फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Copies of the National Policy Framework burnt

Yamuna Nagar News: फूंकी राष्ट्रीय नीति ढांचा की प्रतियां

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jan 2025 12:41 AM IST
विज्ञापन
Copies of the National Policy Framework burnt
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को अनाज मंडी गेट जगाधरी एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने कृषि विपणन बाजार पर राष्ट्रीय नीति ढांचा (फ्रेमवर्क) की प्रतियां जलाकर विरोध भी जताया।
अखिल भारतीय किसान सभा (अजय भवन) के राज्य प्रधान गुरु भजन सिंह मझैल, अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा के जिला प्रधान जरनैल व भारतीय किसान यूनियन टिकैत के दीप राणा की अध्यक्षता में किसानों ने प्रतियां जलाई। किसान नेता धर्मपाल चौहान व महिपाल चमरौड़ी ने कहा कि केंद्र सरकार वही पुराने तीनों काले कृषि कानून नई कृषि विपणन बाजार पर राष्ट्रीय नीति ढांचा फ्रेमवर्क द्वारा थोपना चाहती है।
विज्ञापन

इनका 13 महीने पहले तक किसानों ने दिल्ली के चारों तरफ घेरा डालकर विरोध किया था। एक देश एक मंडी, आवश्यक वस्तु अधिनियम में छूट तथा कांट्रैक्ट फार्मिंग जिनको किसानों ने तीन काले कानून कहा और प्रधानमंत्री ने वापस लेते हुए किसानों से माफी भी मांगी थी, अब दोबारा से कॉर्पोरेट के दबाव में केंद्र सरकार उन नीतियों को नए रूप में लागू करने जा रही है। इसका संयुक्त किसान मोर्चा लगातार विरोध कर रहा है। सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने की घोषणा की थी, लेकिन आय तो बढ़ी नहीं उल्टा नई नीति थोप कर निजीकरण को बढ़ावा दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस नीति में स्पष्ट किया गया वादा कारोबार और कारोबार (वादा /वैकल्पिक) को बढ़ावा देना, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप को बढ़ाकर कृषि को निजी हाथों में सौंपना, औद्योगीकरण के नाम पर कृषि भूमि का जबरन अधिग्रहण किया जा रहा है। जबकि वास्तव में यह सरकार के पास अति अमीरों के लिए मनोरंजन सुविधाओं व्यावसायिक उपयोग पर्यटन, रियल एस्टेट आदि के लिए है। केंद्र सरकार काॅर्पोरेट स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली के लिए मोबाइल नेटवर्क के उच्च रिचार्ज टैरिफ बढ़ते टोल शुल्क, रसोई गैस, डीजल और पेट्रोल की कीमतों और जीएसटी के विस्तार से बेहिसाब राजस्व निकाल रही है।

इसके विपरीत कामकाजी लोग किसान, औद्योगिक और कृषि श्रमिक, मध्यम वर्ग कर्ज के बोझ को झेल रहे हैं। भूमिहीनों को जीवित रहने के लिए उच्च ब्याज दरों पर एसएचजी ऋण लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जबकि सरकार ने कॉर्पोरेट घरानों का साढ़े 16 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा कर्ज माफ कर दिया। किसान और कृषि श्रमिकों को कर्ज मुक्त करने से इंकार कर दिया है। इस अवसर पर किसान विजय पाल, मान सिंह पंजेटा, जोत सिंह, सोमनाथ, सुखबीर, यशपाल, श्याम लाल समेत अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed