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Yamuna Nagar News: बेटियों के हुनर को निखारा, कोच नरेश ने फुटबॉल में दी नई पहचान
Fri, 17 Apr 2026 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 17 Apr 2026 02:08 AM IST
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कोच नरेश डौंडियाल। स्वयं
- फोटो : Archive
जगाधरी। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां कभी बेटियों का घर से बाहर निकलना भी चुनौती माना जाता था, आज वहीं फुटबॉल के मैदान में उनकी धमक और गोल की गूंज सुनाई दे रही है। इस बदलाव के पीछे कोच नरेश डौंडियाल का अथक प्रयास और समर्पण है। उन्होंने न केवल सोच बदली बल्कि बेटियों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक भी पहुंचाया।
फर्कपुर कॉलोनी के कोच नरेश डौंडियाल पिछले कई वर्षों से खिलाड़ियों को फुटबॉल का प्रशिक्षण दे रहे हैं। शुरुआत में समाज में महिला फुटबॉल को लेकर झिझक और संकोच था लेकिन उन्होंने घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक किया और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य का भरोसा दिलाया। अब उन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि बेटियां पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में अपना हुनर दिखा रही हैं। उनके तैयार खिलाड़ी देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी नाम चमका रहे हैं। उनके प्रशिक्षित खिलाड़ी भारतीय टीम में रहकर देश का नाम रोशन कर चुके हैं। इनमें भारतीय फुटबॉल टीम के खिलाड़ी सुमित जय पासी, राकेश कुमार, पंकज चुघ, आदित्य कुमार, आशु, हरिंदर सिंह, शुभम पासी, उमेश थापा और अजय गुलरिया जैसे नाम शामिल हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में ऊंचे पदों पर कार्यरत हैं। वहीं, कई स्वयं कोच बनकर नई प्रतिभाओं को तराश रहे हैं।
भारतीय महिला फुटबॉल टीम की पूर्व कप्तान मनप्रीत कौर की सफलता भी इसी समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कोच नरेश से फुटबॉल की बारीकियां सीखीं और उनके मार्गदर्शन में अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार किया। इसके अलावा समता धीमान, ऋचा पराशर, सुरिंद्र कौर और सोनिया जैसी खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर चुकी हैं।
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अब भी बाकी हैं कई लक्ष्य : नरेश
कोच नरेश का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को मैदान तक लाना नहीं बल्कि उन्हें विश्व स्तर का खिलाड़ी बनाना है। वे चाहते हैं कि स्लम एरिया और डेरा बस्तियों के बच्चे भी खेल में आगे बढ़ें। उन्होंने बताया कि अब तक उनके मार्गदर्शन में जिले की पांच खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं जबकि 50 से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं।
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फर्कपुर कॉलोनी के कोच नरेश डौंडियाल पिछले कई वर्षों से खिलाड़ियों को फुटबॉल का प्रशिक्षण दे रहे हैं। शुरुआत में समाज में महिला फुटबॉल को लेकर झिझक और संकोच था लेकिन उन्होंने घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक किया और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य का भरोसा दिलाया। अब उन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि बेटियां पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में अपना हुनर दिखा रही हैं। उनके तैयार खिलाड़ी देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी नाम चमका रहे हैं। उनके प्रशिक्षित खिलाड़ी भारतीय टीम में रहकर देश का नाम रोशन कर चुके हैं। इनमें भारतीय फुटबॉल टीम के खिलाड़ी सुमित जय पासी, राकेश कुमार, पंकज चुघ, आदित्य कुमार, आशु, हरिंदर सिंह, शुभम पासी, उमेश थापा और अजय गुलरिया जैसे नाम शामिल हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में ऊंचे पदों पर कार्यरत हैं। वहीं, कई स्वयं कोच बनकर नई प्रतिभाओं को तराश रहे हैं।
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भारतीय महिला फुटबॉल टीम की पूर्व कप्तान मनप्रीत कौर की सफलता भी इसी समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कोच नरेश से फुटबॉल की बारीकियां सीखीं और उनके मार्गदर्शन में अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार किया। इसके अलावा समता धीमान, ऋचा पराशर, सुरिंद्र कौर और सोनिया जैसी खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर चुकी हैं।
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अब भी बाकी हैं कई लक्ष्य : नरेश
कोच नरेश का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को मैदान तक लाना नहीं बल्कि उन्हें विश्व स्तर का खिलाड़ी बनाना है। वे चाहते हैं कि स्लम एरिया और डेरा बस्तियों के बच्चे भी खेल में आगे बढ़ें। उन्होंने बताया कि अब तक उनके मार्गदर्शन में जिले की पांच खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं जबकि 50 से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं।

कोच नरेश डौंडियाल। स्वयं- फोटो : Archive