{"_id":"634f0e3efdc5b65f46693b0a","slug":"by-becoming-a-judge-prerna-increased-the-value-of-the-village-happiness-among-people-yamuna-nagar-news-knl1249022154","type":"story","status":"publish","title_hn":"जज बनकर प्रेरणा ने गांव का बढ़ाया मान, लोगों में खुशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जज बनकर प्रेरणा ने गांव का बढ़ाया मान, लोगों में खुशी
विज्ञापन
By becoming a judge, Prerna increased the value of the village, happiness among people
- फोटो : Yamuna Nagar
रादौर। किसान परिवार की बेटी प्रेरणा आर्य कांबोज हरियाणा न्यायिक सेवा की परीक्षा पास कर जज बनने वाली है। गांव अलाहर निवासी राजेश आर्य की 25 वर्षीय पुत्री प्रेरणा क्षेत्र से पहली महिला जज हैं। सोमवार शाम को गांव के लोगों को न्यायिक सेवा का परीक्षा परिणाम घोषित होने पर प्रेरणा आर्य के जज बनने की खबर मिली, तो गांव व क्षेत्र के लोग खुशी से झूम उठे। जिसके बाद गांव अलाहर में मिठाइयां बांटने का दौर शुरू हो गया। प्रेरणा के घर बधाइयां देने का तांता लगा हुआ। प्रेरणा किसान परिवार से संबंध रखती है। उनके पिता राजेश आर्य अभी फरीदाबाद की जेबीएम ग्रुप में कार्यरत हैं। वह 22 वर्षों से परिवार के साथ गुड़गांव व फरीदाबाद में रह रहे हैं। प्रेरणा आर्य ने सफलता का श्रेय पिता राजेश आर्य व माता सुधा आर्य को दिया है। उन्होंने उसे सफलता हासिल करने में उसका हर कदम पर मनोबल बढ़ाया।
प्रेरणा ने बताया कि वे प्रतिदिन 12 से 13 घंटे तक पढ़ाई करती थीं। वहीं परीक्षा के लिए कहीं से कोई कोचिंग नहीं ली। सेल्फ स्टडी के दम पर ही यह मुकाम पाया है। प्रेरणा ने बताया कि बचपन से ही उन्होंने जज बनने की ठान ली थी। पिता राजेश आर्य ने बताया कि छठी से ही प्रेरणा एक दिन जज बनकर बात कहा करती थी। उन्होंने कहा कि उन्हें व परिवार को बेटी पर गर्व है। प्रेरणा ने गुड़गांव में 10वीं कक्षा में 98.7 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। एलएलबी व एलएलएम कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से 2020 में पास की थी। जिसके बाद उसने चंडीगढ़ हाईकोर्ट में न्यायिक सेवा की परीक्षा दी थी। जिसमें उसे कामयाबी मिली है। राजेश आर्य ने बताया कि उनकी बेटी प्रेरणा परिवार के साथ गांव में है। उनके पिता व प्रेरणा के दादा अमर सिंह कांबोज व परिवार को गांव व क्षेत्र के लोग बधाइयां देने गांव पहुंच रहे हैं।
वहीं गांव के निवर्तमान सरपंच गोपाल कृष्ण कांबोज ने कहा कि यह उनके गांव अलाहर व रादौर के लिए गर्व की बात है कि उनके गांव के बेटी जज बन गई है। इससे गांव व क्षेत्र का मान सम्मान बढ़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रेरणा ने बताया कि वे प्रतिदिन 12 से 13 घंटे तक पढ़ाई करती थीं। वहीं परीक्षा के लिए कहीं से कोई कोचिंग नहीं ली। सेल्फ स्टडी के दम पर ही यह मुकाम पाया है। प्रेरणा ने बताया कि बचपन से ही उन्होंने जज बनने की ठान ली थी। पिता राजेश आर्य ने बताया कि छठी से ही प्रेरणा एक दिन जज बनकर बात कहा करती थी। उन्होंने कहा कि उन्हें व परिवार को बेटी पर गर्व है। प्रेरणा ने गुड़गांव में 10वीं कक्षा में 98.7 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। एलएलबी व एलएलएम कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से 2020 में पास की थी। जिसके बाद उसने चंडीगढ़ हाईकोर्ट में न्यायिक सेवा की परीक्षा दी थी। जिसमें उसे कामयाबी मिली है। राजेश आर्य ने बताया कि उनकी बेटी प्रेरणा परिवार के साथ गांव में है। उनके पिता व प्रेरणा के दादा अमर सिंह कांबोज व परिवार को गांव व क्षेत्र के लोग बधाइयां देने गांव पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
वहीं गांव के निवर्तमान सरपंच गोपाल कृष्ण कांबोज ने कहा कि यह उनके गांव अलाहर व रादौर के लिए गर्व की बात है कि उनके गांव के बेटी जज बन गई है। इससे गांव व क्षेत्र का मान सम्मान बढ़ा है।
विज्ञापन