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Yamuna Nagar News: चेक डैम होंगे जीवंत, नहीं पड़ेगा पानी का अकाल
Tue, 30 Apr 2024 04:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 30 Apr 2024 04:45 AM IST
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सुरेश सैनी
यमुनानगर। अनदेखी के कारण खंड साढौरा की चार पंचायतों भोलीवाला, नयागांव, टोडरपुर व नानहड़ी के लिए सालों से अभिशाप बने चेक डैम फिर जीवंत होंगे। करीब 7.27 करोड़ की लागत से इन चेक डैमों का नवीनीकरण किया जाएगा। इसके बाद भविष्य में यहां पानी का अकाल नहीं पड़ेगा।
भोलीवाला व नयागांव पंचायत का चेक डैम निविदा प्रक्रियां में है और टोडरपुर व नानहड़ी पंचायत में प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेज दिया गया। आचार संहिता के बाद चारों चेक डैमों के नवीनीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वहीं इन चेक डैम के दोबारा सुचारू होने से साथ लगती एक हजार से अधिक एकड़ भूमि को सिंचाई करने में दिक्कत नहीं आएगी।
खंड साढौरा के इन गांवों में सिंचाई का साधन न होने के कारण यहां खेती केवल बरसात के पानी पर ही निर्भर है। यहां की जमीन पथरीली होने के चलते ट्यूबवेल ही नहीं लग सकता। ये चारों पंचायतें हिमाचल की पहाड़ियों से सटी हुई हैं। वहीं अब अटल भूजल योजना के माध्यम से भोलीवाला व नयागांव में 1.5 करोड़, टोडरपुर में 3.34 करोड़ व नानहड़ी 2.43 करोड़ रुपये से चेक डैमों का नवीनीकरण किया जाएगा।
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इन चेक डैमों को दोबारा से जीवंत करने के लिए सिंचाई विभाग की तरफ से सर्वे भी कराया जा चुका है। आचार संहिता हटते ही यहां कार्य शुरू हो जाएगा। ये चारों पंचायतें आपस में पांच से सात किमी दूरी के एरिया में ही हैं। चेक डैम का नवीनीकरण होने के कारण धरती से एक बूंद भी पानी नहीं लिया जाएगा। पंचायत व सिंचाई के लिए सारा पानी चेक डैम के माध्यम से वितरित किया जाएगा। हालात ये है कि चार-चार एकड़ में बने 35 फीट गहरे चेक डैमों में गाद जमने से मात्र तीन से चार फीट गहरे ही रह गए।
पहाड़ी क्षेत्र और गहरे जल स्तर के कारण यहां पानी की गंभीर समस्या रही, ऐसे में साल 2001-2002 में वन विभाग ने कंडी योजना के तहत इन पंचायतों के लिए चैक डैम बनाए थे। लेकिन ये चेक डैम अनदेखी के चलते गाद से भर गए। ऐसे में फिर से पानी की समस्या सामने आने लगी।
ग्रामीणों के अनुसार, 2001 से पहले यहां का भूजल स्तर 1050 फीट था। इससे खेती करना बहुत कठिन और महंगा था। अब गाद जमा होने के कारण चेक डैमों की क्षमता भी बहुत कम हो गई है, जैसे ही थोड़ी सी बारिश का पानी आता है तो पानी फैल जाता है। डैम की भंडारण क्षमता बहुत कम होकर नाममात्र की हो गयी है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। संवाद
डैम से पाइपलाइन का भी प्रपोजल
नवीनीकरण के साथ ही सिंचाई के लिए गांव तक पाइपलाइन बिछाने का भी प्रपोजल है। इस पाइपलाइन से खेतों में पानी भेजा जाएगा तो कुछ ग्रामीणों के लिए। वहीं चेक डैम के नवीनीकरण होने से बाढ़ का भी खतरा खत्म होगा। मौजूदा समय में इन चेक डैमों में गाद जमीं है, ऐसे में बरसात के दिनों में यहां का पानी फैल जाता है, जो बाढ़ का कारण भी बनती है। इतना नहीं डैम की स्थिति खराब होने से साल में एक भी फसल के लिए पानी नहीं मिल पाता। ऐसे में ग्रामीणों के लिए खेती करना अब बहुत मुश्किल हो गया है।
खंड साढौरा की चार पंचायतों के लिए चेक डैमों का नवीनीकरण की योजना है इनमें भोलीवाली व नयागांव का टेंडर स्टेज पर तथा टोडरपुर और नानहड़ी पंचायतों का प्रपोजल बनाकर भेज दिया गया है। आचार संहित हटने के बाद यहां कार्य शुरू कर दिया जाएगा। चेक डैम से सिंचाई के साधन खुलेंगे तथा बाढ़ का खतरा भी खत्म होगा। - भूपेंद्र सिंह, आईईसी विशेषज्ञ अटल भूजल योजना।
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यमुनानगर। अनदेखी के कारण खंड साढौरा की चार पंचायतों भोलीवाला, नयागांव, टोडरपुर व नानहड़ी के लिए सालों से अभिशाप बने चेक डैम फिर जीवंत होंगे। करीब 7.27 करोड़ की लागत से इन चेक डैमों का नवीनीकरण किया जाएगा। इसके बाद भविष्य में यहां पानी का अकाल नहीं पड़ेगा।
भोलीवाला व नयागांव पंचायत का चेक डैम निविदा प्रक्रियां में है और टोडरपुर व नानहड़ी पंचायत में प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेज दिया गया। आचार संहिता के बाद चारों चेक डैमों के नवीनीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वहीं इन चेक डैम के दोबारा सुचारू होने से साथ लगती एक हजार से अधिक एकड़ भूमि को सिंचाई करने में दिक्कत नहीं आएगी।
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खंड साढौरा के इन गांवों में सिंचाई का साधन न होने के कारण यहां खेती केवल बरसात के पानी पर ही निर्भर है। यहां की जमीन पथरीली होने के चलते ट्यूबवेल ही नहीं लग सकता। ये चारों पंचायतें हिमाचल की पहाड़ियों से सटी हुई हैं। वहीं अब अटल भूजल योजना के माध्यम से भोलीवाला व नयागांव में 1.5 करोड़, टोडरपुर में 3.34 करोड़ व नानहड़ी 2.43 करोड़ रुपये से चेक डैमों का नवीनीकरण किया जाएगा।
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इन चेक डैमों को दोबारा से जीवंत करने के लिए सिंचाई विभाग की तरफ से सर्वे भी कराया जा चुका है। आचार संहिता हटते ही यहां कार्य शुरू हो जाएगा। ये चारों पंचायतें आपस में पांच से सात किमी दूरी के एरिया में ही हैं। चेक डैम का नवीनीकरण होने के कारण धरती से एक बूंद भी पानी नहीं लिया जाएगा। पंचायत व सिंचाई के लिए सारा पानी चेक डैम के माध्यम से वितरित किया जाएगा। हालात ये है कि चार-चार एकड़ में बने 35 फीट गहरे चेक डैमों में गाद जमने से मात्र तीन से चार फीट गहरे ही रह गए।
पहाड़ी क्षेत्र और गहरे जल स्तर के कारण यहां पानी की गंभीर समस्या रही, ऐसे में साल 2001-2002 में वन विभाग ने कंडी योजना के तहत इन पंचायतों के लिए चैक डैम बनाए थे। लेकिन ये चेक डैम अनदेखी के चलते गाद से भर गए। ऐसे में फिर से पानी की समस्या सामने आने लगी।
ग्रामीणों के अनुसार, 2001 से पहले यहां का भूजल स्तर 1050 फीट था। इससे खेती करना बहुत कठिन और महंगा था। अब गाद जमा होने के कारण चेक डैमों की क्षमता भी बहुत कम हो गई है, जैसे ही थोड़ी सी बारिश का पानी आता है तो पानी फैल जाता है। डैम की भंडारण क्षमता बहुत कम होकर नाममात्र की हो गयी है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। संवाद
डैम से पाइपलाइन का भी प्रपोजल
नवीनीकरण के साथ ही सिंचाई के लिए गांव तक पाइपलाइन बिछाने का भी प्रपोजल है। इस पाइपलाइन से खेतों में पानी भेजा जाएगा तो कुछ ग्रामीणों के लिए। वहीं चेक डैम के नवीनीकरण होने से बाढ़ का भी खतरा खत्म होगा। मौजूदा समय में इन चेक डैमों में गाद जमीं है, ऐसे में बरसात के दिनों में यहां का पानी फैल जाता है, जो बाढ़ का कारण भी बनती है। इतना नहीं डैम की स्थिति खराब होने से साल में एक भी फसल के लिए पानी नहीं मिल पाता। ऐसे में ग्रामीणों के लिए खेती करना अब बहुत मुश्किल हो गया है।
खंड साढौरा की चार पंचायतों के लिए चेक डैमों का नवीनीकरण की योजना है इनमें भोलीवाली व नयागांव का टेंडर स्टेज पर तथा टोडरपुर और नानहड़ी पंचायतों का प्रपोजल बनाकर भेज दिया गया है। आचार संहित हटने के बाद यहां कार्य शुरू कर दिया जाएगा। चेक डैम से सिंचाई के साधन खुलेंगे तथा बाढ़ का खतरा भी खत्म होगा। - भूपेंद्र सिंह, आईईसी विशेषज्ञ अटल भूजल योजना।