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Yamuna Nagar News: हथिनीकुंड बैराज के दोनों तरफ दीवारों में आईं दरारें
Fri, 31 Jan 2025 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 31 Jan 2025 01:30 AM IST
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प्रतापनगर। हथिनीकुंड बैराज के दोनों तरफ सुरक्षा के लिए बनाई गई दीवारों में ही दरार आनी शुरू हो गई है। हालांकि विभाग की तरफ से हर साल बैराज की सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये के बाढ़ राहत कार्य करवाए जाते हैं लेकिन अब बैराज के साइड की दीवारों में आई दरारों ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। उधर, सिंचाई विभाग के एसडीओ ने दरारों की जल्द मरम्मत कराने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार हथिनीकुंड बैराज के एक तरफ उत्तर प्रदेश और दूसरी तरफ हरियाणा है। विभाग की ओर से दोनों तरफ बाढ़ के पानी से बचाने और बैराज की सुरक्षा के लिए दीवारें बनाई हुई हैं। अब इन दीवारों में ही दरारें नजर आने लगी है। जो बैराज के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है। जिस जगह दरारें आई हैं वह बैराज के दोनों तरफ पानी के तेज बहाव को रोकती हैं। ये दीवारें पुल बनने के दौरान 1996 में ही बनाई गई थी। लोगों का मानना है कि बैराज के दोनों तरफ साइडों की दीवारों को दोबारा से बनाने की जरूरत है।
इससे पहले भी बैराज की दीवारें कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जिसको विभाग की तरफ से मरम्मत भी कर दिया गया था, लेकिन इस बार हथिनी कुंड बैराज की साइड की दीवारों में आई दरारें फिर से हथिनीकुंड बैराज की सुरक्षा के लिए खतरा बनीं हुई हैं। सिंचाई विभाग को इस और ध्यान देने की जरूरत है। अगर समय रहते इन दीवारों की मरम्मत न करवाई गई तो बैराज के नीचे हर वर्ष होने वाले करोड़ों रुपये के मरम्मत कार्यों की कोई अहमियत नहीं रह जाएगी।
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जानकारी के अनुसार हथिनीकुंड बैराज के एक तरफ उत्तर प्रदेश और दूसरी तरफ हरियाणा है। विभाग की ओर से दोनों तरफ बाढ़ के पानी से बचाने और बैराज की सुरक्षा के लिए दीवारें बनाई हुई हैं। अब इन दीवारों में ही दरारें नजर आने लगी है। जो बैराज के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है। जिस जगह दरारें आई हैं वह बैराज के दोनों तरफ पानी के तेज बहाव को रोकती हैं। ये दीवारें पुल बनने के दौरान 1996 में ही बनाई गई थी। लोगों का मानना है कि बैराज के दोनों तरफ साइडों की दीवारों को दोबारा से बनाने की जरूरत है।
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इससे पहले भी बैराज की दीवारें कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जिसको विभाग की तरफ से मरम्मत भी कर दिया गया था, लेकिन इस बार हथिनी कुंड बैराज की साइड की दीवारों में आई दरारें फिर से हथिनीकुंड बैराज की सुरक्षा के लिए खतरा बनीं हुई हैं। सिंचाई विभाग को इस और ध्यान देने की जरूरत है। अगर समय रहते इन दीवारों की मरम्मत न करवाई गई तो बैराज के नीचे हर वर्ष होने वाले करोड़ों रुपये के मरम्मत कार्यों की कोई अहमियत नहीं रह जाएगी।
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