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हाउस की बैठक नहीं होने पर पार्षद बोले, मेयर ने तीन साल में कुछ नहीं किया, जवाबदेही से बच रहे
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स्कूल खुलने के बाद मेयर पर बढ़ा बैठक कराने का दबाव
कोरोना महामारी का हवाला देकर 11 जनवरी को प्रस्तावित नगर निगम हाउस की बैठक को कर दिया गया था रद्द
बैठक नहीं होने पर पार्षद बोले, मेयर ने तीन साल में कुछ नहीं किया, जवाबदेही से बच रहे
लीड
फोटो: 17 से 20 व 20ए
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कोरोना महामारी का हवाला देकर 11 जनवरी को होने वाली नगर निगम हाउस की बैठक को रद्द कर दिया गया था। जबकि कोरोना केस कम होने के चलते प्रदेश सरकार ने पहली से 12वीं तक के स्कूल भी खोल दिए हैं। ऐसे में मेयर और अधिकारियों पर हाउस की बैठक कराने का दबाव बढ़ गया है।
पार्षदों का कहना है कि जब सैकड़ों की संख्या में बच्चे स्कूलों में आ सकते हैं तो पार्षदों व अधिकारियों समेत 50 से भी कम लोगों की मौजूदगी में हाउस की बैठक क्यों नहीं हो सकती। पार्षद आरोप लगा रहे हैं कि मेयर व अधिकारी जवाबदेही से बचने के लिए हाउस की बैठक नहीं करा रहे हैं। क्योंकि मेयर के पास एक भी ऐसा काम गिनाने को नहीं है जो उन्होंने अपने तीन साल के कार्यकाल में किया हो।
नगर में विकास कार्यों की बात की जाए तो जगाधरी से लेकर विश्वकर्मा चौक यमुनानगर तक पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन अब तक नहीं डाल जा सकी है। सालों से यह प्रोजेक्ट चल रहा है, कब पूरा होगा इसकी किसी को खबर नहीं है। शहर में सफाई न होने से बुरा हाल है। लंबे समय से नई स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी, शाम होते ही शहर अंधेरे में डूब जाता है। सेक्टर-17 का सामुदायिक केंद्र बदहाल है, सड़कों का भी बुरा हाल है। पार्षदों को वार्ड में काम कराने के लिए एमसी फंड नहीं मिल रहा। यहां तक की एक माह का दावा करने वाले अब तक पार्षदों को लेपटॉप नहीं दे सके हैं।
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बाक्स
तीन साल में केवल पांच ही मीटिंग
नियमानुसार वैसे तो नगर निगम हाउस की बैठक हर माह होनी चाहिए। जनवरी 2019 में मेयर मदन चौहान ने चुनाव जीतने के बाद शपथ ग्रहण की थी। तब से अब तक हाउस की केवल पांच बैठक ही करवाई जा सकी है। इस साल 11 जनवरी को हाउस की बैठक बुलाई गई थी। इसके लिए भी पार्षदों से न तो उनके वार्ड में होने वाले कार्यों की लिस्ट मांगी गई और न ही कोई एजेंडा भेजा गया था। इस मीटिंग को कोरोना महामारी का का हवाला देकर दो दिन पहले ही स्थगित कर दिया गया था।
फोटो: 17
तीन साल में दावों के अलावा कुछ नहीं हुआ : निर्मल चौहान
वार्ड 13 से पार्षद निर्मल चौहान ने बताया कि जब मेयर सरोज बाला थी तो पांच साल में प्रत्येक वार्ड में साढ़े तीन करोड़ रुपये के काम हुए थे। वहीं जब से मदन चौहान मेयर बने हैं तब से एक वार्ड में 50 लाख रुपये का भी काम तीन साल में नहीं हुआ। तीन साल में दावों के अलावा कुछ नहीं हुआ। अधिकारी अपनी मर्जी से काम करते हैं। इसलिए जानबूझ कर मीटिंग नहीं कराई जा रही।
फोटो: 18
मेयर ने तीन साल में कोई काम नहीं किया: देवेंद्र सिंह
वार्ड चार से कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह ने बताया कि जब से मदन चौहान मेयर की कुर्सी पर बैठे हैं तब से शहर में कोई काम नहीं हुआ। यदि कुछ किया है तो खुले मंच से बताएं। जो हालत आज शहर की है उससे अच्छी तो गांव की गलियां हैं। चारों तरफ से शहर की सड़काें को उखाड़ कर रख दिया है। बिना कोई सुविधा मिले लोगों को टैक्स देना पड़ रहा है। जवाब देने से बचने के लिए मेयर हाउस की बैठक नहीं बुला रहे।
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फोटो: 19
एक ही जवाब मिलता है फंड नहीं है: राम आसरे
वार्ड सात से भाजपा पार्षद राम आसरे का कहना है कि मेरे वार्ड का सामुदायिक भवन जर्जर अवस्था में है। सेक्टर-17 की 70 प्रतिशत सड़कें टूटी पड़ी हैं। जब भी अधिकारियों से बात करते हैं तो एक ही जवाब मिलता है कि फंड नहीं है। पिछले दिनों कमिश्नर अजय सिंह तोमर ने वार्ड का निरीक्षण कर कहा था कि उनके वार्ड में करीब 10 करोड़ के काम होने हैं। जब फंड ही नहीं है तो काम कैसे होंगे। मेयर व कमिश्नर को फंड की व्यवस्था करानी चाहिए।
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फोटो:20
जल्द मीटिंग बुलाई जाएगी: मदन चौहान
मेयर मदन चौहान का कहना है कि सभी पार्षदों व अधिकारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाउस की बैठक स्थगित की गई थी। अब जल्द ही हाउस की बैठक बुलाई जाएगी।
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कोरोना महामारी का हवाला देकर 11 जनवरी को प्रस्तावित नगर निगम हाउस की बैठक को कर दिया गया था रद्द
बैठक नहीं होने पर पार्षद बोले, मेयर ने तीन साल में कुछ नहीं किया, जवाबदेही से बच रहे
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फोटो: 17 से 20 व 20ए
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कोरोना महामारी का हवाला देकर 11 जनवरी को होने वाली नगर निगम हाउस की बैठक को रद्द कर दिया गया था। जबकि कोरोना केस कम होने के चलते प्रदेश सरकार ने पहली से 12वीं तक के स्कूल भी खोल दिए हैं। ऐसे में मेयर और अधिकारियों पर हाउस की बैठक कराने का दबाव बढ़ गया है।
पार्षदों का कहना है कि जब सैकड़ों की संख्या में बच्चे स्कूलों में आ सकते हैं तो पार्षदों व अधिकारियों समेत 50 से भी कम लोगों की मौजूदगी में हाउस की बैठक क्यों नहीं हो सकती। पार्षद आरोप लगा रहे हैं कि मेयर व अधिकारी जवाबदेही से बचने के लिए हाउस की बैठक नहीं करा रहे हैं। क्योंकि मेयर के पास एक भी ऐसा काम गिनाने को नहीं है जो उन्होंने अपने तीन साल के कार्यकाल में किया हो।
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नगर में विकास कार्यों की बात की जाए तो जगाधरी से लेकर विश्वकर्मा चौक यमुनानगर तक पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन अब तक नहीं डाल जा सकी है। सालों से यह प्रोजेक्ट चल रहा है, कब पूरा होगा इसकी किसी को खबर नहीं है। शहर में सफाई न होने से बुरा हाल है। लंबे समय से नई स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी, शाम होते ही शहर अंधेरे में डूब जाता है। सेक्टर-17 का सामुदायिक केंद्र बदहाल है, सड़कों का भी बुरा हाल है। पार्षदों को वार्ड में काम कराने के लिए एमसी फंड नहीं मिल रहा। यहां तक की एक माह का दावा करने वाले अब तक पार्षदों को लेपटॉप नहीं दे सके हैं।
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तीन साल में केवल पांच ही मीटिंग
नियमानुसार वैसे तो नगर निगम हाउस की बैठक हर माह होनी चाहिए। जनवरी 2019 में मेयर मदन चौहान ने चुनाव जीतने के बाद शपथ ग्रहण की थी। तब से अब तक हाउस की केवल पांच बैठक ही करवाई जा सकी है। इस साल 11 जनवरी को हाउस की बैठक बुलाई गई थी। इसके लिए भी पार्षदों से न तो उनके वार्ड में होने वाले कार्यों की लिस्ट मांगी गई और न ही कोई एजेंडा भेजा गया था। इस मीटिंग को कोरोना महामारी का का हवाला देकर दो दिन पहले ही स्थगित कर दिया गया था।
फोटो: 17
तीन साल में दावों के अलावा कुछ नहीं हुआ : निर्मल चौहान
वार्ड 13 से पार्षद निर्मल चौहान ने बताया कि जब मेयर सरोज बाला थी तो पांच साल में प्रत्येक वार्ड में साढ़े तीन करोड़ रुपये के काम हुए थे। वहीं जब से मदन चौहान मेयर बने हैं तब से एक वार्ड में 50 लाख रुपये का भी काम तीन साल में नहीं हुआ। तीन साल में दावों के अलावा कुछ नहीं हुआ। अधिकारी अपनी मर्जी से काम करते हैं। इसलिए जानबूझ कर मीटिंग नहीं कराई जा रही।
फोटो: 18
मेयर ने तीन साल में कोई काम नहीं किया: देवेंद्र सिंह
वार्ड चार से कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह ने बताया कि जब से मदन चौहान मेयर की कुर्सी पर बैठे हैं तब से शहर में कोई काम नहीं हुआ। यदि कुछ किया है तो खुले मंच से बताएं। जो हालत आज शहर की है उससे अच्छी तो गांव की गलियां हैं। चारों तरफ से शहर की सड़काें को उखाड़ कर रख दिया है। बिना कोई सुविधा मिले लोगों को टैक्स देना पड़ रहा है। जवाब देने से बचने के लिए मेयर हाउस की बैठक नहीं बुला रहे।
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फोटो: 19
एक ही जवाब मिलता है फंड नहीं है: राम आसरे
वार्ड सात से भाजपा पार्षद राम आसरे का कहना है कि मेरे वार्ड का सामुदायिक भवन जर्जर अवस्था में है। सेक्टर-17 की 70 प्रतिशत सड़कें टूटी पड़ी हैं। जब भी अधिकारियों से बात करते हैं तो एक ही जवाब मिलता है कि फंड नहीं है। पिछले दिनों कमिश्नर अजय सिंह तोमर ने वार्ड का निरीक्षण कर कहा था कि उनके वार्ड में करीब 10 करोड़ के काम होने हैं। जब फंड ही नहीं है तो काम कैसे होंगे। मेयर व कमिश्नर को फंड की व्यवस्था करानी चाहिए।
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फोटो:20
जल्द मीटिंग बुलाई जाएगी: मदन चौहान
मेयर मदन चौहान का कहना है कि सभी पार्षदों व अधिकारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाउस की बैठक स्थगित की गई थी। अब जल्द ही हाउस की बैठक बुलाई जाएगी।