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राज्यस्तरीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर शुरू
ब्ूयरो/अमर उजाला, यमुनानगर
Updated Tue, 09 Jun 2015 12:32 AM IST
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राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग ने हथिनी कुंड बैराज के पास पश्चिमी यमुना नहर की नई लिंक चैनल में पांच दिवसीय राज्यस्तरीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर शुरू किया। इसका उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल गुर्जर ने किया। उन्होंने किश्ती में प्रशिक्षणार्थियों के साथ बैठकर प्रशिक्षण कार्य का अवलोकन किया। शिविर 12 जून तक चलेगा। इसमें राज्य के विभिन्न जिलों के 30 प्रशिक्षणार्थी व 12 प्रशिक्षक हिस्सा ले रहे हैं।
कंवरपाल ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय आपदा में फंसे व्यक्तियों को बचाने के लिए तत्काल सहायता पहुंचाना ही सच्चा मानवीय धर्म है। जिला प्रशासन प्रशिक्षित लोगों की सहायता से ही यह कार्य करता है। जब बाढ़ आती है तो बाढ़ का पानी तेजी से बहता है। क्षेत्र और गांवों का संपर्क टूट जाता है और सड़क के रास्ते गांवों व बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचना मुश्किल हो जाता है। बाढ़ या आपदा कभी भी आ सकती है, ऐसे में प्रशिक्षण प्राप्त व्यक्ति आपदा से अच्छी प्रकार से निपट सकते हैं।
डीसी डॉ. एसएस फुलिया ने कहा कि यमुना, सोम, पथराला, चतंग, साढौरा में बरसात के दिनों में बाढ़ आने का अंदेशा बना रहता है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से अपील की कि वे हर प्रकार का प्रशिक्षण लेकर यहां से जाएं। शिविर में प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को यमुना नदी के बहते पानी में मोटर बोट चलाने व चप्पू से किश्ती चलाने आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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कंवरपाल ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय आपदा में फंसे व्यक्तियों को बचाने के लिए तत्काल सहायता पहुंचाना ही सच्चा मानवीय धर्म है। जिला प्रशासन प्रशिक्षित लोगों की सहायता से ही यह कार्य करता है। जब बाढ़ आती है तो बाढ़ का पानी तेजी से बहता है। क्षेत्र और गांवों का संपर्क टूट जाता है और सड़क के रास्ते गांवों व बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचना मुश्किल हो जाता है। बाढ़ या आपदा कभी भी आ सकती है, ऐसे में प्रशिक्षण प्राप्त व्यक्ति आपदा से अच्छी प्रकार से निपट सकते हैं।
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डीसी डॉ. एसएस फुलिया ने कहा कि यमुना, सोम, पथराला, चतंग, साढौरा में बरसात के दिनों में बाढ़ आने का अंदेशा बना रहता है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से अपील की कि वे हर प्रकार का प्रशिक्षण लेकर यहां से जाएं। शिविर में प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को यमुना नदी के बहते पानी में मोटर बोट चलाने व चप्पू से किश्ती चलाने आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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