{"_id":"602437878ebc3ee8ea70476e","slug":"civics-yamuna-nagar-news-knl606197137","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब गूगल महाराज बताएंगे, शहर में कहां-कहां हैं शौचालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब गूगल महाराज बताएंगे, शहर में कहां-कहां हैं शौचालय
विज्ञापन
यमुुनानगर। शहर के किसी इलाके में आपको शौचालय की जरूरत महसूस हो तो अब आसपास के लोगों से लोकेशन पूछने की जरूरत नहीं होगी। आप अपने स्मार्ट फोन पर गूगल एप खोलकर सिर्फ टॉयलेट सर्च कीजिये। जहां से आपको अपने नजदीकी टॉयलेट का रास्ता मिल जाएगा। शहर के 119 पब्लिक टॉयलेट्स की लोकेशन गूगल मैप पर अपडेट की गई है, जिसमें 16 सुलभ, 59 सार्वजनिक व 44 सामुदायिक शौचालय है। वहीं नगर निगम के सामुदायिक शौचालय, पब्लिक टॉयलेट, सुलभ इंटरनेशनल द्वारा संचालित सह सामुदायिक शौचालय, पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, होटल आदि में भी शौचालय को गूगल में उपलब्ध किया गया है।
हालांकि शहर में 5 यूरिनल भी है। लेकिन ये गूगल एप पर नहीं है। आप शौचालय के कितने पास है, इसकी जानकारी गूगल एप देगा। शौच के बाद आप शौचालय की सफाई व्यवस्था के लिए फीडबैक भी दे सकते हैं। हालांकि नगर निगम ने लोकल स्तर पर सभी शौचालयों पर फीडबैक लेने को बार कोड भी लगाया है। लेकिन, इस एप के द्वारा स्वच्छता का फीडबैक सरकार को भी ऑनलाइन दे सकते हैं।
शौचालयों की दशा सरकार को कराए अवगत
यदि आप स्मार्ट फोन का प्रयोग करते हैं, तो आपको अपने शहर की सफाई व्यवस्था के लिए जागरूक होना चाहिए। यदि आप जागरूक होंगे तो आपका शहर स्वच्छता सर्वेक्षण में अव्वल आ सकता है। क्योंकि इस बार स्वच्छता को लेकर आमजन से फीडबैक लिया जा रहा है। चाहे वह सड़क, नाली, गली व नालों की हो या फिर सुलभ, सार्वजनिक या सामुदायिक शौचालयों की सफाई का फीडबैक देना हो। यदि आप जागरूक होंगे तो आप खुद ही चौतरफा सफाई का बीड़ा बस एक स्मार्ट फोन से उठा सकते हैं। गूगल मैपिंग से मोबाइल में एक क्लिक पर ही नजदीकी शौचालयों का प्रयोग करने के बाद सफाई के आधार पर उनकी रेटिंग भी कर सकते हैं।
विज्ञापन
अनजान मुसाफिरों को मिलेगी सहायता
गूगल टॉयलेट होने से अनजान मुसाफिरों का शौचालय ढूंढने में परेशानी नहीं होगी। क्योंकि जिले में गांव-देहात व अन्य कस्बों से शहर में विभिन्न कार्यों के चलते लोग आते हैं। यही नहीं फैक्टरियों में बाहरी राज्यों से आने वाले मजदूर भी कार्य करने आते हैं। ऐसे में सड़क पर अचानक होने वाले लघु शंका से परेशानी नहीं होगी। ऐसे में उन्हें पब्लिक टायलेट की जानकारी का अभाव होने पर वॉशरूम की समस्या झेलनी नहीं पड़ेगी।
शहर के 119 शौचालय गूगल लोकेशन पर हैं। यदि कोई शहर से अनजान व्यक्ति आता है, तो उसे किसी से पूछने की जरूरत नहीं है। बशर्तें उस पर स्मार्ट फोन हो और उसे चलाना आता हो। यहीं नहीं शौचालय के इस्तेमाल के बाद व्यक्ति सफाई को लेकर अपनी फीडबैक भी दे सकता है।
-गोविंद शर्मा, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर
विज्ञापन
हालांकि शहर में 5 यूरिनल भी है। लेकिन ये गूगल एप पर नहीं है। आप शौचालय के कितने पास है, इसकी जानकारी गूगल एप देगा। शौच के बाद आप शौचालय की सफाई व्यवस्था के लिए फीडबैक भी दे सकते हैं। हालांकि नगर निगम ने लोकल स्तर पर सभी शौचालयों पर फीडबैक लेने को बार कोड भी लगाया है। लेकिन, इस एप के द्वारा स्वच्छता का फीडबैक सरकार को भी ऑनलाइन दे सकते हैं।
विज्ञापन
शौचालयों की दशा सरकार को कराए अवगत
यदि आप स्मार्ट फोन का प्रयोग करते हैं, तो आपको अपने शहर की सफाई व्यवस्था के लिए जागरूक होना चाहिए। यदि आप जागरूक होंगे तो आपका शहर स्वच्छता सर्वेक्षण में अव्वल आ सकता है। क्योंकि इस बार स्वच्छता को लेकर आमजन से फीडबैक लिया जा रहा है। चाहे वह सड़क, नाली, गली व नालों की हो या फिर सुलभ, सार्वजनिक या सामुदायिक शौचालयों की सफाई का फीडबैक देना हो। यदि आप जागरूक होंगे तो आप खुद ही चौतरफा सफाई का बीड़ा बस एक स्मार्ट फोन से उठा सकते हैं। गूगल मैपिंग से मोबाइल में एक क्लिक पर ही नजदीकी शौचालयों का प्रयोग करने के बाद सफाई के आधार पर उनकी रेटिंग भी कर सकते हैं।
विज्ञापन
अनजान मुसाफिरों को मिलेगी सहायता
गूगल टॉयलेट होने से अनजान मुसाफिरों का शौचालय ढूंढने में परेशानी नहीं होगी। क्योंकि जिले में गांव-देहात व अन्य कस्बों से शहर में विभिन्न कार्यों के चलते लोग आते हैं। यही नहीं फैक्टरियों में बाहरी राज्यों से आने वाले मजदूर भी कार्य करने आते हैं। ऐसे में सड़क पर अचानक होने वाले लघु शंका से परेशानी नहीं होगी। ऐसे में उन्हें पब्लिक टायलेट की जानकारी का अभाव होने पर वॉशरूम की समस्या झेलनी नहीं पड़ेगी।
शहर के 119 शौचालय गूगल लोकेशन पर हैं। यदि कोई शहर से अनजान व्यक्ति आता है, तो उसे किसी से पूछने की जरूरत नहीं है। बशर्तें उस पर स्मार्ट फोन हो और उसे चलाना आता हो। यहीं नहीं शौचालय के इस्तेमाल के बाद व्यक्ति सफाई को लेकर अपनी फीडबैक भी दे सकता है।
-गोविंद शर्मा, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर