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Yamuna Nagar News: प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा व सुविधाओं का स्तर जांचा
Sat, 28 Dec 2024 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 28 Dec 2024 01:10 AM IST
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यमुनानगर। शिक्षा व अन्य व्यवस्थाओं के मामले में जिले के राजकीय प्राथमिक स्कूलों का हाल जानने के लिए शुक्रवार को एक साथ 594 स्कूलों का पर्यवेक्षण हुआ। ऐसा शिक्षा दीक्षा पर्यवेक्षण कार्यक्रम के तहत किया गया। इस दौरान उक्त स्कूलों में विद्यार्थियों को दी जा रही शिक्षा का स्तर, सुविधाओं व व्यवस्थाओं की जांच की गई।
कार्यक्रम के तहत पर्यवेक्षण सभी 594 स्कूलों में एक दिन में एकसाथ करना था, इसलिए इसमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों से लेकर शिक्षक व अन्य स्टाफ से भी पर्यवेक्षक का कार्य लिया गया। हर स्कूल में एक-एक पर्यवेक्षक प्रार्थना सभा से पहले पहुंचा और छुट्टी तक स्कूल में रहकर अलग-अलग बिंदुओं पर निगरानी की। इसके बाद पर्यवेक्षक स्कूलों की आंकड़ों सहित रिपोर्ट विभाग के पोर्टल पर भरने का काम किया। इस दौरान स्कूलों के पर्यवेक्षण में किसी भी तरह का पक्षपात न हो, इसलिए स्कूलों के पर्यवेक्षण के लिए दूसरे क्लस्टर या दूसरे खंड से पर्यवेक्षक लगाए गए।
पर्यवेक्षण के दौरान कक्षावार स्किल पासबुक, एफएलएन कार्यक्रम की प्रगति, बच्चों के लर्निंग आउटकम, अध्यापकों के कक्षा में पढ़ाने के तरीकों की जांच की गई। इसके अलावा बच्चों को पाठ्य पुस्तकों, कार्य पुस्तकों व अन्य सामग्री के वितरण, मिड-डे मील योजना, स्मार्टशाला, बैग फ्री अंग्रेजी माध्यम स्कूल, स्मार्ट क्लासरूम, मैथ्स किट, बाला ग्रांट, ड्यूल डेस्क, बाल वाटिका व विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रम में बच्चों की प्रतिभागिता सहित अन्य बिंदुओं का भी अवलोकन किया गया।
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स्कूलों के पर्यवेक्षण के लिए 27 दिसंबर की तारीख पहले से निर्धारित कर ली गई थी, इसलिए शुक्रवार को स्कूलों में पर्यवेक्षण के लिए निकले अधिकारियों से लेकर शिक्षकों को ठंड के साथ बारिश का भी सामना करना पड़ा। स्कूलों में भी पर्यवेक्षण कार्यक्रम में बारिश क चलते स्टाफ को दिक्कतों से दो-चार होना पड़ा। डीपीसी डॉ. धर्मवीर ने बताया कि शिक्षा-दीक्षा पर्यवेक्षण कार्यक्रम की तैयारी पहले से थी। शुक्रवार को एक दिन एक साथ जिले के सभी स्कूलों में पर्यवेक्षण किया गया। इसके अंतर्गत न सिर्फ बच्चों की शिक्षा का स्तर जांचा गया बल्कि उनको पढ़ाने वाले अध्यापकों की ओर से अपनाई गई शिक्षण विधियों के साथ स्कूल की मौजूदा व्यवस्था व सुविधाएं भी जांची जाएंगी। इस पर्यवेक्षण का उद्देश्य स्कूलों में सकारात्मक सुधारों को प्रबल करते हुए निपुण हरियाणा के लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करना है।
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कार्यक्रम के तहत पर्यवेक्षण सभी 594 स्कूलों में एक दिन में एकसाथ करना था, इसलिए इसमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों से लेकर शिक्षक व अन्य स्टाफ से भी पर्यवेक्षक का कार्य लिया गया। हर स्कूल में एक-एक पर्यवेक्षक प्रार्थना सभा से पहले पहुंचा और छुट्टी तक स्कूल में रहकर अलग-अलग बिंदुओं पर निगरानी की। इसके बाद पर्यवेक्षक स्कूलों की आंकड़ों सहित रिपोर्ट विभाग के पोर्टल पर भरने का काम किया। इस दौरान स्कूलों के पर्यवेक्षण में किसी भी तरह का पक्षपात न हो, इसलिए स्कूलों के पर्यवेक्षण के लिए दूसरे क्लस्टर या दूसरे खंड से पर्यवेक्षक लगाए गए।
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पर्यवेक्षण के दौरान कक्षावार स्किल पासबुक, एफएलएन कार्यक्रम की प्रगति, बच्चों के लर्निंग आउटकम, अध्यापकों के कक्षा में पढ़ाने के तरीकों की जांच की गई। इसके अलावा बच्चों को पाठ्य पुस्तकों, कार्य पुस्तकों व अन्य सामग्री के वितरण, मिड-डे मील योजना, स्मार्टशाला, बैग फ्री अंग्रेजी माध्यम स्कूल, स्मार्ट क्लासरूम, मैथ्स किट, बाला ग्रांट, ड्यूल डेस्क, बाल वाटिका व विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रम में बच्चों की प्रतिभागिता सहित अन्य बिंदुओं का भी अवलोकन किया गया।
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स्कूलों के पर्यवेक्षण के लिए 27 दिसंबर की तारीख पहले से निर्धारित कर ली गई थी, इसलिए शुक्रवार को स्कूलों में पर्यवेक्षण के लिए निकले अधिकारियों से लेकर शिक्षकों को ठंड के साथ बारिश का भी सामना करना पड़ा। स्कूलों में भी पर्यवेक्षण कार्यक्रम में बारिश क चलते स्टाफ को दिक्कतों से दो-चार होना पड़ा। डीपीसी डॉ. धर्मवीर ने बताया कि शिक्षा-दीक्षा पर्यवेक्षण कार्यक्रम की तैयारी पहले से थी। शुक्रवार को एक दिन एक साथ जिले के सभी स्कूलों में पर्यवेक्षण किया गया। इसके अंतर्गत न सिर्फ बच्चों की शिक्षा का स्तर जांचा गया बल्कि उनको पढ़ाने वाले अध्यापकों की ओर से अपनाई गई शिक्षण विधियों के साथ स्कूल की मौजूदा व्यवस्था व सुविधाएं भी जांची जाएंगी। इस पर्यवेक्षण का उद्देश्य स्कूलों में सकारात्मक सुधारों को प्रबल करते हुए निपुण हरियाणा के लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करना है।