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रॉकी की शहादत को मेरा सलाम : सीएम
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर
Updated Thu, 13 Aug 2015 12:17 AM IST
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शहीद रॉकी की रस्मक्रिया में उसके गांव रामगढ़ माजरा पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रॉकी की शहादत को सलाम किया। शहीद के परिवार को बीस लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा फतेहगढ़ तुबी से रामगढ़ माजरा तक सड़क का नाम शहीद रॉकी के नाम पर रखने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने गांव तुंबी के अड्डे पर शहीद रॉकी का स्मारक बनाने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद के अंतिम संस्कार के दिन वे प्रदेश से बाहर थे, इसलिए वे यहां नहीं पहुंच पाए।
मुख्यमंत्री बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे हेलीकाप्टर से बिलासपुर पहुंचे। यहां से सड़क मार्ग से रामगढ़ माजरा गांव आए। पंडाल में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने शहीद की फोटो पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने रॉकी के पिता प्रीतपाल, भाई रोहित व ताऊ को सांत्वना दी और कहा कि रॉकी ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर अपने परिवार, गांव, जिले व प्रदेश का नाम रोशन किया है।
रॉकी सिर्फ रामगढ़ माजरा या हरियाणा का नहीं बल्कि पूरे देश का बेटा था। रॉकी ने आतंकवादियों के सामने जो दिलेरी दिखाई उसे मैं सलाम करता हूं। उन्होंने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि देश की सेना में आज दसवां सैनिक हरियाणा से है। मुख्यमंत्री ने शहीद के परिजनों से उनकी डिमांड के बारे में पूछा। इस पर परिजनों ने कहा कि उनकी कोई डिमांड नहीं है, हालांकि ग्रामीणों ने सीएम से कहा कि क्षेत्र में शहीद के नाम पर कोई शिक्षण संस्थान खोला जाए। इस पर सीएम ने कहा कि शिक्षण संस्थान के लिए अगर पंचायती जमीन मिलती है तो इस पर विचार किया जाएगा।
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रस्मक्रिया में आए प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल, मुख्य संसदीय सचिव व रादौर विधायक श्याम सिंह राणा और साढौरा विधायक बलवंत सिंह ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी। करीब 20 मिनट तक रुकने के बाद मुख्यमंत्री यहां से रवाना हो गए। रस्मक्रिया में डीसी डॉ. एसएस फुलिया, एसपी अरुण सिंह, बिलासपुर एसडीएम पूजा चावरिया सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। करीब दो घंटे बाद परिवहन मंत्री कृष्ण पवार भी रस्मक्रिया में आए और शहीद के परिजनों को सांत्वना दी।
प्रदेश से बाहर था, इसलिए नहीं आ सका : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पता चला था कि रॉकी के अंतिम संस्कार में सरकार की तरफ से कोई नहीं पहुंचा। मैंने इसका पता किया था। पता चला की यहां पर स्पीकर कंवरपाल, साढौरा विधायक बलवंत सिंह व अन्य लोग आए थे। मुझे भी संस्कार में शामिल होना था लेकिन उस वक्त मैं प्रदेश से बाहर था, इसलिए नहीं आ सका।
मालूम हो कि रॉकी की शहादत का पता चलने के बावजूद दो दिन तक सरकार का कोई भी मंत्री व विधायक शहीद के घर नहीं पहुंचा। तीसरे दिन अंतिम संस्कार में राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज, विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल व साढौरा विधायक पहुंचे थे। परिजनों व ग्रामीणों ने विधायक बलवंत सिंह के समक्ष अपना गुस्सा उतारते हुए कहा था कि विधायक जी, आपका गांव हमारे गांव से एक किलोमीटर दूर है। वोट मांगने के लिए आप रात को 12 बजे भी गांव आते थे, लेकिन शहीद के परिजनों को सांत्वना देने की आप को याद नहीं आई। संस्कार के अगले दिन सांसद रतनलाल कटारिया गांव में शहीद के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। उन्होंने अंतिम संस्कार में न आ पाने की वजह संसद में व्यस्तता बताई थी।
शहीद की याद में प्रदेशस्तरीय स्मारक बनाए भारत सरकार : अशोक तंवर
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर दोपहर करीब सवा 12 बजे शहीद की रस्मक्रिया में पहुंचे। उन्होंने सोनिया गांधी द्वारा भेजा गया शोक संदेश भी पढ़ा। डॉ. तंवर ने सबसे पहले शहीद रॉकी के परिवार को ढांढस बंधाया। सोनिया गांधी का संदेश पढ़ते हुए उन्होंने कहा कि ‘वे जानती हैं कि माता-पिता और दूसरे परिजनों के लिए यह व्यथा सहना कठिन है। रॉकी के न रहने से परिवार में जो रिक्तता आई है, उसे शाब्दिक सांत्वना से पूरा नहीं किया जा सकता’। शहीद परिवार को सांत्वना देते हुए तंवर ने कहा कि रॉकी ने देश की अखंडता के लिए शहादत देकर पूरे हरियाणा का नाम ऊंचा किया है। इस वीर सेनानी की शहादत से पूरा प्रदेश गर्व महसूस कर रहा है। हरियाणा के जांबाज सैनिकों ने देश की रक्षा करते हुए पहले भी बहुत बार अपने प्राणों का बलिदान दिया है। इतिहास गवाह है कि जब-जब भारत की भूमि को इस प्रदेश के सैनिकों की शहादत की आवश्यकता पड़ी, हमारे वीर सैनिकों ने हमेशा आगे बढ़कर शत्रुओं से लोहा लिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को चाहिए कि वह इस महान सपूत की याद को जिंदा रखने के लिए उसके परिवार को भरपूर सहायता दे और उसकी स्मृति में एक प्रदेशस्तरीय स्मारक बनाए ताकि इस बलिदान को लंबे समय तक याद रखा जा सके। डॉ. तंवर ने शहीद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किए और सोनिया गांधी द्वारा भेजा गया शोक संदेश भी सौंपा। उनके साथ पूर्व विधायक राजपाल भूखड़ी, भूपेंद्र राणा, सुरेश ढांडा, राजकुमार त्यागी, देवेंद्र चावला, प्रदीप जैलदार, दीपक त्यागी सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
आतंकी को किया था ढेर
15 सितंबर 1990 को पैदा हुए 24 वर्षीय रॉकी वर्ष 2012 में सीमा सुरक्षा बल की 59वीं बटालियन में भर्ती हुए थे। पांच अगस्त 2015 को सुबह 7:30 बजे उधमपुर से 17 किलोमीटर दूर सीमरोली में आतंकी हमले में एक आतंकी को मारकर शहीद हुए। रॉकी के परिवार में उनके माता-पिता के अलावा बड़ा भाई और छोटी बहन है।
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मुख्यमंत्री बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे हेलीकाप्टर से बिलासपुर पहुंचे। यहां से सड़क मार्ग से रामगढ़ माजरा गांव आए। पंडाल में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने शहीद की फोटो पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने रॉकी के पिता प्रीतपाल, भाई रोहित व ताऊ को सांत्वना दी और कहा कि रॉकी ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर अपने परिवार, गांव, जिले व प्रदेश का नाम रोशन किया है।
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रॉकी सिर्फ रामगढ़ माजरा या हरियाणा का नहीं बल्कि पूरे देश का बेटा था। रॉकी ने आतंकवादियों के सामने जो दिलेरी दिखाई उसे मैं सलाम करता हूं। उन्होंने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि देश की सेना में आज दसवां सैनिक हरियाणा से है। मुख्यमंत्री ने शहीद के परिजनों से उनकी डिमांड के बारे में पूछा। इस पर परिजनों ने कहा कि उनकी कोई डिमांड नहीं है, हालांकि ग्रामीणों ने सीएम से कहा कि क्षेत्र में शहीद के नाम पर कोई शिक्षण संस्थान खोला जाए। इस पर सीएम ने कहा कि शिक्षण संस्थान के लिए अगर पंचायती जमीन मिलती है तो इस पर विचार किया जाएगा।
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रस्मक्रिया में आए प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल, मुख्य संसदीय सचिव व रादौर विधायक श्याम सिंह राणा और साढौरा विधायक बलवंत सिंह ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी। करीब 20 मिनट तक रुकने के बाद मुख्यमंत्री यहां से रवाना हो गए। रस्मक्रिया में डीसी डॉ. एसएस फुलिया, एसपी अरुण सिंह, बिलासपुर एसडीएम पूजा चावरिया सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। करीब दो घंटे बाद परिवहन मंत्री कृष्ण पवार भी रस्मक्रिया में आए और शहीद के परिजनों को सांत्वना दी।
प्रदेश से बाहर था, इसलिए नहीं आ सका : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पता चला था कि रॉकी के अंतिम संस्कार में सरकार की तरफ से कोई नहीं पहुंचा। मैंने इसका पता किया था। पता चला की यहां पर स्पीकर कंवरपाल, साढौरा विधायक बलवंत सिंह व अन्य लोग आए थे। मुझे भी संस्कार में शामिल होना था लेकिन उस वक्त मैं प्रदेश से बाहर था, इसलिए नहीं आ सका।
मालूम हो कि रॉकी की शहादत का पता चलने के बावजूद दो दिन तक सरकार का कोई भी मंत्री व विधायक शहीद के घर नहीं पहुंचा। तीसरे दिन अंतिम संस्कार में राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज, विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल व साढौरा विधायक पहुंचे थे। परिजनों व ग्रामीणों ने विधायक बलवंत सिंह के समक्ष अपना गुस्सा उतारते हुए कहा था कि विधायक जी, आपका गांव हमारे गांव से एक किलोमीटर दूर है। वोट मांगने के लिए आप रात को 12 बजे भी गांव आते थे, लेकिन शहीद के परिजनों को सांत्वना देने की आप को याद नहीं आई। संस्कार के अगले दिन सांसद रतनलाल कटारिया गांव में शहीद के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। उन्होंने अंतिम संस्कार में न आ पाने की वजह संसद में व्यस्तता बताई थी।
शहीद की याद में प्रदेशस्तरीय स्मारक बनाए भारत सरकार : अशोक तंवर
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर दोपहर करीब सवा 12 बजे शहीद की रस्मक्रिया में पहुंचे। उन्होंने सोनिया गांधी द्वारा भेजा गया शोक संदेश भी पढ़ा। डॉ. तंवर ने सबसे पहले शहीद रॉकी के परिवार को ढांढस बंधाया। सोनिया गांधी का संदेश पढ़ते हुए उन्होंने कहा कि ‘वे जानती हैं कि माता-पिता और दूसरे परिजनों के लिए यह व्यथा सहना कठिन है। रॉकी के न रहने से परिवार में जो रिक्तता आई है, उसे शाब्दिक सांत्वना से पूरा नहीं किया जा सकता’। शहीद परिवार को सांत्वना देते हुए तंवर ने कहा कि रॉकी ने देश की अखंडता के लिए शहादत देकर पूरे हरियाणा का नाम ऊंचा किया है। इस वीर सेनानी की शहादत से पूरा प्रदेश गर्व महसूस कर रहा है। हरियाणा के जांबाज सैनिकों ने देश की रक्षा करते हुए पहले भी बहुत बार अपने प्राणों का बलिदान दिया है। इतिहास गवाह है कि जब-जब भारत की भूमि को इस प्रदेश के सैनिकों की शहादत की आवश्यकता पड़ी, हमारे वीर सैनिकों ने हमेशा आगे बढ़कर शत्रुओं से लोहा लिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को चाहिए कि वह इस महान सपूत की याद को जिंदा रखने के लिए उसके परिवार को भरपूर सहायता दे और उसकी स्मृति में एक प्रदेशस्तरीय स्मारक बनाए ताकि इस बलिदान को लंबे समय तक याद रखा जा सके। डॉ. तंवर ने शहीद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किए और सोनिया गांधी द्वारा भेजा गया शोक संदेश भी सौंपा। उनके साथ पूर्व विधायक राजपाल भूखड़ी, भूपेंद्र राणा, सुरेश ढांडा, राजकुमार त्यागी, देवेंद्र चावला, प्रदीप जैलदार, दीपक त्यागी सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
आतंकी को किया था ढेर
15 सितंबर 1990 को पैदा हुए 24 वर्षीय रॉकी वर्ष 2012 में सीमा सुरक्षा बल की 59वीं बटालियन में भर्ती हुए थे। पांच अगस्त 2015 को सुबह 7:30 बजे उधमपुर से 17 किलोमीटर दूर सीमरोली में आतंकी हमले में एक आतंकी को मारकर शहीद हुए। रॉकी के परिवार में उनके माता-पिता के अलावा बड़ा भाई और छोटी बहन है।