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हत्या के तीन दोषियों को उम्रकैद

Wed, 30 Sep 2015 11:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर Updated Wed, 30 Sep 2015 11:31 PM IST
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रंजिश के चलते गांव तारूवाला निवासी ईश पाल की हत्या करने के तीन दोषियों को कोर्ट ने उम्रकैद तथा 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरिता गुप्ता की कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट में करीब दो साल चली सुनवाई के दौरान 20 लोगों की गवाही हुई।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरिता गुप्ता ने तेजबीर, कर्मबीर व लक्की को ईश पाल की हत्या का दोषी करार देते हुए भादंसं की धारा 302 में उन्हें उम्रकैद की सजा सुना दी।

सुघ के जंगल में मिली थी लाश : ईश पाल की लाश बुड़िया क्षेत्र के गांव फतेहपुर में सुघ के जंगल में गली सड़ी हालत में मिली थी।

उसकी पत्नी मीना देवी ने 25 सितंबर, 2013 को पुलिस को शिकयत दी थी। शिकायत में बताया था 22 सितंबर को ईश पाल किसी काम से छछरौली गया था लेकिन लौटा नहीं। मीना के अनुसार इस दौरान रात को नौ बजे ईश पाल ने फोन कर बताया था कि वह छछरौली स्थित एक मीट की दुकान पर है और आधे घंटे तक घर पहुंच जाएगा।
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मीना ने जब रात दस बजे ईश पाल को फोन किया तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बुड़िया क्षेत्र के गांव फतेहपुर में सुघ के जंगल में एक लाश गली सड़ी हालत में पड़ी है।
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पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। जहां पर ईश पाल के बड़े भाई अमरजीत व पिता राम सिंह ने मौके पर मिले और उन्होंने शव की शिनाख्त की।

पुलिस को दिए ब्यान में उन्होंने कहा कि पुरानी रंजिश के चलते बिलासपुर निवासी तेजबीर, मधु कॉलोनी मुंडा माजरा निवासी लक्की तथा छछरौली निवासी कर्मबीर ने ईश पाल की हत्या कर शव को खुर्दबुर्द करने के लिहाज से झाड़ों में फेंक दिया है। पुलिस ने अपहरण के केस में भादंसं की धारा 302,201 व 34 को जोड़ दिया तथा पीजीआई रोहतक में
शव का पोस्टमार्टम करवाया।

शराब पिलाकर की थी हत्या : पुलिस ने 26 सितंबर को कर्मबीर तथा लक्की को काबू कर लिया। पूछताछ के दौरान कर्मबीर ने पुलिस को बताया कि उसने वर्ष 2006 से 2008 तक बिलासपुर निवासी तेजबीर की छछरौली स्थित मीट की दुकान पर नौकरी की।

जहां पर तेजबीर के चाचा का लड़का लक्की भी काम करता था। उसने तेजबीर से 22 हजार रुपये उधार लिए जिन्हें वह वापस नहीं कर पाया। तेजबीर ने उसे रुपये न देने के एवज में एक काम करने को कहा और साथ ही 50 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया।

कर्मबीर के मुताबिक 22 सितंबर, 2013 को ईश पाल ने तेजबीर के खोखे की जगह का स्टे लिया हुआ था जिसके एवज में वह उससे एक लाख रुपये की मांग कर रहा था। तेजबीर ने मीट की दुकान पर ईश पाल को शराब पिलाई। घर छोड़ने के बहाने रात को आठ बजे लक्की व उसने, ईशपाल को कार में बिठा लिया। इसके उपरांत वे ईश पाल को सुघ के जंगल में ले गए।


किसी बहाने से उन्होंने ईश पाल को कार से नीचे उतारा और रस्सी से उसका गला घोंट दिया। जब वह बेहोश होकर नीचे गिर गया, तो लक्की ने लोहे की रॉड से उस पर हमला बोल दिया। इसके बाद वे शव को झाड़ियों फेंक दिया।
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