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Yamuna Nagar News: बारिश के पानी में बहे जलनिकासी पर खर्च करोड़ों रुपये
Fri, 27 Sep 2024 08:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 27 Sep 2024 08:10 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। विधानसभा चुनाव के दौरान जहां प्रत्याशी लोगों का समर्थन जुटाने में लगे हैं। वहीं, लोग उनके वादों पर नहीं बल्कि अपनी समस्याओं पर चर्चा कर रहे हैं। लोग शहर की बड़ी समस्याओं और उसके निदान के लिए किए कार्यों पर अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं। शहरवासियों की जलनिकासी सबसे बड़ी समस्या में शामिल है। चूंकि इस समस्या के समाधान के लिए सरकार की ओर से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन यह घटने के बजाए और बढ़ गई है।
कुछ देरी की बारिश से ही शहर की गलियां, सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। वहीं, सीवरेज, नालियां व नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं और पानी सड़कों पर बहता है। निकासी के लिए 2018 में डिच ड्रेन निर्माण शुरू किया गया था, जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इस पर 15 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा शहर के तमाम नाले कवर कर दिए गए जिस पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन निकासी का मर्च ज्यों का त्यों बरकरार है। ऐसे में इसे लेकर शहरवासी बेहद खफा हैं, वहीं विपक्षी इसे चुनावी मुद्दा बना रहे हैं।
दशमेश कॉलोनी निवासी राजकुमार शाह ने बताया कि मामूली बारिश में उनकी गली गंदे नाले सी प्रतीत होती है। जलनिकासी उनकी सबसे बड़ी समस्या है। शिकायतों के बाद भी कोई समाधान नहीं किया गया है। बल्कि समाधान के नाम पर नालियां कवर कर दी गई। इससे लोगों की समस्या और ज्यादा बढ़ गई। पहले नालियां साफ हो जाती थी, लोग स्वयं भी सफाई कर देते थे। परंतु अब इनकी सफाई तक नहीं होती है।
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इनेलो नेता एवं निवर्तमान पार्षद विनोद मरवाह ने कहा कि शहर की व्यवस्था के लिए नगर निगम है। परंतु नगर निगम का सदन सत्ता दल की मन मुताबिक चलता रहा। दूसरे दलों के पार्षद इसका विरोध करते, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जहां आवश्यकता नहीं थी, वहां भी नालियां व नाले कवर कर दिए गए। सड़क के पानी की निकासी नहीं है। करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन सब पानी में बह गए।
भाजपा के बागी निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज ने कहा कि नगर निगम ने पार्षदों से बिना पूछे काम किए हैं। सत्ता पक्ष के पार्षद भी इससे तंग रहे। निकासी के लिए जो काम होने चाहिए थे, वह नहीं करवाए गए। निकासी के लिए शहर के लिए मास्टर प्लान की आवश्यकता है, जिस पर कभी चर्चा और मंत्रणा नहीं की गई। पॉश कॉलोनियों में भी यह समस्या है। निदान के नाम पर केवल जनता के धन की बर्बादी की गई है।
निवर्तमान मेयर मदन चौहान ने कहा कि अपने कार्यकाल में निष्पक्ष रूप से काम करवाए गए हैं। जल निकासी को लेकर करोड़ों रुपये के काम करवाए गए हैं। कई काम अभी भी चल रहे हैं, सभी काम होने पर लोगों को इसका असर देखने को मिलेगा। नालियां, नाले पक्के व कवर करवाने से लोगाें को लाभ हुआ है। यह लोगों की मांग पर काम करवाए गए हैं। गलियों में गंदगी कम हुई और अवरूद्ध होने की समस्या खत्म हो गई है।
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जगाधरी। विधानसभा चुनाव के दौरान जहां प्रत्याशी लोगों का समर्थन जुटाने में लगे हैं। वहीं, लोग उनके वादों पर नहीं बल्कि अपनी समस्याओं पर चर्चा कर रहे हैं। लोग शहर की बड़ी समस्याओं और उसके निदान के लिए किए कार्यों पर अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं। शहरवासियों की जलनिकासी सबसे बड़ी समस्या में शामिल है। चूंकि इस समस्या के समाधान के लिए सरकार की ओर से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन यह घटने के बजाए और बढ़ गई है।
कुछ देरी की बारिश से ही शहर की गलियां, सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। वहीं, सीवरेज, नालियां व नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं और पानी सड़कों पर बहता है। निकासी के लिए 2018 में डिच ड्रेन निर्माण शुरू किया गया था, जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इस पर 15 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा शहर के तमाम नाले कवर कर दिए गए जिस पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन निकासी का मर्च ज्यों का त्यों बरकरार है। ऐसे में इसे लेकर शहरवासी बेहद खफा हैं, वहीं विपक्षी इसे चुनावी मुद्दा बना रहे हैं।
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दशमेश कॉलोनी निवासी राजकुमार शाह ने बताया कि मामूली बारिश में उनकी गली गंदे नाले सी प्रतीत होती है। जलनिकासी उनकी सबसे बड़ी समस्या है। शिकायतों के बाद भी कोई समाधान नहीं किया गया है। बल्कि समाधान के नाम पर नालियां कवर कर दी गई। इससे लोगों की समस्या और ज्यादा बढ़ गई। पहले नालियां साफ हो जाती थी, लोग स्वयं भी सफाई कर देते थे। परंतु अब इनकी सफाई तक नहीं होती है।
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इनेलो नेता एवं निवर्तमान पार्षद विनोद मरवाह ने कहा कि शहर की व्यवस्था के लिए नगर निगम है। परंतु नगर निगम का सदन सत्ता दल की मन मुताबिक चलता रहा। दूसरे दलों के पार्षद इसका विरोध करते, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जहां आवश्यकता नहीं थी, वहां भी नालियां व नाले कवर कर दिए गए। सड़क के पानी की निकासी नहीं है। करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन सब पानी में बह गए।
भाजपा के बागी निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज ने कहा कि नगर निगम ने पार्षदों से बिना पूछे काम किए हैं। सत्ता पक्ष के पार्षद भी इससे तंग रहे। निकासी के लिए जो काम होने चाहिए थे, वह नहीं करवाए गए। निकासी के लिए शहर के लिए मास्टर प्लान की आवश्यकता है, जिस पर कभी चर्चा और मंत्रणा नहीं की गई। पॉश कॉलोनियों में भी यह समस्या है। निदान के नाम पर केवल जनता के धन की बर्बादी की गई है।
निवर्तमान मेयर मदन चौहान ने कहा कि अपने कार्यकाल में निष्पक्ष रूप से काम करवाए गए हैं। जल निकासी को लेकर करोड़ों रुपये के काम करवाए गए हैं। कई काम अभी भी चल रहे हैं, सभी काम होने पर लोगों को इसका असर देखने को मिलेगा। नालियां, नाले पक्के व कवर करवाने से लोगाें को लाभ हुआ है। यह लोगों की मांग पर काम करवाए गए हैं। गलियों में गंदगी कम हुई और अवरूद्ध होने की समस्या खत्म हो गई है।