{"_id":"667dfe95cf8d7ab4030bfee4","slug":"beneficiaries-were-confused-after-seeing-the-rules-and-conditions-before-building-the-house-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-121115-2024-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: घर बनाने से पहले नियम, शर्तें देख चकराए लाभार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: घर बनाने से पहले नियम, शर्तें देख चकराए लाभार्थी
Fri, 28 Jun 2024 05:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 28 Jun 2024 05:36 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत मिलने वाले 30 वर्ग गज के आवासी प्लाॅट के आवंटन पत्र लेकर जरूरतमंद परिवार बहुत खुश हैं। परंतु जैसे ही आवंटन पत्र के पीछे लिखे प्लॉट के नियम व शर्तें पढ़ी तब से उनकी टेंशन और ज्यादा बढ़ गई है। शर्तें भी ऐसी हैं कि हर माह 10 से 15 हजार रुपये कमाने वाले परिवार के लिए इन्हें पूरा करना भी आसान नहीं होगा।
प्लॉट की कीमत जमा कराने के लिए लोगों को हर माह 13334 रुपये की किस्त जमा करानी होगी। यह किस्तें भी छह माह में जमा करानी होंगी। लाभार्थी द्वारा सभी किस्तें या पूर्ण राशि जमा करवाने के बाद ही प्लॉट का कब्जा दिया जाएगा। यदि सारी राशि जमा नहीं करवाई तो हाउसिंग फॉर ऑल विभाग को लाभार्थी को सुनवाई का अवसर देकर, प्लॉट का कब्जा लेने का अधिकार होगा।
लाभार्थियाें ने बताया कि ज्यादातर प्लॉट उन लोगों को मिले हैं जिनकी वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये है। यानि जो हर माह 15 हजार रुपये कमाता हो। 15 हजार रुपये महीना कमाने वाले इसमें से 13334 रुपये की किस्त कैसे अदा करेंगे इसी बात को लेकर वह असमंजस में हैं। लोगों की मांग है कि किस्त जमा करने का समय छह माह से बढ़ाकर डेढ़ या दो साल किया जाए।
विज्ञापन
इतना ही नहीं इससे पहले आवंटन पत्र जारी होने के 30 दिनों के भीतर 10 हजार रुपये पहले जमा करवाने हैं। इसके बाद किस्त देने का समय शुरू होगा। आवंटन पत्र जारी होने की तिथि से 12 मास के अंदर प्लॉट पर घर का निर्माण शुरू करना होगा। घर का निर्माण 24 महीनों में पूरा करना होगा। वहीं सबसे ज्यादा दिक्कत तो विधवा महिलाओं को। वह खुद सरकार से मिलने वाली विधवा पेंशन पर आश्रित हैं।
इसी तरह कई दिव्यांग लोग भी हैं जो कोई काम नहीं कर पाते। ऐसे में वह किस्त की अदायगी कैसे करेंगे। एसडीएम जगाधरी सोनू राम ने बताया कि यह हाउसिंग बोर्ड का मामला है। इसलिए उनके ही नियम व शर्तें। करीब एक लाख रुपये प्लॉट की कीमत निर्धारित की गई है। जो लोग किस्त देने में असमर्थ हैं, वह हाउसिंग बोर्ड में बात रख सकते हैं।
ये हैं नियम और शर्ते
आवंटन पत्र प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर 10 हजार रुपये तथा शेष 80 हजार रुपये रुपये छह बराबर किस्तों में छह महीनों में जमा करानी होंगी। आवंटन पत्र जारी होने की तिथि से 12 मास के अंदर आवासीय इकाई का निर्माण शुरू करना व 24 महीनों में निर्माण पूर्ण करना होगा। प्लॉट का उपयोग केवल आवास निर्माण हेतु करना होगा। आवंटन की तिथि से 10 वर्षों तक इसे पट्टे पर/बेचा नहीं जा सकता। हालांकि आवासीय निर्माण के लिए होम लोन प्राप्त करने हेतु प्लॉट को बैंक या वित्तीय संस्थान के पास गिरवी रखा जा सकेगा। लाभार्थी आवंटन पत्र जारी होने की तिथि से तीन वर्ष पश्चात सरकारी सब्सिडी (मूलधन और ब्याज) को ब्याज सहित हाउसिंग फॉर ऑल विभाग को लौटाकर खुले बाजार में प्लॉट का बेच सकेंगे।लाभार्थी की मृत्यु होने की स्थिति में, उनके कानूनी उत्तराधिकारी प्लाट आवंटन की शर्तों और नियमों से बाध्य होंगे। आवंटन की किसी भी शर्त और नियम का उल्लंघन होने पर, हाउसिंग फॉर ऑल विभाग लाभार्थी को पर्याप्त सुनवाई का अवसर देकर, प्लॉट का कब्जा लेने का अधिकार होगा। ऐसे मामले में लाभार्थी किसी भी मुआवजे का हकदार नहीं होगा। लाभार्थी द्वारा सभी किस्तें/पूर्ण राशि जमा करवाने के बाद ही प्लॉट का कब्जा दिया जाएगा।
विज्ञापन
यमुनानगर। मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत मिलने वाले 30 वर्ग गज के आवासी प्लाॅट के आवंटन पत्र लेकर जरूरतमंद परिवार बहुत खुश हैं। परंतु जैसे ही आवंटन पत्र के पीछे लिखे प्लॉट के नियम व शर्तें पढ़ी तब से उनकी टेंशन और ज्यादा बढ़ गई है। शर्तें भी ऐसी हैं कि हर माह 10 से 15 हजार रुपये कमाने वाले परिवार के लिए इन्हें पूरा करना भी आसान नहीं होगा।
प्लॉट की कीमत जमा कराने के लिए लोगों को हर माह 13334 रुपये की किस्त जमा करानी होगी। यह किस्तें भी छह माह में जमा करानी होंगी। लाभार्थी द्वारा सभी किस्तें या पूर्ण राशि जमा करवाने के बाद ही प्लॉट का कब्जा दिया जाएगा। यदि सारी राशि जमा नहीं करवाई तो हाउसिंग फॉर ऑल विभाग को लाभार्थी को सुनवाई का अवसर देकर, प्लॉट का कब्जा लेने का अधिकार होगा।
विज्ञापन
लाभार्थियाें ने बताया कि ज्यादातर प्लॉट उन लोगों को मिले हैं जिनकी वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये है। यानि जो हर माह 15 हजार रुपये कमाता हो। 15 हजार रुपये महीना कमाने वाले इसमें से 13334 रुपये की किस्त कैसे अदा करेंगे इसी बात को लेकर वह असमंजस में हैं। लोगों की मांग है कि किस्त जमा करने का समय छह माह से बढ़ाकर डेढ़ या दो साल किया जाए।
विज्ञापन
इतना ही नहीं इससे पहले आवंटन पत्र जारी होने के 30 दिनों के भीतर 10 हजार रुपये पहले जमा करवाने हैं। इसके बाद किस्त देने का समय शुरू होगा। आवंटन पत्र जारी होने की तिथि से 12 मास के अंदर प्लॉट पर घर का निर्माण शुरू करना होगा। घर का निर्माण 24 महीनों में पूरा करना होगा। वहीं सबसे ज्यादा दिक्कत तो विधवा महिलाओं को। वह खुद सरकार से मिलने वाली विधवा पेंशन पर आश्रित हैं।
इसी तरह कई दिव्यांग लोग भी हैं जो कोई काम नहीं कर पाते। ऐसे में वह किस्त की अदायगी कैसे करेंगे। एसडीएम जगाधरी सोनू राम ने बताया कि यह हाउसिंग बोर्ड का मामला है। इसलिए उनके ही नियम व शर्तें। करीब एक लाख रुपये प्लॉट की कीमत निर्धारित की गई है। जो लोग किस्त देने में असमर्थ हैं, वह हाउसिंग बोर्ड में बात रख सकते हैं।
ये हैं नियम और शर्ते
आवंटन पत्र प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर 10 हजार रुपये तथा शेष 80 हजार रुपये रुपये छह बराबर किस्तों में छह महीनों में जमा करानी होंगी। आवंटन पत्र जारी होने की तिथि से 12 मास के अंदर आवासीय इकाई का निर्माण शुरू करना व 24 महीनों में निर्माण पूर्ण करना होगा। प्लॉट का उपयोग केवल आवास निर्माण हेतु करना होगा। आवंटन की तिथि से 10 वर्षों तक इसे पट्टे पर/बेचा नहीं जा सकता। हालांकि आवासीय निर्माण के लिए होम लोन प्राप्त करने हेतु प्लॉट को बैंक या वित्तीय संस्थान के पास गिरवी रखा जा सकेगा। लाभार्थी आवंटन पत्र जारी होने की तिथि से तीन वर्ष पश्चात सरकारी सब्सिडी (मूलधन और ब्याज) को ब्याज सहित हाउसिंग फॉर ऑल विभाग को लौटाकर खुले बाजार में प्लॉट का बेच सकेंगे।लाभार्थी की मृत्यु होने की स्थिति में, उनके कानूनी उत्तराधिकारी प्लाट आवंटन की शर्तों और नियमों से बाध्य होंगे। आवंटन की किसी भी शर्त और नियम का उल्लंघन होने पर, हाउसिंग फॉर ऑल विभाग लाभार्थी को पर्याप्त सुनवाई का अवसर देकर, प्लॉट का कब्जा लेने का अधिकार होगा। ऐसे मामले में लाभार्थी किसी भी मुआवजे का हकदार नहीं होगा। लाभार्थी द्वारा सभी किस्तें/पूर्ण राशि जमा करवाने के बाद ही प्लॉट का कब्जा दिया जाएगा।