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भाई ने सिर में कुल्हाड़ी मार किया था घायल, सात दिन बाद उपचार के दौरान मौत
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यमुनानगर। सदर थाना क्षेत्र के गांव माडल टाउन दामला में सात दिन पहले भाई ने अपने ही भाई को मामूली कहासुनी को लेकर उसके सिर में कुल्हाड़ी मार दी थी। जिसका इलाज शहर के निजी अस्पताल में चल रहा था। सात दिन बाद वीरवार सुबह उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने पहले से दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में अब हत्या की धारा जोड़ दी है। आरोपी को पुलिस ने पहले से ही गिरफ्तार कर लिया था।
मृतक की पत्नी ने की शिकायत :
माडल टाउन दामला निवासी कमलेश ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह घरेलू कार्य करती है। उसके पास दो बच्चे हैं। उसका पति नरेंद्र कुमार गांव शादीपुर में प्लाइबोर्ड की फैक्टरी में काम करता था। 31 मई को हर रोज की तरह उसका पति फैक्टरी से मजदूरी करके घर पर वापस आया था और अपने घर के बाहर कुर्सी पर बैठा था। देर शाम करीब साढ़े सात बजे उसका देवर बलजिंद्र सिंह अपने घर से गालियां देता हुआ आया। उसके हाथ में लोहे की कुल्हाड़ी थी। आते ही जान से मारने की नियत से उसने अपने हाथ में पकड़ी हुई कुल्हाड़ी मेरे पति के सिर पर मारी। कुल्हाड़ी सिर में घुस गई और कुल्हाड़ी का जिंदा निकल गया और कुल्हाड़ी मेरे पति के सिर में ही फंसी रह गई। इसके बाद बलजिंद्र उन्हें भी जान से मारने की धमकी देता हुआ वहां से फरार हो गया। कुल्हाड़ी लगते ही उसका पति लहूलुहान हो गया। इसके बाद वह अपने पति को अपनी कार में लेकर निजी अस्पताल में ले आई। डॉक्टरों ने बड़ी मुश्किल से कुल्हाड़ी सिर से निकाली और उपचार दिया। करीब सात दिन तक जिंदगी और मौत से लड़ते हुए वीरवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।
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मृतक की पत्नी ने की शिकायत :
माडल टाउन दामला निवासी कमलेश ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह घरेलू कार्य करती है। उसके पास दो बच्चे हैं। उसका पति नरेंद्र कुमार गांव शादीपुर में प्लाइबोर्ड की फैक्टरी में काम करता था। 31 मई को हर रोज की तरह उसका पति फैक्टरी से मजदूरी करके घर पर वापस आया था और अपने घर के बाहर कुर्सी पर बैठा था। देर शाम करीब साढ़े सात बजे उसका देवर बलजिंद्र सिंह अपने घर से गालियां देता हुआ आया। उसके हाथ में लोहे की कुल्हाड़ी थी। आते ही जान से मारने की नियत से उसने अपने हाथ में पकड़ी हुई कुल्हाड़ी मेरे पति के सिर पर मारी। कुल्हाड़ी सिर में घुस गई और कुल्हाड़ी का जिंदा निकल गया और कुल्हाड़ी मेरे पति के सिर में ही फंसी रह गई। इसके बाद बलजिंद्र उन्हें भी जान से मारने की धमकी देता हुआ वहां से फरार हो गया। कुल्हाड़ी लगते ही उसका पति लहूलुहान हो गया। इसके बाद वह अपने पति को अपनी कार में लेकर निजी अस्पताल में ले आई। डॉक्टरों ने बड़ी मुश्किल से कुल्हाड़ी सिर से निकाली और उपचार दिया। करीब सात दिन तक जिंदगी और मौत से लड़ते हुए वीरवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।
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