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Yamuna Nagar News: बच्चे जानेंगे जंक फूड और पौष्टिक आहार का अंतर
Wed, 25 Sep 2024 03:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 25 Sep 2024 03:52 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी खेल-खेल में जंक फूड व पौष्टिक आहार के बीच अंतर समझ सकेंगे। इसके लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी शेड्यूल मुताबिक बुधवार और गुरुवार को स्कूल, खंड व जिला स्तर पर भाषण व वाद विवाद प्रतियोगिताएं होंगी। आयोजन राष्ट्रीय पोषाहार कार्यक्रम के तहत हो रहा है। इसमें सरकारी स्कूलों के पहली से 12वीं तक के विद्यार्थी शामिल किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को उनकी सेहत के प्रति जागरूक करना है। क्योंकि काफी बच्चे व किशोर जंक फूड के शौक में खुद की सेहत बिगाड़ रहे हैं, इसलिए उन्हें स्कूल स्तर पर ही जंक फूड व पौष्टिक आहार के बीच का अंतर बताया जाना जरूरी है। इसी मकसद के साथ मौलिक शिक्षा निदेशालय से जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर राष्ट्रीय पोषाहार कार्यक्रम के निर्देश दिए हैं।
इसके तहत 25 सितंबर को विद्यार्थियों के बीच सेय नो टू जंक फूड विषय पर भाषण प्रतियोगिता होगी। प्रतियोगिता के साथ ही शिक्षकों द्वारा भी जंक फूड से सेहत पर होने वाले नुकसान बताए जाएंगे। इसके अगले दिन 26 सितंबर को खंड व जिला स्तर पर पौष्टिक आहार विषय पर विद्यार्थियों में वाद विवाद प्रतियोगिता कराई जाएगी। साथ ही शिक्षक उन्हें पौष्टिक आहार का महत्व बताएंगे।
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डीईओ धर्मेंद्र चौधरी का कहना है कि निदेशालय के निर्देशानुसार स्कूलों में कार्यक्रम किए जाएंगे, जिनकी एक्टिविटी के फोटो शिक्षक लेकर सबमिट भी करेंगे। इसकी कंपाइल रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी जाएगी। विद्यार्थियों को जंक फूड व पौष्टिक आहार बारे बताने के साथ कार्यक्रम के तहत 28 सितंबर को स्कूलों में कुक कम हेल्पर का स्वास्थ्य भी जांच जाएगा।
इसके अलावा उन्हें विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके लिए स्कूलों में शिविर लगाए जाने हैं। इसके अलावा 30 सितंबर को भी न्यूट्रिशन पर पैरेंट्स टीचर मीटिंग होगी। इस दौरान पुरस्कार वितरण कार्यक्रम भी होगा, जिसमें प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
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यमुनानगर। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी खेल-खेल में जंक फूड व पौष्टिक आहार के बीच अंतर समझ सकेंगे। इसके लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी शेड्यूल मुताबिक बुधवार और गुरुवार को स्कूल, खंड व जिला स्तर पर भाषण व वाद विवाद प्रतियोगिताएं होंगी। आयोजन राष्ट्रीय पोषाहार कार्यक्रम के तहत हो रहा है। इसमें सरकारी स्कूलों के पहली से 12वीं तक के विद्यार्थी शामिल किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को उनकी सेहत के प्रति जागरूक करना है। क्योंकि काफी बच्चे व किशोर जंक फूड के शौक में खुद की सेहत बिगाड़ रहे हैं, इसलिए उन्हें स्कूल स्तर पर ही जंक फूड व पौष्टिक आहार के बीच का अंतर बताया जाना जरूरी है। इसी मकसद के साथ मौलिक शिक्षा निदेशालय से जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर राष्ट्रीय पोषाहार कार्यक्रम के निर्देश दिए हैं।
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इसके तहत 25 सितंबर को विद्यार्थियों के बीच सेय नो टू जंक फूड विषय पर भाषण प्रतियोगिता होगी। प्रतियोगिता के साथ ही शिक्षकों द्वारा भी जंक फूड से सेहत पर होने वाले नुकसान बताए जाएंगे। इसके अगले दिन 26 सितंबर को खंड व जिला स्तर पर पौष्टिक आहार विषय पर विद्यार्थियों में वाद विवाद प्रतियोगिता कराई जाएगी। साथ ही शिक्षक उन्हें पौष्टिक आहार का महत्व बताएंगे।
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डीईओ धर्मेंद्र चौधरी का कहना है कि निदेशालय के निर्देशानुसार स्कूलों में कार्यक्रम किए जाएंगे, जिनकी एक्टिविटी के फोटो शिक्षक लेकर सबमिट भी करेंगे। इसकी कंपाइल रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी जाएगी। विद्यार्थियों को जंक फूड व पौष्टिक आहार बारे बताने के साथ कार्यक्रम के तहत 28 सितंबर को स्कूलों में कुक कम हेल्पर का स्वास्थ्य भी जांच जाएगा।
इसके अलावा उन्हें विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके लिए स्कूलों में शिविर लगाए जाने हैं। इसके अलावा 30 सितंबर को भी न्यूट्रिशन पर पैरेंट्स टीचर मीटिंग होगी। इस दौरान पुरस्कार वितरण कार्यक्रम भी होगा, जिसमें प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।