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Yamuna Nagar News: सरकारी विद्यालयों में बच्चे करेंगे रामलीला का मंचन
Fri, 27 Sep 2024 08:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 27 Sep 2024 08:18 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले के सरकारी स्कूलों में छोटे-छोटे बच्चे रामलीला करते नजर आएंगे। स्कूलों में शिक्षा विभाग की ओर से यह कार्यक्रम करवाया जा रहा है। यह कार्यक्रम स्कूलों में निपुण हरियाणा मिशन के तहत बाल रामलीला के नाम से करवाया जाएगा।
विभाग की ओर से शेड्यूल जारी कर दिया गया है। शेड्यूल के अनुसार प्राइमरी स्कूलों में 12 से 27 अक्टूबर तक रामलीला करवाई जानी है। इसके लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से सभी जिलों के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला निपुण समन्वयक को पत्र जारी किया है। पत्र में रामलीला करवाने को लेकर नियम व आदेश भी जारी किए हैं। प
पत्र में परिषद की ओर से आदेश जारी किया गया है कि रामलीला के वेशभूषा, रंगमंच सहित अन्य तमाम सामग्री स्थानीय स्तर पर जुटाएंगे। इसके लिए बच्चों को नहीं कहा जाएगा। बल्कि यह सामग्री जुटाने के लिए अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन समिति, सरपंच व अन्यों से इसका बंदोबस्त करेंगे। इस दौरान किसी प्रकार की सामग्री इत्यादि के लिए बच्चों को नहीं कहा जाएगा।
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बच्चों में भाषाई शुद्धि, उच्चारण में स्पष्टता, शब्दों का ज्ञान व संवाद में कुशलता के लिए शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में बाल रामीलाला करवाई जाती है। सरकारी स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे रामलीला का मंचन करते हैं। मंचन में रामायण के सभी पत्रों की भूमिका बच्चे हीं निभाते हैं। रामलीला के संवाद शिक्षक तैयार करते हैं। रामलीला के लिए मात्र दो सप्ताह का समय शेष है, जिसमें सभी तैयारियां पूरी की जानी हैं।
चुनाव में व्यस्त गुरुजी, कैसे तैयार होंगे संवाद
बाल रामलीला के लिए विशेष संवाद तैयार किए जाते हैं। यह संवाद छोटे और सरल भाषा में होते हैं, ताकि छोटे बच्चे आसानी से इसका उच्चारण कर सकें। यही नहीं बच्चों को शब्दों का ज्ञान व अर्थ भी बताना होगा। यह संवाद शिक्षक ही तैयार करेंगे। शिक्षक इन दिनों चुनाव ड्यूटी में व्यस्त हैं। पांच अक्टूबर को मतदान और आठ अक्टूबर को गणना होगी, तब तक शिक्षक इसमें व्यस्त रहेंगे। ऐसे में रामलीला के लिए संवाद तैयार करना शिक्षकों के लिए मुश्किल हो जाएगा।
पहली से दूसरी और तीसरी से पांचवीं कक्षा के होंगे अलग संवाद
पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों के लिए अलग और तीसरी से पांचवीं के बच्चों के लिए अलग संवाद तैयार किए जाएंगे। यही नहीं बच्चों को रामलीला का पूर्वाभ्यास भी करवाया जाना है। अभी स्कूलों में परीक्षाएं भी चल रही हैं, यह महीना परीक्षा में गुजर जाएगा। दूसरी तरह अध्यापक व्यस्त होंगे, ऐसे में इसका क्रियान्वयन दोनों के लिए मुश्किल होगा। बाल रामलीला में बच्चे श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान, अंगद, सुग्रीव सहित रामायण के अन्य पात्रों का किरदार निभाते हैं। शिक्षक गाइडलाइन के अनुसार इसके संवाद तैयार करते हैं।
नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में बाल रामायण करवाई जाती है। परिषद की ओर से शेड्यूल जारी किया गया है। इसके लिए सभी को पत्र भेज दिया गया है। शेड्यूल के अनुसार रामलीला करवाई जाएगी। शिक्षक समय पर संवाद तैयार कर लेंगे। - संजीव सैनी, एफएलएन समन्वयक।
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जगाधरी। जिले के सरकारी स्कूलों में छोटे-छोटे बच्चे रामलीला करते नजर आएंगे। स्कूलों में शिक्षा विभाग की ओर से यह कार्यक्रम करवाया जा रहा है। यह कार्यक्रम स्कूलों में निपुण हरियाणा मिशन के तहत बाल रामलीला के नाम से करवाया जाएगा।
विभाग की ओर से शेड्यूल जारी कर दिया गया है। शेड्यूल के अनुसार प्राइमरी स्कूलों में 12 से 27 अक्टूबर तक रामलीला करवाई जानी है। इसके लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से सभी जिलों के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला निपुण समन्वयक को पत्र जारी किया है। पत्र में रामलीला करवाने को लेकर नियम व आदेश भी जारी किए हैं। प
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पत्र में परिषद की ओर से आदेश जारी किया गया है कि रामलीला के वेशभूषा, रंगमंच सहित अन्य तमाम सामग्री स्थानीय स्तर पर जुटाएंगे। इसके लिए बच्चों को नहीं कहा जाएगा। बल्कि यह सामग्री जुटाने के लिए अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन समिति, सरपंच व अन्यों से इसका बंदोबस्त करेंगे। इस दौरान किसी प्रकार की सामग्री इत्यादि के लिए बच्चों को नहीं कहा जाएगा।
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बच्चों में भाषाई शुद्धि, उच्चारण में स्पष्टता, शब्दों का ज्ञान व संवाद में कुशलता के लिए शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में बाल रामीलाला करवाई जाती है। सरकारी स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे रामलीला का मंचन करते हैं। मंचन में रामायण के सभी पत्रों की भूमिका बच्चे हीं निभाते हैं। रामलीला के संवाद शिक्षक तैयार करते हैं। रामलीला के लिए मात्र दो सप्ताह का समय शेष है, जिसमें सभी तैयारियां पूरी की जानी हैं।
चुनाव में व्यस्त गुरुजी, कैसे तैयार होंगे संवाद
बाल रामलीला के लिए विशेष संवाद तैयार किए जाते हैं। यह संवाद छोटे और सरल भाषा में होते हैं, ताकि छोटे बच्चे आसानी से इसका उच्चारण कर सकें। यही नहीं बच्चों को शब्दों का ज्ञान व अर्थ भी बताना होगा। यह संवाद शिक्षक ही तैयार करेंगे। शिक्षक इन दिनों चुनाव ड्यूटी में व्यस्त हैं। पांच अक्टूबर को मतदान और आठ अक्टूबर को गणना होगी, तब तक शिक्षक इसमें व्यस्त रहेंगे। ऐसे में रामलीला के लिए संवाद तैयार करना शिक्षकों के लिए मुश्किल हो जाएगा।
पहली से दूसरी और तीसरी से पांचवीं कक्षा के होंगे अलग संवाद
पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों के लिए अलग और तीसरी से पांचवीं के बच्चों के लिए अलग संवाद तैयार किए जाएंगे। यही नहीं बच्चों को रामलीला का पूर्वाभ्यास भी करवाया जाना है। अभी स्कूलों में परीक्षाएं भी चल रही हैं, यह महीना परीक्षा में गुजर जाएगा। दूसरी तरह अध्यापक व्यस्त होंगे, ऐसे में इसका क्रियान्वयन दोनों के लिए मुश्किल होगा। बाल रामलीला में बच्चे श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान, अंगद, सुग्रीव सहित रामायण के अन्य पात्रों का किरदार निभाते हैं। शिक्षक गाइडलाइन के अनुसार इसके संवाद तैयार करते हैं।
नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में बाल रामायण करवाई जाती है। परिषद की ओर से शेड्यूल जारी किया गया है। इसके लिए सभी को पत्र भेज दिया गया है। शेड्यूल के अनुसार रामलीला करवाई जाएगी। शिक्षक समय पर संवाद तैयार कर लेंगे। - संजीव सैनी, एफएलएन समन्वयक।