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Yamuna Nagar News: टैक्स चोरी में गिरफ्तारी के डर से विदेश भागे कारोबारी

Mon, 27 Oct 2025 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 27 Oct 2025 01:03 AM IST
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Businessmen flee abroad fearing arrest for tax evasion
राजेश कुमार
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यमुनानगर। व्यापार करके टैक्स चोरी करने वाले जिले के कई कारोबारी विदेश भाग गए हैं। इन कारोबारियों को अपनी गिरफ्तारी का डर सता रहा था। फिलहाल उन्होंने परिवार के साथ विदेश में ही अपना ठिकाना बना लिया है। वह लौटेंगे या नहीं इसका पता भविष्य में ही चलेगा। टैक्स का करीब 230 करोड़ रुपये का बकाया कारोबारियों की तरफ बकाया है।
बकाया टैक्स भरने के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग (सेल एंड टैक्स) की तरफ से डिफाल्टरों को नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस देने के बाद भी जब टैक्स नहीं भरा गया तो विभाग की टीमें कारोबारियों के घर पहुंची। इस दौरान पता चला कि कई कारोबारी अब यहां नहीं रहते बल्कि विदेश में चले गए हैं।
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दरअसल जिले में छोटे-बड़े 7663 कारोबारी ऐसे थे जिन पर 30 जून 2017 से पहले तक वैट, जीएसटी, सीएसटी, एंट्री टैक्स, लोकल एरिया डेवलपमेंट टैक्स समेत अन्य प्रकार का करीब 290 करोड़ रुपये टैक्स बकाया था।
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बकाया टैक्स की रिकवरी के लिए इसी साल आबकारी एवं कराधान विभाग ने वन टाइम सेटलमेंट योजना की शुरूआत की थी। इसके तहत कुल 5344 कारोबारियों ने टैक्स भर दिया।
इनमें 4500 कारोबारी एक लाख से कम टैक्स वाले और बाकी एक एक लाख से ज्यादा वाले थे। अब जो 2319 डिफाल्टर बचे हुए हैं उनमें एक लाख रुपये से लेकर 10 लाख, 50 लाख, एक करोड़, 10 करोड़, 12 करोड़ से 21 करोड़ रुपये बकाया टैक्स वाले कारोबारी हैं।
बकाया टैक्स का भुगतान करने के लिए विभाग की तरफ से सभी को नोटिस जारी किए। क्योंकि टैक्स का भुगतान नहीं करने पर गिरफ्तारी का भी प्रावधान है। इस पर कई कारोबारी शहर छोड़ कर विदेश में बस गए।
इनमें कई चेहरे तो ऐसे हैं, जिनका नाम शहर के लगभग सभी लोग जानते हैं। अब विभाग के सामने इनके विदेश जाने के बाद बकाया टैक्स क रिकवरी करना बड़ी चुनौती बन गया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि विभाग विदेश में इनसे संपर्क करने में लगा हुआ है। इनके रिहायशी ठिकानों पर लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं। नोटिस का जवाब नहीं देने पर विभाग आगामी कार्रवाई कर सकता है। संवाद
विभाग ने कई साल के टैक्स जोड़ रखे हैं। जो कारोबारी मर चुके हैं, उनके परिवार से रिकवरी नहीं की जानी चाहिए और जो हैं उनसे जायज टैक्स लेना चाहिए। मेरी इस बारे में सेल एंड टैक्स विभाग के अधिकारियों से बात भी हुई थी। जो विदेश चले गए हैं उन्हें अपना टैक्स जरूर देना चाहिए। -महेंद्र मित्तल, प्रदेश अध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा।

वन टाइम सेटलमेंट योजना के तहत हजारों की संख्या में कारोबारियों ने अपना बकाया टैक्स भरा है। कई कारोबारी ऐसे हैं जिन पर कई करोड़ रुपये टैक्स बकाया है और वह जमा नहीं कर रहे। इनकी पड़ताल करने पर पता चला है कि इनमें से कई विदेश में शिफ्ट हो गए हैं। टैक्स का भुगतान नहीं करने पर गिरफ्तारी का प्रावधान है। -आदितेंद्र तक्षक, डीईटीसी (आबकारी एवं कराधान विभाग) यमुनानगर।
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