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Yamuna Nagar News: ठंड में निमोनिया की चपेट में आ रहे बच्चे
Sun, 28 Dec 2025 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 28 Dec 2025 12:01 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में लगातार बढ़ रही ठंड अब बच्चों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ने लगी है। तापमान में गिरावट, ठंडी हवाएं और घना कोहरा छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम और निमोनिया के मामलों में तेजी से इजाफा कर रहे हैं। इसका असर सीधे मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की ओपीडी पर दिखाई दे रहा है।
जिला अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में प्रतिदिन करीब 100 से अधिक बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। सामान्य दिनों की तुलना में अधिक संख्या में परिजन बच्चों से संबंधित परामर्श के लिए आ रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या उन बच्चों की है जो निमोनिया से पीड़ित पाए जा रहे हैं।
इसके अलावा सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, सांस लेने में परेशानी और वायरल संक्रमण के मामलों में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। कई बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है। 100 में से 15 से 20 बच्चे निमोनिया से ग्रस्त हैं। जिला नागरिक अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सपना कांबोज ने बताया कि ठंड के मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। खासकर नवजात शिशु और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
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सुबह और शाम चलने वाली ठंडी हवाएं, कोहरा और अचानक तापमान में गिरावट बच्चों को जल्दी बीमार कर देती हैं। यदि शुरुआती सर्दी-जुकाम का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है और निमोनिया जैसी जानलेवा बीमारी का कारण बन सकती है। डॉ. कांबोज ने कहा कि बच्चों में तेज सांस, सीने में घरघराहट, लगातार बुखार, दूध या खाना न पीना, अत्यधिक सुस्ती, उल्टी-दस्त या सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी चिकित्सक या अस्पताल से संपर्क करें।
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यमुनानगर। जिले में लगातार बढ़ रही ठंड अब बच्चों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ने लगी है। तापमान में गिरावट, ठंडी हवाएं और घना कोहरा छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम और निमोनिया के मामलों में तेजी से इजाफा कर रहे हैं। इसका असर सीधे मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की ओपीडी पर दिखाई दे रहा है।
जिला अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में प्रतिदिन करीब 100 से अधिक बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। सामान्य दिनों की तुलना में अधिक संख्या में परिजन बच्चों से संबंधित परामर्श के लिए आ रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या उन बच्चों की है जो निमोनिया से पीड़ित पाए जा रहे हैं।
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इसके अलावा सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, सांस लेने में परेशानी और वायरल संक्रमण के मामलों में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। कई बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है। 100 में से 15 से 20 बच्चे निमोनिया से ग्रस्त हैं। जिला नागरिक अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सपना कांबोज ने बताया कि ठंड के मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। खासकर नवजात शिशु और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
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सुबह और शाम चलने वाली ठंडी हवाएं, कोहरा और अचानक तापमान में गिरावट बच्चों को जल्दी बीमार कर देती हैं। यदि शुरुआती सर्दी-जुकाम का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है और निमोनिया जैसी जानलेवा बीमारी का कारण बन सकती है। डॉ. कांबोज ने कहा कि बच्चों में तेज सांस, सीने में घरघराहट, लगातार बुखार, दूध या खाना न पीना, अत्यधिक सुस्ती, उल्टी-दस्त या सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी चिकित्सक या अस्पताल से संपर्क करें।