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बारिश और ओलावृष्टि से मंडी में भीगा किसानों का पीला सोना
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
Updated Sun, 23 Apr 2017 12:06 AM IST
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शुक्रवार देर रात हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि से बिलासपुर और रणजीपुर अनाज मंडी में खले असामान के नीचे रखा किसानों का सैकड़ों क्विंटल गेहूं (पीला सोना) भीग गया। सबसे अधिक नुकसान घाड़ क्षेत्र में रणजीतपुर बस स्टैंड के समीप बनी अनाजमंडी में हुआ, जहां शेड न होने से बारिश से गेहूं पूरी तरह भीग गया। देर रात करीब साढ़े तीन बजे बरसात के साथ चली आंधी के बीच हुई ओलावृष्टि में किसानों को गेहूं को भीगने से बचाने का मौका नहीं मिला। जबकि कुछ किसानों ने तिरपाल की मदद से गेहूं को बचाने का प्रयास किया।
गांव जैतपुर के किसान रामधन, सतपाल ने कहा कि वह शकुवार देर शाम ट्रॉली में गेहूं लोड़ कर उसे मंडी में बचने आए थे, लेकिन रात को उनका नंबर नहीं आने पर वह रात को ट्रॉली के साथ मंडी में ही रुक गए, लेकिन आधी रात करीब साढ़े तीन बजे तेज बारिश व आंधी के साथ गिरे ओलों ने गेहूं को बचाने का मौका नहीं दिया। उन्होंने बारिश से गेहूं को बचाने के लिए अपनी ट्रॉली पर तिरपाल लगाने का प्रयास किया, लेकिन तेज आंधी ने सबकुछ तहस-नहस कर दिया।
वेयर हाउस द्वारा खरीदा गया गेहूं भी भीगा:
बिलासपुर में वेयर हाउस की ओर से खरीद करके मंडी में खुले में लगाए गेहूं के सैकड़ों गेहूं के कट्टे बारिश से भीग गए। इसकी न तो किसानों को चिंता रही और न आढ़तियों को, चूंकि देर शाम तक किसानों का आढ़तियों के माध्यम से खरीदा जाने वाला अनाज मंडी में शेड में जगह न होने के कारण खुले आसमान के नीचे पड़ा रहता है। मंडी में बने शेड व मंडी के बाहर फडों पर हजारों की संख्या में गेहूं के कट्टे खुले आसमान के नीचे लगे होने से भीग गए। मार्केट कमेटी के सचिव का कहना है पानी निकासी की समस्या बारे पहले से ही संबधित विभाग के अधिकारियों को अवगत करवा दिया था। अनाज मंडी में सीवरेज बनने के बावजूद पानी निकासी नहीं होती। बिलासपुर अनाज मंडी में सीवरेज बनने के बावजूद हल्की-सी बूंदाबादी होने के पश्चात मंडी के गेट नंबर दो पर एक से दो फुट पानी भर जाता है। इससे कारण किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए आने में परेशानी होती है।
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मंडी में वर्षों से निकासी की समस्या, हर बार मिलता आश्वासन:
मंडी प्रधान दलजीत सिंह बाजवा ने कहा कि मंड़ी में कई वर्षों से निकासी की समस्या है। आज भी उन्होंने गेहूं के कट्टे भीगने की सूचना मार्केट कमेटी चेयरमैन व सचिव को दी। मार्केट कमेटी चेयरमेन ने उन्हें आश्वासन दिया कि सीजन बंद होने के बाद मंडी में पानी निकासी का प्रंबंध करवा दिया जाएगा। बारिश के मौसम में भी बारिश का पानी मंडी में रखी आढ़तियों के अनाज के स्टाक को बर्बाद कर देता है। हर बार सीजन के बाद समस्या का समाधान करने का आश्वासन दे दिया जाता है। अब बिलासपुर मंड़ी में सैकड़ों से भी ज्यादा गेहूं के कट्टे वेयर हाउस द्वारा खरीद कर खुले आसमान के नीचे लगाए हुए हैं, इनकी जिम्मेदारी किसकी बनती है।
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गांव जैतपुर के किसान रामधन, सतपाल ने कहा कि वह शकुवार देर शाम ट्रॉली में गेहूं लोड़ कर उसे मंडी में बचने आए थे, लेकिन रात को उनका नंबर नहीं आने पर वह रात को ट्रॉली के साथ मंडी में ही रुक गए, लेकिन आधी रात करीब साढ़े तीन बजे तेज बारिश व आंधी के साथ गिरे ओलों ने गेहूं को बचाने का मौका नहीं दिया। उन्होंने बारिश से गेहूं को बचाने के लिए अपनी ट्रॉली पर तिरपाल लगाने का प्रयास किया, लेकिन तेज आंधी ने सबकुछ तहस-नहस कर दिया।
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वेयर हाउस द्वारा खरीदा गया गेहूं भी भीगा:
बिलासपुर में वेयर हाउस की ओर से खरीद करके मंडी में खुले में लगाए गेहूं के सैकड़ों गेहूं के कट्टे बारिश से भीग गए। इसकी न तो किसानों को चिंता रही और न आढ़तियों को, चूंकि देर शाम तक किसानों का आढ़तियों के माध्यम से खरीदा जाने वाला अनाज मंडी में शेड में जगह न होने के कारण खुले आसमान के नीचे पड़ा रहता है। मंडी में बने शेड व मंडी के बाहर फडों पर हजारों की संख्या में गेहूं के कट्टे खुले आसमान के नीचे लगे होने से भीग गए। मार्केट कमेटी के सचिव का कहना है पानी निकासी की समस्या बारे पहले से ही संबधित विभाग के अधिकारियों को अवगत करवा दिया था। अनाज मंडी में सीवरेज बनने के बावजूद पानी निकासी नहीं होती। बिलासपुर अनाज मंडी में सीवरेज बनने के बावजूद हल्की-सी बूंदाबादी होने के पश्चात मंडी के गेट नंबर दो पर एक से दो फुट पानी भर जाता है। इससे कारण किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए आने में परेशानी होती है।
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मंडी में वर्षों से निकासी की समस्या, हर बार मिलता आश्वासन:
मंडी प्रधान दलजीत सिंह बाजवा ने कहा कि मंड़ी में कई वर्षों से निकासी की समस्या है। आज भी उन्होंने गेहूं के कट्टे भीगने की सूचना मार्केट कमेटी चेयरमैन व सचिव को दी। मार्केट कमेटी चेयरमेन ने उन्हें आश्वासन दिया कि सीजन बंद होने के बाद मंडी में पानी निकासी का प्रंबंध करवा दिया जाएगा। बारिश के मौसम में भी बारिश का पानी मंडी में रखी आढ़तियों के अनाज के स्टाक को बर्बाद कर देता है। हर बार सीजन के बाद समस्या का समाधान करने का आश्वासन दे दिया जाता है। अब बिलासपुर मंड़ी में सैकड़ों से भी ज्यादा गेहूं के कट्टे वेयर हाउस द्वारा खरीद कर खुले आसमान के नीचे लगाए हुए हैं, इनकी जिम्मेदारी किसकी बनती है।