{"_id":"5fe249c88ebc3e3b6573686a","slug":"crime-yamuna-nagar-news-knl5509567","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांधी नगर थाना प्रभारी व हमीदा चौकी इंचार्ज समेत तीन पुलिस कर्मियों पर दो लाख की रिश्वत मांगने के आरोप में केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांधी नगर थाना प्रभारी व हमीदा चौकी इंचार्ज समेत तीन पुलिस कर्मियों पर दो लाख की रिश्वत मांगने के आरोप में केस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमुनानगर। पुराना हमीदा निवासी एक महिला ने गांधी नगर थाना प्रभारी, हमीदा चौकी इंचार्ज और एक पुलिस कर्मी पर दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि पुलिस कर्मियों ने मारपीट के केस से उसके बेटे का नाम निकालने के लिए एक लाख रुपये मांगे। महिला ने इसकी शिकायत विजिलेंस को दी। विजिलेंस की टीम ने महिला की शिकायत पर गांधी नगर थाना प्रभारी, हमीदा चौकी इंचार्ज और एक अन्य पुलिस कर्मी पर रिश्वत मांगने के आरोप में केस दर्ज किया है। हालांकि बताया ये भी जा रहा है कि विजिलेंस टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल भी बिछाया था, लेकिन किसी तरह यह सूचना लीक हो गई।
पुराना हमीदा निवासी वीना रानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका पुराना हमीदा में 15 साल से सरकारी राशन का डिपो है। 10 दिसंबर को गांधी नगर थाना में मनमोहन की शिकायत पर मारपीट का एक मामला दर्ज हुआ था। इसमें पुलिस ने पांच आरोपी बनाए थे। इन आरोपियों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था। उसे नहीं पता था कि इस मामले में उसके बेटे कर्ण का नाम है या नहीं। आरोप है कि कुछ समय से गांधी नगर थाना पुलिस के एएसआई उसके बेटे को इस केस में फंसाने का दबाव बना रहा था। उसने बीती 18 दिसंबर को एक पुलिस कर्मी को उसके पास भी भेजा, जिसने उससे कहा कि यदि वह अपने बेटे को इस केस से बचाना चाहती है तो उसे दो लाख रुपये देने होंगे। रुपये नहीं देने पर उसके बेटे को केस में फंसाने की धमकी दी कि उसकी जमानत हाईकोर्ट से भी नहीं होगी। उसने इतने रुपये देने में असमर्थता जताई तो पुलिस कर्मी ने एसएचओ को फोन किया। इसके बाद एक लाख रुपये देने की बात कही गई, लेकिन वह आरोपियों को रुपये देना नहीं चाहती थी, इसलिए उसने इसकी शिकायत विजिलेंस को दी। महिला का कहना है कि उसके पास आरोपियों से हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी है। विजिलेंस की टीम ने महिला की शिकायत पर गांधी नगर थाना प्रभारी अनिल राणा, हमीदा चौकी इंचार्ज शमशेर व पुलिस कर्मी ब्रिजपाल पर केस दर्ज कर लिया है। विजिलेंस पुलिस का कहना है कि तीनों पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच कर रहे है।
गांधी नगर थाना प्रभारी अनिल राणा का कहना है कि उन्होंने किसी महिला से रुपये नहीं मांगे। उन्हें गलत फंसाया जा रहा है। महिला के बेटे पर मारपीट का केस दर्ज है। वह मामले की निष्पक्ष जांच कर रहे हैं। वह खुद भी हर जांच के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुराना हमीदा निवासी वीना रानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका पुराना हमीदा में 15 साल से सरकारी राशन का डिपो है। 10 दिसंबर को गांधी नगर थाना में मनमोहन की शिकायत पर मारपीट का एक मामला दर्ज हुआ था। इसमें पुलिस ने पांच आरोपी बनाए थे। इन आरोपियों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था। उसे नहीं पता था कि इस मामले में उसके बेटे कर्ण का नाम है या नहीं। आरोप है कि कुछ समय से गांधी नगर थाना पुलिस के एएसआई उसके बेटे को इस केस में फंसाने का दबाव बना रहा था। उसने बीती 18 दिसंबर को एक पुलिस कर्मी को उसके पास भी भेजा, जिसने उससे कहा कि यदि वह अपने बेटे को इस केस से बचाना चाहती है तो उसे दो लाख रुपये देने होंगे। रुपये नहीं देने पर उसके बेटे को केस में फंसाने की धमकी दी कि उसकी जमानत हाईकोर्ट से भी नहीं होगी। उसने इतने रुपये देने में असमर्थता जताई तो पुलिस कर्मी ने एसएचओ को फोन किया। इसके बाद एक लाख रुपये देने की बात कही गई, लेकिन वह आरोपियों को रुपये देना नहीं चाहती थी, इसलिए उसने इसकी शिकायत विजिलेंस को दी। महिला का कहना है कि उसके पास आरोपियों से हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी है। विजिलेंस की टीम ने महिला की शिकायत पर गांधी नगर थाना प्रभारी अनिल राणा, हमीदा चौकी इंचार्ज शमशेर व पुलिस कर्मी ब्रिजपाल पर केस दर्ज कर लिया है। विजिलेंस पुलिस का कहना है कि तीनों पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच कर रहे है।
विज्ञापन
गांधी नगर थाना प्रभारी अनिल राणा का कहना है कि उन्होंने किसी महिला से रुपये नहीं मांगे। उन्हें गलत फंसाया जा रहा है। महिला के बेटे पर मारपीट का केस दर्ज है। वह मामले की निष्पक्ष जांच कर रहे हैं। वह खुद भी हर जांच के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन