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ग्रामीणों ने डीडीपीओ का पकड़ा गला, महिला कांस्टेबल को पीटा
ब्यूरो/अमर उजाला/ यमुनानगर
Updated Wed, 23 Nov 2016 12:13 AM IST
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पानीपत
- फोटो : bureau
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गांव सुढैल में घरों के बाहर बिजली के मीटर लगाने को लेकर पुलिस और ग्रामीणों में भिड़ंत हो गई। ग्रामीणों ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट डीडीपीओ गगनदीप सिंह का गला पकड़ लिया। एक महिला ने महिला कांस्टेबल को थप्पड़ जड़ दिया। टीम मीटर बाहर लगाने के लिए गांव पहुंची तो ग्रामीण घरों को अंदर से बंद कर अंदर छिप गए।
पुलिस कर्मी दीवारें फांद कर घरों के अंदर गए और घरों के दरवाजे खोलकर मीटर उतरवाने शुरू कर दिए। इस पर ग्रामीण भड़क गए। मामले में पुलिस ने भाकियू के प्रदेश संगठन सचिव सहित चार लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने आदि धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
अपना गांव, जगमग गांव योजना का गांव सुढैल में बिजली के मीटर घरों से बाहर पोल पर लगाने के लिए कुछ माह पहले भी जोरदार विरोध हुआ था। उस समय मामला शांत हो गया था। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए डीसी ने अधिकारियों के साथ मीटिंग कर मीटर बाहर लगाने की योजना बनाई थी।
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योजना के तहत डीडीपीओ गगनदीप सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। मंगलवार सुबह डीडीपीओ गगनदीप, बिजली निगम के एसई आरके खन्ना, एक्सईएन जगाधरी संजीव गुप्ता आदि अधिकारी गांव सुढैल पहुंचे। डीएसपी आदर्शदीप सिंह, थाना फर्कपुर प्रभारी राजीव मिगलानी भी पुलिस बल के साथ थे।
सुरक्षा के लिए करीब 100 पुलिसकर्मी थे। प्रशासनिक टीम के पहुंचने की भनक ग्रामीणों को लगी तो उन्होेंने अपने घरों के गेट अंदर से बंद कर लिए। लोगों ने बिजली कर्मचारियों को अंदर नहीं घुसने दिया। इस पर पुलिसकर्मी और बिजली कर्मचारी ऊपर से घरों में घुसे और मीटर बाहर लगाने शुरू कर दिए।
कर्मचारियों ने एक-दो घरों के मीटर बाहर लगाना शुरू ही किया था कि भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव हरपाल सुढैल, कृष्ण, अमरजीत उर्फ मोटा आदि पहुंच गए। डीडीपीओ गननदीप ने उनसे पीछे हटने को कहा। इस पर विरोध कर रहे लोगों ने डीडीपीओ का गला पकड़ लिया।
पुलिस ने डीडीपीओ को छुड़वाया और सभी को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि इस दौरान एक महिला ने महिला कांस्टेबल निशा को थप्पड़ जड़ दिया। महिला पुलिस कांस्टेबल पर हाथ उठाने के आरोप में पुलिस ने गांव की वीरवती और उसकी बेटी को भी हिरासत में ले लिया।
इसके बाद गांव के किसी व्यक्ति ने मीटर बाहर लगाने का विरोध नहीं किया। जो लोग गेट नहीं खोल रहे थे, उन्हें गेट तोड़ने की चेतावनी दी गई। इसके बाद लोगों ने गेट खोल दिए। देर शाम तक पुलिस गांव में डटी हुई थी।
ग्रामीण बोले, चोरों की तरह घरों में घुसी पुलिस
ग्रामीणों का आरोप है कि हमारे घरों में पुलिस चोरों की तरह घुसी। इसका उन्होंने विरोध किया था। ग्रामीण ने कहा कि पहले पकड़े गए ग्रामीणों को छोड़ा जाए, तब वे घरों के बाहर बिजली के मीटर लगवाएंगे।
पहले भी हो चुका है हंगामा
गांव सुढैल में बिजली मीटर का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले इसी साल मई में विद्युत अधिकारी जब गांव में बिजली के मीटर बाहर लगाने गए थे तो उस समय हंगामा हुआ था। उस समय अधिकारी लौट गए थे। इसी मामले में ग्रामीणों ने जगाधरी वर्कशाप रोड पर जाम भी लगा दिया था।
ग्रामीणों के साथ पुलिस की हाथापाई हुई थी। कई दिनों तक यह विवाद चला था। अब फिर ऐसा हो गया।
तीन दिन पहले बनाई थी रूपरेखा
सुढैल गांव में घरों के बाहर मीटर लगाने की रूपरेखा तीन दिन पहले ही तैयार कर ली गई थी। उस वक्त मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डीसी डॉ. एसएस फूलिया और बिजली निगम के एसई आरके खन्ना के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग की थी। अधिकारियों ने सुढैल में मीटर बाहर लगाने की प्लानिंग सोमवार शाम को ही कर ली थी। इसके तहत मंगलवार सुबह कार्रवाई शुरू की गई।
गांव सुढैल में हुई झड़प की शिकायत पुलिस से की गई है। इसके तहत कुछ लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया है। मीटर लगने का काम भी जारी है। करीब 70 मीटर घरों से बाहर लगाए जाने थे। इनमें से कुछ के तो लगा दिए हैं। जो मीटर रह गए हैं, उन्हें भी जल्द बिजली के पोलों पर लगा दिया जाएगा।
- गगनदीप सिंह, डीडीपीओ और ड्यूटी मजिस्ट्रेट।
सुढैल में हुई झड़प के मामले में डीडीपीओ की शिकायत पर भाकियू के प्रदेश संगठन सचिव हरपाल सिंह, कृष्ण लाल, कृष्ण पाल, अमरजीत, वीरवती और एक अन्य महिला के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने सहित विभिन्न धाराओं मेेें केस दर्जकर लिया है। सभी को हिरासत में ले लिया गया है। इस मामले में कार्रवाई की जा रही है।
- राजीव मिगलानी, एसएचओ, थाना फर्कपुर।
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पुलिस कर्मी दीवारें फांद कर घरों के अंदर गए और घरों के दरवाजे खोलकर मीटर उतरवाने शुरू कर दिए। इस पर ग्रामीण भड़क गए। मामले में पुलिस ने भाकियू के प्रदेश संगठन सचिव सहित चार लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने आदि धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
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अपना गांव, जगमग गांव योजना का गांव सुढैल में बिजली के मीटर घरों से बाहर पोल पर लगाने के लिए कुछ माह पहले भी जोरदार विरोध हुआ था। उस समय मामला शांत हो गया था। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए डीसी ने अधिकारियों के साथ मीटिंग कर मीटर बाहर लगाने की योजना बनाई थी।
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योजना के तहत डीडीपीओ गगनदीप सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। मंगलवार सुबह डीडीपीओ गगनदीप, बिजली निगम के एसई आरके खन्ना, एक्सईएन जगाधरी संजीव गुप्ता आदि अधिकारी गांव सुढैल पहुंचे। डीएसपी आदर्शदीप सिंह, थाना फर्कपुर प्रभारी राजीव मिगलानी भी पुलिस बल के साथ थे।
सुरक्षा के लिए करीब 100 पुलिसकर्मी थे। प्रशासनिक टीम के पहुंचने की भनक ग्रामीणों को लगी तो उन्होेंने अपने घरों के गेट अंदर से बंद कर लिए। लोगों ने बिजली कर्मचारियों को अंदर नहीं घुसने दिया। इस पर पुलिसकर्मी और बिजली कर्मचारी ऊपर से घरों में घुसे और मीटर बाहर लगाने शुरू कर दिए।
कर्मचारियों ने एक-दो घरों के मीटर बाहर लगाना शुरू ही किया था कि भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव हरपाल सुढैल, कृष्ण, अमरजीत उर्फ मोटा आदि पहुंच गए। डीडीपीओ गननदीप ने उनसे पीछे हटने को कहा। इस पर विरोध कर रहे लोगों ने डीडीपीओ का गला पकड़ लिया।
पुलिस ने डीडीपीओ को छुड़वाया और सभी को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि इस दौरान एक महिला ने महिला कांस्टेबल निशा को थप्पड़ जड़ दिया। महिला पुलिस कांस्टेबल पर हाथ उठाने के आरोप में पुलिस ने गांव की वीरवती और उसकी बेटी को भी हिरासत में ले लिया।
इसके बाद गांव के किसी व्यक्ति ने मीटर बाहर लगाने का विरोध नहीं किया। जो लोग गेट नहीं खोल रहे थे, उन्हें गेट तोड़ने की चेतावनी दी गई। इसके बाद लोगों ने गेट खोल दिए। देर शाम तक पुलिस गांव में डटी हुई थी।
ग्रामीण बोले, चोरों की तरह घरों में घुसी पुलिस
ग्रामीणों का आरोप है कि हमारे घरों में पुलिस चोरों की तरह घुसी। इसका उन्होंने विरोध किया था। ग्रामीण ने कहा कि पहले पकड़े गए ग्रामीणों को छोड़ा जाए, तब वे घरों के बाहर बिजली के मीटर लगवाएंगे।
पहले भी हो चुका है हंगामा
गांव सुढैल में बिजली मीटर का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले इसी साल मई में विद्युत अधिकारी जब गांव में बिजली के मीटर बाहर लगाने गए थे तो उस समय हंगामा हुआ था। उस समय अधिकारी लौट गए थे। इसी मामले में ग्रामीणों ने जगाधरी वर्कशाप रोड पर जाम भी लगा दिया था।
ग्रामीणों के साथ पुलिस की हाथापाई हुई थी। कई दिनों तक यह विवाद चला था। अब फिर ऐसा हो गया।
तीन दिन पहले बनाई थी रूपरेखा
सुढैल गांव में घरों के बाहर मीटर लगाने की रूपरेखा तीन दिन पहले ही तैयार कर ली गई थी। उस वक्त मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डीसी डॉ. एसएस फूलिया और बिजली निगम के एसई आरके खन्ना के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग की थी। अधिकारियों ने सुढैल में मीटर बाहर लगाने की प्लानिंग सोमवार शाम को ही कर ली थी। इसके तहत मंगलवार सुबह कार्रवाई शुरू की गई।
गांव सुढैल में हुई झड़प की शिकायत पुलिस से की गई है। इसके तहत कुछ लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया है। मीटर लगने का काम भी जारी है। करीब 70 मीटर घरों से बाहर लगाए जाने थे। इनमें से कुछ के तो लगा दिए हैं। जो मीटर रह गए हैं, उन्हें भी जल्द बिजली के पोलों पर लगा दिया जाएगा।
- गगनदीप सिंह, डीडीपीओ और ड्यूटी मजिस्ट्रेट।
सुढैल में हुई झड़प के मामले में डीडीपीओ की शिकायत पर भाकियू के प्रदेश संगठन सचिव हरपाल सिंह, कृष्ण लाल, कृष्ण पाल, अमरजीत, वीरवती और एक अन्य महिला के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने सहित विभिन्न धाराओं मेेें केस दर्जकर लिया है। सभी को हिरासत में ले लिया गया है। इस मामले में कार्रवाई की जा रही है।
- राजीव मिगलानी, एसएचओ, थाना फर्कपुर।