{"_id":"6898eccac493ac01840ff4f8","slug":"blessed-the-saints-by-offering-them-food-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1018-142083-2025-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: साधु-संतों को भोजन करा लिया आशीर्वाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: साधु-संतों को भोजन करा लिया आशीर्वाद
Mon, 11 Aug 2025 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 11 Aug 2025 12:32 AM IST
विज्ञापन
साधुओं को भोजन करवाते हुए श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : कीरत सागर तट पर कजली मेले के पहले दिन हजारों की संख्या में जुटी मेलाप्रेमियों की भीड़। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। झंडा गांव की पहाड़ी पर स्थित श्री शिव मंदिर धाम में रक्षाबंधन के अवसर पर लगभग 71 साधु-संत पहुंचे। हरिद्वार, वृंदावन, मदुरा, कपाल मोचन, कलेसर आदि स्थानों से पहुंचे इन साधु-संतों ने यहां शिव मंदिर के अलावा यहां बनाए गए मंदिरों के दर्शन करने के बाद हवन किया। इस दौरान साधु-संतों को भोजन कराकर आशीर्वाद लिया गया।
शिव मंदिर की साध्वी माता नीलमणि ने कहा कि रक्षाबंधन के पावन पर्व पर, साधुओं को भोजन कराकर और दक्षिणा देकर विदा करना एक शुभ कार्य है। मंदिर कमेटी के प्रधान रमेश चंद बिट्टू ने कहा कि साधु-संत समाज के मार्गदर्शक होते हैं, उन्हें भोजन कराना और दक्षिणा देना, गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान करना है।
साधुओं की सेवा करना, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। यह दर्शाता है कि व्यक्ति समाज के प्रति समर्पित है और दूसरों की भलाई के लिए कुछ करना चाहता है। रामकुमार नंबरदार, मान सिंह पूर्व सरपंच, रणधीर, देवी चरण सैनी, बरखा राम व सुरेन्द्र ने साधुओं का पूजन करके उन्हें भोजन करवाया। इसके बाद साधुओं को दक्षिणा, वस्त्र व उपहार देकर विदा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
साढौरा। झंडा गांव की पहाड़ी पर स्थित श्री शिव मंदिर धाम में रक्षाबंधन के अवसर पर लगभग 71 साधु-संत पहुंचे। हरिद्वार, वृंदावन, मदुरा, कपाल मोचन, कलेसर आदि स्थानों से पहुंचे इन साधु-संतों ने यहां शिव मंदिर के अलावा यहां बनाए गए मंदिरों के दर्शन करने के बाद हवन किया। इस दौरान साधु-संतों को भोजन कराकर आशीर्वाद लिया गया।
शिव मंदिर की साध्वी माता नीलमणि ने कहा कि रक्षाबंधन के पावन पर्व पर, साधुओं को भोजन कराकर और दक्षिणा देकर विदा करना एक शुभ कार्य है। मंदिर कमेटी के प्रधान रमेश चंद बिट्टू ने कहा कि साधु-संत समाज के मार्गदर्शक होते हैं, उन्हें भोजन कराना और दक्षिणा देना, गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान करना है।
विज्ञापन
साधुओं की सेवा करना, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। यह दर्शाता है कि व्यक्ति समाज के प्रति समर्पित है और दूसरों की भलाई के लिए कुछ करना चाहता है। रामकुमार नंबरदार, मान सिंह पूर्व सरपंच, रणधीर, देवी चरण सैनी, बरखा राम व सुरेन्द्र ने साधुओं का पूजन करके उन्हें भोजन करवाया। इसके बाद साधुओं को दक्षिणा, वस्त्र व उपहार देकर विदा किया।
विज्ञापन