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बैंक कैशियर ने बताया पासवर्ड, नकली सिख बन निकाली रकम
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
Updated Fri, 04 Sep 2015 12:07 AM IST
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साढौरा के एसबीआई के एटीएम से बेहद गोपनीय पासवर्ड का इस्तेमाल कर 12,74,000 रुपये निकालने के मामले का सीआईए ने 72 घंटों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। इस चोरी को इसी बैंक के कैशियर ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। आरोपियों में एक जगाधरी के बैंक में कैशियर है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। आरोपियों ने इस चोरी को अपने महंगे शौक को पूरा करने के लिए अंजाम दिया।
डीएसपी बिलासपुर ने वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि एसबीआई साढौरा ब्रांच के कैशियर अजय कुमार और एसबीआई जगाधरी ब्रांच के कैशियर आशु ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। इसमें उनका साथ आशु के मौसी के लड़के चंद्रमोहन ने दिया।
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अजय को एटीएम का पासवर्ड पता था। उसने चंद्रमोहन को पासवर्ड बताया। चंद्रमोहन ने सिर पर पगड़ी बांधी और नकली सिख बनकर एटीएम कक्ष में गया। पासवर्ड पता होने के बावजूद वह पहली बार में एटीएम नहीं खोल पाया। इसके बाद वह तीन बार एटीएम कक्ष के बाहर और अंदर आया और अजय से एटीएम को खोलने के लिए दिशा-निर्देश लेता रहा।
तीसरी बार अंदर आने के बाद चंद्रमोहन ने एटीएम कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरे को रुमाल से ढक दिया। एटीएम खोलने के बाद चंद्रमोहन ने उसमें रखे 12,74, 800 रुपये निकाले और रकम बैग में डालकर बाहर निकल गया।
बिना दाढी-मूंछ के सिख को देखकर हुआ शक
पुलिस को शुरू से ही इसमें बैंक के किसी कर्मचारी की मिलीभगत होने का शक था। पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज चेक की तो सिख के वेश में एटीएम कक्ष में घुसे चंद्रमोहन के चेहरे पर दाढी-मूंछ न होने पर पुलिस को उस पर शक हुआ। चोरी की घटना के बाद पुलिस ने बैंक के सभी कर्मचारियों से पूछताछ की। इस दौरान पुलिस को अजय पर शक हुआ। अजय की निगरानी और फिर गहनता से पूछताछ के बाद अजय पर शक और भी गहरा गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया।
महंगे शौक के लिए चोरी का बनाया प्लान
पुलिस के अनुसार अजय और आशु आपस में दोस्त हैं। दोनों को ही महंगे शौक हैं। अय्याशी के कारण इनका तनख्वाह से गुजारा नहीं हो रहा था। उधर, चंद्रमोहन को भी पैसों की जरूरत थी। 12 सितंबर को अजय का जन्मदिन है। उसने इस दिन के लिए बैंकाक से कॉलगर्ल भी बुलवाई थी। आशु अंबाला के हुडा सेक्टर-19 का का रहने वाला है। अपने महंगे शौक को पूरा करने के लिए अजय और आशु ने एटीएम से चोरी का प्लान बनाया।
यह है मामला
30 अगस्त को एक बजे एसबीआई शाखा साढौरा के प्रबंधक बलिंद्र कुमार ने साढौरा पुलिस को सूचना किया कि उनके बैंक के एटीएम से लगभग 12,91, 800 रुपये की नकदी गायब है। एसएचओ निर्मल सिंह अन्य पुलिस कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। जांच में पाया गया कि एटीएम से कोई तोड़फोड़ नहीं हुई है। एटीएम के कमरे में लगा कैमरा गायब है। जांच में पता चला था कि बैंक के एटीएम से पैसे 29 अगस्त को निकाले जा चुके थे। मगर इसकी जानकारी अगले दिन ही मिल सकी। घटना के समय बैंक मैनेजर रक्षाबंधन के अवकाश पर थे। उनकी अनुपस्थिति में बैंक के डिप्टी मैनेजर पवन कुमार बैंक का कामकाज देख रहे थे। 29 अगस्त को ही बैंक के इस एटीएम में छह लाख की नकदी डाली गई थी। जबकि इस एटीएम में पहले से ही लगभग सात लाख रुपये रखे हुए थे। तब मशीन में कुल राशि 12,91,800 रुपये हो गए थे। चोरों द्वारा एटीएम से 12,74,800 रुपये निकाल लेने के बाद मशीन में मात्र 17 हजार रुपये की राशि शेष बची थी।
कैमरे से मिला था चोरी का सुराग
एटीएम में लगे कैमरे से चोरी का सुराग पुलिस के हाथ लगा। उससे मामला साफ होता नजर आया। एटीएम की फुटेज में पगड़ी धारी एक सिख युवक 29 अगस्त को पहली बार दो बजकर तीस मिनट पर एटीएम में प्रवेश करता है तथा वह लगातार फोन करते हुए मशीन से छेड़छाड़ करता नजर आता है, दूसरी बार वह तीन बजकर 39 मिनट पर एटीएम में आता है। इस बार भी वह अपने मोबाइल को अपने कान लगाते हुए एटीएम से छेड़छाड़ करता दिखाई देता है। इस पर पुलिस को आशंका हुई कि आरोपी किसी बैंक अधिकारी या कर्मचारी से पासवर्ड की जानकारी ले रहा था। तीसरी बार 4:13 बजे एटीएम में प्रवेश करता है। अपने रुमाल से पहले कैमरे को ढक देता है। इसके बाद वारदात को अंजाम देता है। जिसके दृश्य कैमरे में कैद न हो सके। इसके बाद एटीएम से बाहर लगे कैमरे में वह एटीएम मशीन से अपने बैग सहित बाहर आता नजर आता है।
डीएसपी बिलासपुर सुभाष चंद ने बताया कि तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। इनसे चोरी की गई बाकी रकम का पता किया जा रहा है।
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पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। आरोपियों ने इस चोरी को अपने महंगे शौक को पूरा करने के लिए अंजाम दिया।
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डीएसपी बिलासपुर ने वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि एसबीआई साढौरा ब्रांच के कैशियर अजय कुमार और एसबीआई जगाधरी ब्रांच के कैशियर आशु ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। इसमें उनका साथ आशु के मौसी के लड़के चंद्रमोहन ने दिया।
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अजय को एटीएम का पासवर्ड पता था। उसने चंद्रमोहन को पासवर्ड बताया। चंद्रमोहन ने सिर पर पगड़ी बांधी और नकली सिख बनकर एटीएम कक्ष में गया। पासवर्ड पता होने के बावजूद वह पहली बार में एटीएम नहीं खोल पाया। इसके बाद वह तीन बार एटीएम कक्ष के बाहर और अंदर आया और अजय से एटीएम को खोलने के लिए दिशा-निर्देश लेता रहा।
तीसरी बार अंदर आने के बाद चंद्रमोहन ने एटीएम कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरे को रुमाल से ढक दिया। एटीएम खोलने के बाद चंद्रमोहन ने उसमें रखे 12,74, 800 रुपये निकाले और रकम बैग में डालकर बाहर निकल गया।
बिना दाढी-मूंछ के सिख को देखकर हुआ शक
पुलिस को शुरू से ही इसमें बैंक के किसी कर्मचारी की मिलीभगत होने का शक था। पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज चेक की तो सिख के वेश में एटीएम कक्ष में घुसे चंद्रमोहन के चेहरे पर दाढी-मूंछ न होने पर पुलिस को उस पर शक हुआ। चोरी की घटना के बाद पुलिस ने बैंक के सभी कर्मचारियों से पूछताछ की। इस दौरान पुलिस को अजय पर शक हुआ। अजय की निगरानी और फिर गहनता से पूछताछ के बाद अजय पर शक और भी गहरा गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया।
महंगे शौक के लिए चोरी का बनाया प्लान
पुलिस के अनुसार अजय और आशु आपस में दोस्त हैं। दोनों को ही महंगे शौक हैं। अय्याशी के कारण इनका तनख्वाह से गुजारा नहीं हो रहा था। उधर, चंद्रमोहन को भी पैसों की जरूरत थी। 12 सितंबर को अजय का जन्मदिन है। उसने इस दिन के लिए बैंकाक से कॉलगर्ल भी बुलवाई थी। आशु अंबाला के हुडा सेक्टर-19 का का रहने वाला है। अपने महंगे शौक को पूरा करने के लिए अजय और आशु ने एटीएम से चोरी का प्लान बनाया।
यह है मामला
30 अगस्त को एक बजे एसबीआई शाखा साढौरा के प्रबंधक बलिंद्र कुमार ने साढौरा पुलिस को सूचना किया कि उनके बैंक के एटीएम से लगभग 12,91, 800 रुपये की नकदी गायब है। एसएचओ निर्मल सिंह अन्य पुलिस कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। जांच में पाया गया कि एटीएम से कोई तोड़फोड़ नहीं हुई है। एटीएम के कमरे में लगा कैमरा गायब है। जांच में पता चला था कि बैंक के एटीएम से पैसे 29 अगस्त को निकाले जा चुके थे। मगर इसकी जानकारी अगले दिन ही मिल सकी। घटना के समय बैंक मैनेजर रक्षाबंधन के अवकाश पर थे। उनकी अनुपस्थिति में बैंक के डिप्टी मैनेजर पवन कुमार बैंक का कामकाज देख रहे थे। 29 अगस्त को ही बैंक के इस एटीएम में छह लाख की नकदी डाली गई थी। जबकि इस एटीएम में पहले से ही लगभग सात लाख रुपये रखे हुए थे। तब मशीन में कुल राशि 12,91,800 रुपये हो गए थे। चोरों द्वारा एटीएम से 12,74,800 रुपये निकाल लेने के बाद मशीन में मात्र 17 हजार रुपये की राशि शेष बची थी।
कैमरे से मिला था चोरी का सुराग
एटीएम में लगे कैमरे से चोरी का सुराग पुलिस के हाथ लगा। उससे मामला साफ होता नजर आया। एटीएम की फुटेज में पगड़ी धारी एक सिख युवक 29 अगस्त को पहली बार दो बजकर तीस मिनट पर एटीएम में प्रवेश करता है तथा वह लगातार फोन करते हुए मशीन से छेड़छाड़ करता नजर आता है, दूसरी बार वह तीन बजकर 39 मिनट पर एटीएम में आता है। इस बार भी वह अपने मोबाइल को अपने कान लगाते हुए एटीएम से छेड़छाड़ करता दिखाई देता है। इस पर पुलिस को आशंका हुई कि आरोपी किसी बैंक अधिकारी या कर्मचारी से पासवर्ड की जानकारी ले रहा था। तीसरी बार 4:13 बजे एटीएम में प्रवेश करता है। अपने रुमाल से पहले कैमरे को ढक देता है। इसके बाद वारदात को अंजाम देता है। जिसके दृश्य कैमरे में कैद न हो सके। इसके बाद एटीएम से बाहर लगे कैमरे में वह एटीएम मशीन से अपने बैग सहित बाहर आता नजर आता है।
डीएसपी बिलासपुर सुभाष चंद ने बताया कि तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। इनसे चोरी की गई बाकी रकम का पता किया जा रहा है।