक भी रेहड़ी नहीं लगी है। हवा के झोंकों से यहां शेड़ उखड़ गए हैं, वहीं अन्य सामान भी टूट रहा है। ऐसे ही शक्तिनगर में वेयर हाउस गोदाम के साथ नाले पर स्लैब डाल फूड कोर्ट नाम से वेंडिंग जोन बना। यहां भी एक भी रेहड़ी शिफ्ट नहीं हो पाई है।
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यहां वेंडिंग जोन के प्रवेश द्वार पर ही कचरा गिर रहा है। साथ ही वेंडिंग जोन में पेयजल के नल टूटे व गायब हैं, जिन से पेयजल व्यर्थ बहता है। सिटी थाने के सामने बने वेंडिंग जोन में भी 75 रेहड़ियां खड़ी हो सकती हैं, पर नॉनवेज की सिर्फ 10 से 15 रेहड़ियां लग रही हैं। इस तरह चारों वेंडिंग जोन में तय संख्या मुताबिक रेहड़ियां शिफ्ट न होने से अभी भी वह पहले जैसे ही सड़कों व उनके किनारे खड़ी हैं। जहां उनके कारण संकरे रास्तों पर सुबह से शाम ट्रैफिक जाम की समस्या हो रही है।
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ऐसे ही रेलवे, वर्कशॉप, पुराना रादौर रोड जैसे मुख्य मार्गों व मीराबाई व खेड़ा बाजार जैसी मार्केट में दुकानदारों का फुटपाथ से लेकर सड़कों किनारे तक सामान अतिक्रमण के रूप में रखा है, जिस पर भी नगर निगम अफसरों का ध्यान नहीं जा रहा। यह हालात पैदल राहगीरों व वाहन चालकों के आने-जाने में बाधक बन रहे हैं।
इनेलो से वार्ड सात के निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज व वार्ड आठ से निवर्तमान पार्षद विनोद मरवाह का कहना है कि कि वेंडिंग जोन के लिए चुने गए स्थान सही नहीं है। कहीं नाले पर स्लैब डालकर तो कहीं नाले के साथ या सुनसान जगह पर यह वेंडिंग जोन बना दिए गए। इन स्थानों के चयन से पहले रेहड़ी वालों की भी सहमति नहीं ली गई। यही वजह है कि रेहड़ी वाले काम में मंदी के डर से वेंडिंग जोन में शिफ्ट नहीं होना चाहते हैं। इसी तालमेल की कमी में परियोजना पर खर्चे करोड़ों रुपये अभी तक बेकार साबित हुए हैं।
वेंडिंग जोन में रेहड़ियां शिफ्ट की जानी है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए हैं। जल्द कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।