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पार्षदों ने भ्रष्टाचार के मुद्दों पर किया हंगामा
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नगर निगम हाउस की बैठक में बात रखते पार्षद देवेंद्र सिंह।
- फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम में भ्रष्टाचार का मुद्दा सदन की बैठक में उठा। पार्षदों ने हंगामा करते हुए तीन मामले उठाकर निगम अधिकारियोें पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया। पार्षदों के आरोपों पर अधिकारी बंगले छांकते नजर आए। आनन फानन में अधिकारियों ने मामलोें की जांच के आदेश दिए। पार्षदों ने भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
पहला मामला नगर निगम के औरंगाबाद गांव का है। बैठक में वार्ड नंबर 12 के पार्षद संजीव कुमार ने इस मुद्दे को उठाया। औरंगाबाद गांव का रहने वाले राजकुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए आवेदन किया था। अर्जी पास करवाने के लिए प्रार्थी ने नगर निगम कार्यालय के धक्के खाए। नगर निगम ने ग्रांट उसे न जारी कर उसकी पत्नी के नाम जारी कर दी। पत्नी भी फर्जी निकली। रामकुमार की पत्नी बेबी को ग्रांट दी जानी चाहिए थी।
ग्रांट किसी किरण नाम की महिला को दी गई है। किरण को कागजात में रामकुमार की पत्नी बताया है और रामकुमार का मृत्यु प्रमाणपत्र आवेदन में लगाया गया है। संजीव कुमार ने कहा कि यह एक मामला नहीं है ग्रांट की बदरबांट अधिकारी व कर्मचारी अपने तरीके से कर रहे हैं। पात्रों को लाभ नहीं मिल रहा है जबकि अपात्र अधिकारियों के कारण मलाई चाट रहे हैं।
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प्रार्थी की हो गई मौत, फाइल नहीं हुई पास
दूसरे मामले में कच्ची छत की जगह लेंटर डालने के लिए वार्ड नंबर चार के गांव चनेटी निवासी धनीराम ने आवेदन किया था। आवेदन करने के बाद छह सात महीने निगम कार्यालय के चक्कर काटता रहा, लेकिन फाइल पास नहीं हुई। चक्कर काटते काटते प्रार्थी की मौत हो गई। उसकी मौत को भी सात आठ माह होने को हैं, लेकिन उसकी फाइल वहीं पड़ी हैं। यह मुद्दा कांग्रेस के पार्षद देवेंद्र सिंह ने उठाया। देवेंद्र सिंह ने कहा कि निगम में भ्रष्टाचार चरम पर है। बिना रिश्वत कोई काम नहीं हो रहा है। धनीराम रुपये नहीं दे पाया, जिस कारण उसका काम नहीं हुआ और परिवार आज भी कच्ची छत के नीचे रहता है।इस मुद्दे पर सभी पार्षदों ने अधिकारियों को घेरा। वहीं जोनल टैक्स ऑफिसर विपिन गुप्ता से जब इस बारे सवाल किया गया, तो वे इधर-उधर देखते रहे।
टीसीओ पर रिश्वत मांगने का आरोप
हाउस की बैठक में टीसीओ राजेश आनंद के नाम पर अधिकारियों की बड़ी फजीहत हुई। राजेश आनंद के खिलाफ 14 जनवरी को शिकायत दी गई थी।इसके बाद उसे निकाल दिया गया था, लेकिन उसे दोबारा रख लिया गया। उसे दोबारा रखने को लेकर अधिकारियों को पार्षदोें का कड़ा विरोध झेलना पड़ा। टीसीओ के खिलाफ शादीपुर निवासी रीना देवी ने थाने में शिकायत दी थी।
रीना देवी ने बताया कि मकान बनाने के लिए उसने आवेदन किया था। रीना का आरोप है कि टीसीओ राजेश आनंद ने उन्हें दो महीने में पूरी ग्रांट दिलवाने के बदले रिश्वत मांगी। उसने पहले पांच हजार रुपये और फिर दस हजार रुपये टीसीओ को दे दिए। 15 हजार रुपये देने के बाद वह परेशान करने लगा। इसपर उसने उसकी शिकायत थाना सदर पुलिस को दे दी। इसके बाद राजेश आनंद ने माफी मांगकर उसके रुपये वापस कर दिए। इस पर उन्होंने शिकायत वापस ले ली। टीसीओ राजेश आनंद के खिलाफ पार्षद सविता कांबोज, देवेंद्र सिंह, हरमिन कौर कोहली ने आरोप लगाए। वहीं पार्षदों ने राजेश आनंद को निकालने के बाद दोबारा रखने पर अधिकारियों से जवाब मांगा।
जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास
यमुनानगर। नगर निगम हाउस की बैठक से सीवरेज ब्लॉक की समस्या का शिकायत पर जवाब देने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के दोनों एक्सईएन नदारद।इ पर मेयर मदन चौहान ने सभी पार्षदों की सहमति से जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया। वार्ड 21 के पार्षद अभिषेक मोदगिल ने क्षेत्र में सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या बताई। यमुनानगर व जगाधरी जोन के एक्सईएन की गैरमौजूदगी के बारे में मेयर ने एसडीओ से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि एक एक्सईएन की तबीयत खराब है, दूसरे के पेट में दर्द है।
वार्ड नंबर 22 से पार्षद सविता कांबोज ने कहा कि मीटिंग जवाब देने के लिए होती है। अधिकारियों को अब जवाब देने की बात आई तो पेट दर्द हो गया। इसी दौरान वार्ड नंबर आठ से पार्षद विनोद मरवाह ने भी अपने वार्ड में सीवरेज ब्लॉक की 50 से अधिक समस्याएं बताई। इसके बाद सभी पार्षदों ने बैठक से गैरहाजिर होने पर जन स्वास्थ्य विभाग के दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मेयर ने पार्षदों की सर्वसम्मति से जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया। इसके बाद संबंधित एसडीओ को 15 दिन में सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या का समाधान करने का अल्टीमेटम दिया गया।
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यमुनानगर। नगर निगम में भ्रष्टाचार का मुद्दा सदन की बैठक में उठा। पार्षदों ने हंगामा करते हुए तीन मामले उठाकर निगम अधिकारियोें पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया। पार्षदों के आरोपों पर अधिकारी बंगले छांकते नजर आए। आनन फानन में अधिकारियों ने मामलोें की जांच के आदेश दिए। पार्षदों ने भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
पहला मामला नगर निगम के औरंगाबाद गांव का है। बैठक में वार्ड नंबर 12 के पार्षद संजीव कुमार ने इस मुद्दे को उठाया। औरंगाबाद गांव का रहने वाले राजकुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए आवेदन किया था। अर्जी पास करवाने के लिए प्रार्थी ने नगर निगम कार्यालय के धक्के खाए। नगर निगम ने ग्रांट उसे न जारी कर उसकी पत्नी के नाम जारी कर दी। पत्नी भी फर्जी निकली। रामकुमार की पत्नी बेबी को ग्रांट दी जानी चाहिए थी।
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ग्रांट किसी किरण नाम की महिला को दी गई है। किरण को कागजात में रामकुमार की पत्नी बताया है और रामकुमार का मृत्यु प्रमाणपत्र आवेदन में लगाया गया है। संजीव कुमार ने कहा कि यह एक मामला नहीं है ग्रांट की बदरबांट अधिकारी व कर्मचारी अपने तरीके से कर रहे हैं। पात्रों को लाभ नहीं मिल रहा है जबकि अपात्र अधिकारियों के कारण मलाई चाट रहे हैं।
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प्रार्थी की हो गई मौत, फाइल नहीं हुई पास
दूसरे मामले में कच्ची छत की जगह लेंटर डालने के लिए वार्ड नंबर चार के गांव चनेटी निवासी धनीराम ने आवेदन किया था। आवेदन करने के बाद छह सात महीने निगम कार्यालय के चक्कर काटता रहा, लेकिन फाइल पास नहीं हुई। चक्कर काटते काटते प्रार्थी की मौत हो गई। उसकी मौत को भी सात आठ माह होने को हैं, लेकिन उसकी फाइल वहीं पड़ी हैं। यह मुद्दा कांग्रेस के पार्षद देवेंद्र सिंह ने उठाया। देवेंद्र सिंह ने कहा कि निगम में भ्रष्टाचार चरम पर है। बिना रिश्वत कोई काम नहीं हो रहा है। धनीराम रुपये नहीं दे पाया, जिस कारण उसका काम नहीं हुआ और परिवार आज भी कच्ची छत के नीचे रहता है।इस मुद्दे पर सभी पार्षदों ने अधिकारियों को घेरा। वहीं जोनल टैक्स ऑफिसर विपिन गुप्ता से जब इस बारे सवाल किया गया, तो वे इधर-उधर देखते रहे।
टीसीओ पर रिश्वत मांगने का आरोप
हाउस की बैठक में टीसीओ राजेश आनंद के नाम पर अधिकारियों की बड़ी फजीहत हुई। राजेश आनंद के खिलाफ 14 जनवरी को शिकायत दी गई थी।इसके बाद उसे निकाल दिया गया था, लेकिन उसे दोबारा रख लिया गया। उसे दोबारा रखने को लेकर अधिकारियों को पार्षदोें का कड़ा विरोध झेलना पड़ा। टीसीओ के खिलाफ शादीपुर निवासी रीना देवी ने थाने में शिकायत दी थी।
रीना देवी ने बताया कि मकान बनाने के लिए उसने आवेदन किया था। रीना का आरोप है कि टीसीओ राजेश आनंद ने उन्हें दो महीने में पूरी ग्रांट दिलवाने के बदले रिश्वत मांगी। उसने पहले पांच हजार रुपये और फिर दस हजार रुपये टीसीओ को दे दिए। 15 हजार रुपये देने के बाद वह परेशान करने लगा। इसपर उसने उसकी शिकायत थाना सदर पुलिस को दे दी। इसके बाद राजेश आनंद ने माफी मांगकर उसके रुपये वापस कर दिए। इस पर उन्होंने शिकायत वापस ले ली। टीसीओ राजेश आनंद के खिलाफ पार्षद सविता कांबोज, देवेंद्र सिंह, हरमिन कौर कोहली ने आरोप लगाए। वहीं पार्षदों ने राजेश आनंद को निकालने के बाद दोबारा रखने पर अधिकारियों से जवाब मांगा।
जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास
यमुनानगर। नगर निगम हाउस की बैठक से सीवरेज ब्लॉक की समस्या का शिकायत पर जवाब देने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के दोनों एक्सईएन नदारद।इ पर मेयर मदन चौहान ने सभी पार्षदों की सहमति से जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया। वार्ड 21 के पार्षद अभिषेक मोदगिल ने क्षेत्र में सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या बताई। यमुनानगर व जगाधरी जोन के एक्सईएन की गैरमौजूदगी के बारे में मेयर ने एसडीओ से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि एक एक्सईएन की तबीयत खराब है, दूसरे के पेट में दर्द है।
वार्ड नंबर 22 से पार्षद सविता कांबोज ने कहा कि मीटिंग जवाब देने के लिए होती है। अधिकारियों को अब जवाब देने की बात आई तो पेट दर्द हो गया। इसी दौरान वार्ड नंबर आठ से पार्षद विनोद मरवाह ने भी अपने वार्ड में सीवरेज ब्लॉक की 50 से अधिक समस्याएं बताई। इसके बाद सभी पार्षदों ने बैठक से गैरहाजिर होने पर जन स्वास्थ्य विभाग के दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मेयर ने पार्षदों की सर्वसम्मति से जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया। इसके बाद संबंधित एसडीओ को 15 दिन में सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या का समाधान करने का अल्टीमेटम दिया गया।