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Yamuna Nagar News: निजी प्रकाशकों की पुस्तकें कर रहीं जेब ढीली, विभाग बेबस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Apr 2024 04:01 AM IST
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Books of private publishers are draining the pockets, the department is helpless
जगाधरी। निजी स्कूलों में निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लगाने का मामला थम नहीं रहा है। इसका कारण विभाग द्वारा कार्रवाई अमल में न लाना है। विभाग की इच्छा शक्ति न होने के कारण अभिभावकों की जेब पर कैंची चल रही है।
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एनसीईआरटी और निजी प्रकाशकों की किताबों के दामों में दो से तीन गुणा का अंतर है। स्कूलों में केवल दिखाने के लिए एनसीईआरटी की पुस्तकों की सूची लगाई गई है जबकि दुकानों से अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की किताबें दी जा रही हैं। स्टाफ सदस्य नहीं बल्कि दुकानदार अभिभावकों को स्कूल में लगी किताबों की जानकारी दे रहे हैं।
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निजी प्रकाशकों की पुस्तकें बहुत महंगी हैं। एनसीईआरटी की पुस्तकों का सेट 1000 रुपये का है तो निजी प्रकाशकों का यह सेट 2300 से 2500 रुपये तक है। जगाधरी नगर निगम रोड स्थित एक दुकानदार पर इसकी पड़ताल भी की गई। दुकान पर पहुंचकर आठवीं कक्षा की किताबों देने को कहा। इस दौरान एक पब्लिक स्कूल की दुकानदार से हिंदी, अंग्रेजी ग्रामर, चित्रकला व गणित की पुस्तक मांगी।
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दुकानदार से आठवीं कक्षा का पूरा सेट देने को कहा गया। दुकानदार ने चार एनसीईआरटी के साथ अन्य निजी प्रकाशकों की किताबें थमा दी। एनसीईआरटी की किताबों की कीमत 600 रुपये के करीब थी जबकि निजी प्रकाशक की किताबों का दाम 1700 रुपये था। इस दौरान दुकानदार ने किताबों के बारे बताया। दुकानदार ने कहा कि यह किताब नहीं लगवाई, इस बार यह लगवाई है। यही नहीं इस दौरान एक व्यक्ति ने गणित की किताब ली। इस किताब पर 1495 अधिकतम खुदरा मूल्य अंकित था। दुकानदार ने कैल्कुलेटर पर हिसाब लगाकर 1 प्रतिशत की छूट दी और अभिभावक को 1480 रुपये देने को कहा। यह निजी प्रकाशक की पुस्तक है, जो 12वीं कक्षा में लगाई गई है।


उधर विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उनके पास किसी ने शिकायत नहीं दी है। ऐसे में कार्रवाई नहीं कर सकते हैं ऐसे में अभिभावक इसे विभाग की मिलीभगत बता रहे हैं। अभिभावक सेवा मंच से जुड़े संदीप गांधी, संजय मित्तल सहित रोहित, दीपक, प्रिया ने कहा कि यदि विभाग इसमें कदम उठाता है तो वे शिकायत आने लगेंगी। वहीं इस मामले में सीएम फ्लाइंग भी कार्रवाई कर सकती है। चूंकि बिके माल का हिसाब रखना होता है। स्कूल की पुस्तकें अन्य कोई व्यक्ति खरीदेगा नहीं, जिसके बाद भी कार्रवाई हो जाएगी।





कक्षा अनुसार बाजार में किताबों के दाम

कक्षा एनसीईआरटी निजी

पहली 400 700-1000
दूसरी 500 900-1100
तीसरी 550 900-1200
चौथी 650 1000-1200
पांचवीं 800 1200-1500
छठी 800 1800-2000
सातवीं 900 1800-2150
आठवीं 1000 2000-2250
नौंवीं 1200 2200-2400
दसवीं 1300 2500-2600



स्कूलों में केवल एनसीईआरटी की किताबें लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए सभी स्कूलों को पत्र जारी कर सख्त निर्देश दिए गए हैं। इस बार एक स्कूल के खिलाफ शिकायत आई थी, जिस पर कार्रवाई की गई है। अभिभावक इस पर शिकायत दें तो जल्द कार्रवाई होगी। अब विभाग नई रणनीति बनाकर ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।

- शिव कुमार धीमान, उप जिला शिक्षा अधिकारी।
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