फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति पर रेड, बंधक बना कर रखे गए 51 लोगों को छुड़वाया

अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति पर रेड, बंधक बना कर रखे गए 51 लोगों को छुड़वाया

Wed, 08 Nov 2017 12:31 AM IST
Updated Wed, 08 Nov 2017 12:31 AM IST
विज्ञापन
अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति पर रेड, बंधक बना कर रखे गए 51 लोगों को छुड़वाया
नशा मुक्ति केंद्र पर बंधक 51 लोगों को छुड़वाया
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
साढौरा। कस्बे के पास अवैध रूप से चल रहे जीवन ज्योति नशा मुक्ति केन्द्र में सीएमओ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के नेतृत्व में चिकित्सकों के एक दल ने मंगलवार को रेड मारी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इस बीच चिकित्सक दल और थाना प्रभारी सचिन कोे नशा मुक्ति केंद्र में नशा छुड़वाने आए लोगों ने अपनी दास्तान बताई। वे फूट-फूट कर रो रहे थे। बताया कि उनके साथ आए दिन यहां मारपीट की जाती है। खाने के नाम पर उनको बहुत कम भोजन दिया जाता है। उनसे आसपास दिहाड़ी मजदूरी कराई जाती है। खाने की मांग करने पर उनके साथ मारपीट की जाती है। कपड़े उतार करके घाव दिखाए। इस बीच कई अभिभावक भी केन्द्र में पहुंच गए और कागजी कार्रवाई करके मरीजों को अपने घर ले गए।
नशा मुक्ति केंद्र में नही मिला कोई डाक्टर
स्वास्थ्य विभाग टीम ने जब नशा मुक्ति केंद्र के संचालक रमेश कुमार से केंद्र में तैनात डाक्टर या काउंसलर के बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि नशा मुक्ति केन्द्र में कोई भी डाक्टर या काउंसलर नहीं है। न ही केन्द्र में कोई मेडिकल बाक्स और न ही एंबुलेंस की सुविधा थी। सीएमओ डॉ राजेंद्र ने बताया कि नशा मुक्ति केन्द्र संचालन के लिए जितने भी मापदंड पूरे करने होते हैं उनमें से एक भी माप दंड ये केन्द्र पूरा नहीं कर रहा है। जबकि केन्द्र संचालक नशा छुड़ाने आए लोगों के अभिभावकों से अच्छी खासी रकम वसूल कर रहे थे।
विज्ञापन

करवाते थे मजदूरी
पूर्व सैनिक बराड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह (करगिल युद्ध में शामिल थे) ने बताया कि नशा मुक्ति केन्द्र वाले उन से 16 से 18 घंटे काम लेते थे। आसपास दिहाड़ी करवाते थे। बर्तन मंजवाते थे और कपड़े आदि धुलवाते थे। यदि कोई आना-कानी करता था तो पांच पांच आदमी उसकी पिटाई करते थे। उन्होंने बताया कि केन्द्र के संचालकों की पिटाई से अनेक लोग घायल हो चुके हैं। नशा मुक्ति केन्द्र में इलाज करवाने आए लक्की, राकेश, मनोज एवं प्रदीप ने बताया कि नशा मुक्ति केन्द्र में उन सब के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता था, जिससे उनमें से ज्यादातर लोग आत्महत्या करने तक की सोचते थे। पुलिस ने नशा मुक्ति केन्द्र से 51 लोगों को छुड़ाया। एएसआई दिलबाग सिंह ने बताया कि इन लोगों के अभिभावकों को सूचना भेजी जा रही है ताकि वे अपने लोगों को घर ले जा सकें। बताया कि सीएमओ द्वारा पुलिस कों भेजी रिपोर्ट के आधार पर और नशा मुक्ति से छुड़वाए गए लोगों के बयान के आधार पर नशा मुक्ति केन्द्र के संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

खुद करते थे नशा
नशा मुक्ति केन्द्र में नशा छुड़ाने के लिए रखे गए सहायक खुद ही नशा करते थे। राकेश,सुरेन्द्र एवं मनोज ने बताया कि नशा छुड़ाने के लिए रखे गए ट्रेनर अक्सर केन्द्र के बाहर ही बैठ कर नशा करते थे तथा नशा करने के बाद उनके साथ मारपीट करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed