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रक्तदान के बहाने निकाल ली किडनी, कमजोरी पर कराई जांच तो खुला भेद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jul 2016 12:45 AM IST
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मजदूर ने अमृतसर के डाक्टर पर लगाया किडनी निकालने का आरोप
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डेरी संचालक व एक डॉक्टर पर मजदूर ने धोखे से किडनी निकालने का आरोप जड़ा है। एसपी को दी शिकायत में मजदूर ने कहा कि उसे रक्तदान के बहाने अमृतसर में डॉक्टर के क्लीनिक ले जाया गया। इस दौरान उसे इंजेक्शन देकर बेसुध किया गया। मजदूर ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। एसपी ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है।
बिहार के मोतीहारी निवासी मैनयूदीन ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि करीब 17 साल पहले वह राजस्थान में मजदूरी करता था। इस दौरान वह काम की खोज में अमृतसर आया तो एक व्यक्ति उसे काम दिलवाने के बहाने एक डॉक्टर के पास ले गया। डॉक्टर ने उसका चेकअप करने के बाद उसे एक अन्य व्यक्ति से मिलवाया जो कि यमुनानगर का रहने वाला था। वह व्यक्ति उसे अपने साथ यमुनानगर ले आया और अपनी डेरी में काम पर रख लिया। कुछ महीने काम करने के बाद डेरी संचालक यह कहकर उसे अपने साथ अमृतसर ले गया कि थोड़ा खून दान करना है। मैनयूदीन ने बताया अमृतसर के एक अस्पताल में उसका फिर चेकअप किया गया और उसे इंजेक्शन देकर बेहोश कर दिया गया। इसके बाद उसे काफी समय तक होश नहीं आया। बाद में डेरी संचालक उसे अपने साथ यमुनानगर ले आया। मैनयूदीन ने बताया अस्पताल से आने के बाद उसकी तबीयत खराब रहने लगी। उसे कई बार चक्कर आए। उसने अपने मालिक डेरी संचालक को यह बात बताई तो उसने कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है, तुम्हें कमजोरी है।
तबीयत बिगड़ी तो खुला किडनी का राज
डेरी संचालक ने मैनयूदीन को कुछ रुपये देकर घर भेज दिया। वह यहां से राजस्थान चला गया और वहां मजदूरी करने लगा। लेकिन वह जब भी मेहनत वाला काम करता तो उसकी तबीयत खराब हो जाती। मैनयूदीन ने बताया कि कुछ महीने पहले राजस्थान के बहरोड़ में सरकारी अस्पताल में डाक्टर को दिखाया, तो जांच के बाद उसे बताया गया कि उसके शरीर में एक ही किडनी है। मैनयूदीन का आरोप है कि डेरी संचालक ने अमृतसर के डाक्टर के साथ मिलकर धोखे से उसकी किडनी निकाली है।
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अब तो पहचानने से भी किया इंकार
मैनयूदीन ने बताया कि अमृतसर जाकर उसने डीसी को डाक्टर के खिलाफ शिकायत दी। इसके बाद वह यमुनानगर में डेरी संचालक के पास गया। आरोप है कि उसने उसे पहचानने से इंकार कर दिया। मैनयूदीन के मुताबिक डेरी संचालक की पत्नी की किडनी खराब थी। इसलिए उसने डाक्टर के साथ मिलकर धोखे से उसकी किडनी निकाल ली। मैनयूदीन ने बताया कि उसके पांच बच्चे हैं, जो राजस्थान में हैं। किडनी निकले जाने के बाद से वह मेहनत का काम नहीं कर पा रहा है। उसके परिवार के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
डाक्टर पर दर्ज हुआ था मामला-
बताया जा रहा है मैनयूदीन अमृतसर के जिस डाक्टर के खिलाफ उसकी किडनी निकालने का आरोप लगा रहा है। उस पर करीब 15-16 साल पहले लोगों की धोखे से किडनी निकालने का आरोप लगा था, जिसके बाद उसके खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था।
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बिहार के मोतीहारी निवासी मैनयूदीन ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि करीब 17 साल पहले वह राजस्थान में मजदूरी करता था। इस दौरान वह काम की खोज में अमृतसर आया तो एक व्यक्ति उसे काम दिलवाने के बहाने एक डॉक्टर के पास ले गया। डॉक्टर ने उसका चेकअप करने के बाद उसे एक अन्य व्यक्ति से मिलवाया जो कि यमुनानगर का रहने वाला था। वह व्यक्ति उसे अपने साथ यमुनानगर ले आया और अपनी डेरी में काम पर रख लिया। कुछ महीने काम करने के बाद डेरी संचालक यह कहकर उसे अपने साथ अमृतसर ले गया कि थोड़ा खून दान करना है। मैनयूदीन ने बताया अमृतसर के एक अस्पताल में उसका फिर चेकअप किया गया और उसे इंजेक्शन देकर बेहोश कर दिया गया। इसके बाद उसे काफी समय तक होश नहीं आया। बाद में डेरी संचालक उसे अपने साथ यमुनानगर ले आया। मैनयूदीन ने बताया अस्पताल से आने के बाद उसकी तबीयत खराब रहने लगी। उसे कई बार चक्कर आए। उसने अपने मालिक डेरी संचालक को यह बात बताई तो उसने कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है, तुम्हें कमजोरी है।
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तबीयत बिगड़ी तो खुला किडनी का राज
डेरी संचालक ने मैनयूदीन को कुछ रुपये देकर घर भेज दिया। वह यहां से राजस्थान चला गया और वहां मजदूरी करने लगा। लेकिन वह जब भी मेहनत वाला काम करता तो उसकी तबीयत खराब हो जाती। मैनयूदीन ने बताया कि कुछ महीने पहले राजस्थान के बहरोड़ में सरकारी अस्पताल में डाक्टर को दिखाया, तो जांच के बाद उसे बताया गया कि उसके शरीर में एक ही किडनी है। मैनयूदीन का आरोप है कि डेरी संचालक ने अमृतसर के डाक्टर के साथ मिलकर धोखे से उसकी किडनी निकाली है।
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अब तो पहचानने से भी किया इंकार
मैनयूदीन ने बताया कि अमृतसर जाकर उसने डीसी को डाक्टर के खिलाफ शिकायत दी। इसके बाद वह यमुनानगर में डेरी संचालक के पास गया। आरोप है कि उसने उसे पहचानने से इंकार कर दिया। मैनयूदीन के मुताबिक डेरी संचालक की पत्नी की किडनी खराब थी। इसलिए उसने डाक्टर के साथ मिलकर धोखे से उसकी किडनी निकाल ली। मैनयूदीन ने बताया कि उसके पांच बच्चे हैं, जो राजस्थान में हैं। किडनी निकले जाने के बाद से वह मेहनत का काम नहीं कर पा रहा है। उसके परिवार के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
डाक्टर पर दर्ज हुआ था मामला-
बताया जा रहा है मैनयूदीन अमृतसर के जिस डाक्टर के खिलाफ उसकी किडनी निकालने का आरोप लगा रहा है। उस पर करीब 15-16 साल पहले लोगों की धोखे से किडनी निकालने का आरोप लगा था, जिसके बाद उसके खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था।