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तीन सौ रुपये की पुड़िया, तीन दिन में शुगर ठीक करने का दावा
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
Updated Sat, 12 Sep 2015 12:00 AM IST
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस की मदद से एक फर्जी डॉक्टर को शुगर की दवा बेचते हुए पकड़ा है। यह फर्जी डॉक्टर करनाल का बताया जा रहा है। डॉक्टर ने शिव मंदिर धर्मशाला रादौर में तीन दिन से कैंप लगाया हुआ था। वह शुगर के मरीजों को तीन सौ रुपये में तीन पुड़िया देता था और तीन दिन में बीमारी ठीक होने का दावा करता था। पुलिस ने फर्जी डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है और दवा को कब्जे में लेकर जांच के लिए लैब भेज दिया है।
रादौर के सरकारी अस्पताल को किसी ने सूचना दी थी कि रादौर में एक फर्जी डॉक्टर द्वारा कैंप लगाकर शुगर की दवा बेची जा रही है। इसके लिए वह बाकायदा रादौर व आसपास के गांव में मुनादी करवाकर शुगर की बीमारी दूर करने का दावा कर रहा है। वह शुगर के मरीजों को तीन सौ रुपये में तीन पुड़िया देता है और तीन दिन में बीमारी ठीक होने का दावा कर रहा है।
अस्पताल ने इसकी सूचना सीएमओ को दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को रादौर पुलिस के साथ मिलकर कैंप में छापामारी की। इस दौरान कैंप में बेची जा रही दवा और अन्य सामान को जब्त कर लिया। रादौर पुलिस कैंप लगाने वाले फर्जी डॉक्टर और सामान को अपने साथ थाने ले गई। बाद में स्वास्थ्य विभाग ने बिना डिग्री और बिना सिविल सर्जन की अनुमति के कैंप लगाने पर रादौर पुलिस को लिखित में शिकायत दी।ग
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कैंप में छापामारी के लिए रादौर सरकारी अस्पताल के डॉ. विजय परमार कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने धर्मशाला में कैंप लगाने वाले कथित डॉक्टर से कैंप लगाने की अनुमति व डॉक्टर की डिग्री दिखाने को कहा तो वह घबरा गया। कुछ देर बार बाद उसने अपने बेटे के बीएमएस के प्रमाणपत्र स्वास्थ्य विभाग की टीम को दिखाने शुरू कर दिए। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि बिना अनुमति कैंप लगाना व बिना डिग्री के दवा देना गैर कानूनी है। टीम ने दवाओं को कब्जे में ले लिया है और पुलिस ने फर्जी डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है।
सीएमओ के आदेश पर थाना रादौर में लिखित शिकायत दे दी गई है। कैंप में बेची जा रही दवाओं की प्रयोगशाला में जांच करवाने के लिए पुलिस को लिखा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर विजय परमार, रादौर सरकारी अस्पताल
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रादौर के सरकारी अस्पताल को किसी ने सूचना दी थी कि रादौर में एक फर्जी डॉक्टर द्वारा कैंप लगाकर शुगर की दवा बेची जा रही है। इसके लिए वह बाकायदा रादौर व आसपास के गांव में मुनादी करवाकर शुगर की बीमारी दूर करने का दावा कर रहा है। वह शुगर के मरीजों को तीन सौ रुपये में तीन पुड़िया देता है और तीन दिन में बीमारी ठीक होने का दावा कर रहा है।
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अस्पताल ने इसकी सूचना सीएमओ को दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को रादौर पुलिस के साथ मिलकर कैंप में छापामारी की। इस दौरान कैंप में बेची जा रही दवा और अन्य सामान को जब्त कर लिया। रादौर पुलिस कैंप लगाने वाले फर्जी डॉक्टर और सामान को अपने साथ थाने ले गई। बाद में स्वास्थ्य विभाग ने बिना डिग्री और बिना सिविल सर्जन की अनुमति के कैंप लगाने पर रादौर पुलिस को लिखित में शिकायत दी।ग
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कैंप में छापामारी के लिए रादौर सरकारी अस्पताल के डॉ. विजय परमार कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने धर्मशाला में कैंप लगाने वाले कथित डॉक्टर से कैंप लगाने की अनुमति व डॉक्टर की डिग्री दिखाने को कहा तो वह घबरा गया। कुछ देर बार बाद उसने अपने बेटे के बीएमएस के प्रमाणपत्र स्वास्थ्य विभाग की टीम को दिखाने शुरू कर दिए। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि बिना अनुमति कैंप लगाना व बिना डिग्री के दवा देना गैर कानूनी है। टीम ने दवाओं को कब्जे में ले लिया है और पुलिस ने फर्जी डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है।
सीएमओ के आदेश पर थाना रादौर में लिखित शिकायत दे दी गई है। कैंप में बेची जा रही दवाओं की प्रयोगशाला में जांच करवाने के लिए पुलिस को लिखा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर विजय परमार, रादौर सरकारी अस्पताल