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तेज धूप, आंधी और फिर बरसे मेघा
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर।
Updated Fri, 30 May 2014 11:07 PM IST
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ट्विन सिटी के लोगों ने शुक्रवार को मौसम का अनोखा मिजाज देखा। दोपहर में एक घंटे के बीच पहले 44 डिग्री तापमान में तेज धूप रही और फिर अंधड़ के साथ झमाझम बारिश होने लगी।
आधे घंटेभर तेज चली आंधी के बीच जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, लेकिन बारिश से पारा लुढ़ककर 32 पर आ जाने पर लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। उधर, मौसम के तापमान में इस तरह के उतार-चढ़ाव को लेकर चिकित्सक लोगों को सेहत के प्रति सचेत रहने की सलाह दी है।
उनकी मानें तो तापमान में इस तरह उतार-चढ़ाव के बीच बैक्टिरिया की बढ़त होने पर खांसी-जुकाम और वायरल होने की संभावना अधिक रहती है।
शुक्रवार सुबह से दोपहर 2:30 बजे तक 44 डिग्री तापमान में आसमान से बरसती आग (तेज धूप) बरसी। इस बीच लोगों सड़कों पर कम ही नजर आए और घरों या ऑफिस में दुबके रहे। सड़कों पर इक्का-दुक्का वाहन ही दौड़ते नजर आए और चौक-चौराहे भी सूने पड़े दिखाई दिए।
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दोपहर में लू के थपेड़ों ने खासकर दोपहिया वाहन चालकों को परेशान किया, जिससे बचने के लिए कुछ स्कूटी सवार युवतियां मुंह और हाथ पर कपड़ा ढककर निकलती नजर आईं।
दोपहर के तीन बजे आसमान में काले बादल छाने लगे और देखते ही देखते तेज धूलभरी आंधी चलने लगी। आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। करीब 20 मिनट चली आंधी के दौरान होर्डिंग्स और बोर्ड उड़कर दूर जा गिरे वहीं, कई जगहों पेड़ भी तेज आंधी से गिर गए और धूल मिट्टी से बचने को दुकानदारों ने दुकानों के शटर गिरा दिए।
उधर, आंधी के कारण कई कॉलोनियों में स्पार्किंग की आशंका के चलते बिजली आपूर्ति को बंद कर दिया गया। वहीं, सवा तीन बजे झमाझम बरसात शुरू हो गई, जिसने शहरवासियों को करीब आधे घंटे भिगोया। बारिश के कारण दोपहर तक जो तापमान 44 डिग्री चल रहा था, वह लुढ़ककर सीधे 32 पर पहुंच गया।
मौसम के अजीबोगरीब तेवर देख जहां शहरवासी हैरत में पड़ने के साथ गर्मी से राहत महसूस करते नजर आए। मॉडल टाउन के अमरीश, दिनेश, बिजेंद्र, अविनाश का कहना है कि शुक्रवार की दोपहर को एक घंटे के बीच धूप, आंधी और बारिश तीनों देखने को मिल गए।
तापमान के उतार-चढ़ाव में बढ़ जाती है बैक्ट्रिया की ग्रोथ
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया का कहना है कि मौसम के बदले मिजाज में लोगों को थोड़ा सावधानी बरतने की जरूरत है। क्योंकि तापमान के उतार-चढ़ाव के बीच शरीर में बैक्टिरिया की बढ़त हो जाती है और खांसी-जुकाम और वायरल होने की संभावना अधिक रहती है। लोगाें को चाहिए कि खाने-पीने को लेकर कोई लापरवाही न बरतें और ठंडे और गर्म खाद्य पदार्थों के सेवन के बीच कुछ समय का अंतर अवश्य रखें। अन्यथा गला खराब होने के बाद खांसी हो सकती है।
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आधे घंटेभर तेज चली आंधी के बीच जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, लेकिन बारिश से पारा लुढ़ककर 32 पर आ जाने पर लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। उधर, मौसम के तापमान में इस तरह के उतार-चढ़ाव को लेकर चिकित्सक लोगों को सेहत के प्रति सचेत रहने की सलाह दी है।
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उनकी मानें तो तापमान में इस तरह उतार-चढ़ाव के बीच बैक्टिरिया की बढ़त होने पर खांसी-जुकाम और वायरल होने की संभावना अधिक रहती है।
शुक्रवार सुबह से दोपहर 2:30 बजे तक 44 डिग्री तापमान में आसमान से बरसती आग (तेज धूप) बरसी। इस बीच लोगों सड़कों पर कम ही नजर आए और घरों या ऑफिस में दुबके रहे। सड़कों पर इक्का-दुक्का वाहन ही दौड़ते नजर आए और चौक-चौराहे भी सूने पड़े दिखाई दिए।
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दोपहर में लू के थपेड़ों ने खासकर दोपहिया वाहन चालकों को परेशान किया, जिससे बचने के लिए कुछ स्कूटी सवार युवतियां मुंह और हाथ पर कपड़ा ढककर निकलती नजर आईं।
दोपहर के तीन बजे आसमान में काले बादल छाने लगे और देखते ही देखते तेज धूलभरी आंधी चलने लगी। आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। करीब 20 मिनट चली आंधी के दौरान होर्डिंग्स और बोर्ड उड़कर दूर जा गिरे वहीं, कई जगहों पेड़ भी तेज आंधी से गिर गए और धूल मिट्टी से बचने को दुकानदारों ने दुकानों के शटर गिरा दिए।
उधर, आंधी के कारण कई कॉलोनियों में स्पार्किंग की आशंका के चलते बिजली आपूर्ति को बंद कर दिया गया। वहीं, सवा तीन बजे झमाझम बरसात शुरू हो गई, जिसने शहरवासियों को करीब आधे घंटे भिगोया। बारिश के कारण दोपहर तक जो तापमान 44 डिग्री चल रहा था, वह लुढ़ककर सीधे 32 पर पहुंच गया।
मौसम के अजीबोगरीब तेवर देख जहां शहरवासी हैरत में पड़ने के साथ गर्मी से राहत महसूस करते नजर आए। मॉडल टाउन के अमरीश, दिनेश, बिजेंद्र, अविनाश का कहना है कि शुक्रवार की दोपहर को एक घंटे के बीच धूप, आंधी और बारिश तीनों देखने को मिल गए।
तापमान के उतार-चढ़ाव में बढ़ जाती है बैक्ट्रिया की ग्रोथ
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया का कहना है कि मौसम के बदले मिजाज में लोगों को थोड़ा सावधानी बरतने की जरूरत है। क्योंकि तापमान के उतार-चढ़ाव के बीच शरीर में बैक्टिरिया की बढ़त हो जाती है और खांसी-जुकाम और वायरल होने की संभावना अधिक रहती है। लोगाें को चाहिए कि खाने-पीने को लेकर कोई लापरवाही न बरतें और ठंडे और गर्म खाद्य पदार्थों के सेवन के बीच कुछ समय का अंतर अवश्य रखें। अन्यथा गला खराब होने के बाद खांसी हो सकती है।