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सावधान ः त्योहारों का मजा बिगाड़ न दे डेंगू का डंक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Nov 2021 01:18 AM IST
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Caution: Dengue stings do not spoil the fun of festivals, Yamunanagar
सरोजिनी कॉलोनी में फागिंग करते निगम निगम के कर्मचारी। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। त्योहारों की खुशियों को डेंगू के डंक का डसने में लगा हुआ है। हर दिन जिले की स्थिति खराब हो रही है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। निजी अस्पतालों में लोग भर्ती हो रहे हैं और चिकित्सक उनका डेंगू का उपचार कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में डेंगू के कुल 172 मरीज हैं। वहीं निजी अस्पतालों के दावों के अनुसार एक ही कॉलोनी में डेंगू के 150 से 200 केस मिल जाएंगे।
शहर में डेंगू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग सहित नगर निगम भी लगा हुआ है। अभी तक स्थिति काबू नहीं आ रही है। नगर निगम का दावा है कि दिन ही नहीं अब रात में ही फॉगिंग करवाई जा रही है। वहीं पार्षद ही अधिकारियों के इस रवैये से नाखुश हैं। पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम महज खानापूर्ति कर रहा है, जिससे मच्छर जनित डेंगू काबू से बाहर होता जा रहा है। जिले में अब तक 172 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। वहीं140 लोगों की रिपोर्ट का विभाग को इंतजार है। इसके अलावा बुखार से जिले में करीब 12 लोगों की जान चली गई है। परिजन इसे डेंगू बता रहे हैं, जबकि विभाग ने डेंगू पुष्टि नहीं की है।
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फॉगिंग को लेकर पार्षद नाराज
नगर निगम कर्मचारी लगातार शहर में फॉगिंग कर करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन इसका असर नहीं दिखाई दे रहा है। जिन तीन क्षेत्रों में फॉगिंग करवाई गई थी, वहां से भी डेंगू के कंफर्म केस मिले हैं। ऐसे में पार्षदों में निगम अधिकारियों के प्रति बहुत गुस्सा है।
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वार्ड 13 के पार्षद निर्मल चौहान, वार्ड 5 से विनय टिंकू कांबोज, वार्ड 3 से प्रतिनिधि अमरजीत कोहली, वार्ड 4 से देवेंद्र सिंह, वार्ड 8 से विनोद मरवाह ने कहा कि फॉगिंग से पहले उन्हें सूचना दी जाए, ताकि वे कर्मचारियों के साथ जाकर व्यवस्थित तरीके से छिड़काव करवा सकें। इससे पहले भी ऐसा ही होता रहा है, लेकिन अब उन्हें जानकारी नहीं होती कि फॉगिंग करवाई जा रही है। कर्मचारी गलियों में धुआं छोड़कर एक घंटे में ही खिसक जाते हैं, जबकि एक कॉलोनी को कवर करने में कम से कम दो दिन लगते हैं।
पार्षदों ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही लोगों की जान पर आफत पड़ रही है। इस संबंध में नगर निगम आयुक्त अजय तोमर का कहना है कि कर्मचारी दिन रात शहर के विभिन्न हिस्सों में फॉगिंग कर रहे हैं। अधिकांश क्षेत्रों को अब रात में कवर किया जा रहा है। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जा रही है। यदि ऐसा हो रहा है तो इसकी जांच करवाएंगे। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

वर्जन
विभाग निजी अस्पताल के टेस्ट को नहीं मानता है। चूंकि इसकी सत्यता में खोट होता है। विभाग की ओर से एलाइजा टेस्ट करवाया जाता है, जो पूरी तरह सही और प्रमाणित होता है। निजी अस्पतालों के टेस्ट में मामूली बुखार भी डेंगू पॉजिटिव आ जाता है। ऐसे में विभाग इसे नहीं मानता। - डॉ. वागेश गुटेन, जिला मलेरिया अधिकारी।
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