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जानलेवा बने बिजली के ढीले तार
अमर उजाला ब्यूरो/यमुनानगर
Updated Sun, 16 Feb 2014 06:19 PM IST
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बिजली के ढीले तार जगाधरी में बिजली गुल होने का सबब बने हैं। आपस में
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टकराने से तार कई बार टूट कर गिर चुके हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता
है, वहीं घंटों बिजली गुल रहती है।
बिजली निगम में उपभोक्ताओं द्वारा दर्ज की जाने वाले करीब 40 प्रतिशत शिकायतों की वजह ढीले तार होते हैं। जगाधरी में अक्सर बिजली गुल होने की मुख्य वजह ढीले तार हैं। तारों के आपस में टकराने से तार टूट जाते हैं, जिसे ठीक करने में घंटों लग जाते हैं। जगाधरी के कई इलाकों में तार ढीले हैं।
बिजली निगम की ओर से ढीले तारों को ठीक करने के लिए कांट्रेक्ट बेसिस पर कर्मचारी रखे हैं। हर साल गर्मियों में तार ढीले हो जाते हैं। निगम अधिकारियों की मानें तो शिकायत मिलते ही ढीले तारों को ठीक करवा दिया जाता है, वहीं जगाधरीवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद ढीले तारों को ठीक नहीं किया जाता है। जनप्रतिनिधि भी शहरवासियों की इस समस्या को दूर करवा पाने में नाकाम हैं।
नहीं हुआ कोई प्रयास
जगाधरी मेटल मैन्युफैक्चर एंड सप्लायर्स एसोसिएशन के सचिव सुंदरलाल बत्तरा का कहना है कि बिजली के ढीले तारों के बारे में कभी किसी भी जनप्रतिनिधि की ओर से ध्यान नहीं दिया गया। अगर एक बार भी जनप्रतिनिधि मौके पर आकर ढीले तारों से होने वाली समस्या को देखते तो उन्हें असलियत का पता चल जाता।
किसी ने नहीं ली अब तक सुध
रॉकी पहलवान का कहना है कि उनके क्षेत्र धर्मपुरा में बिजली के ढीले तार बिजली कट का मुख्य कारण हैं। तार इतने ढीले हो चुके हैं कि थोड़ी सी हवा चलने पर आपस में टकरा जाते हैं और बिजली सप्लाई कट जाती है। उनका कहना है कि किसी ने भी उनकी समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
चार साल से भुगत रही जनता
संजीव कुमार का कहना है कि ढीले तारों की समस्या करीब 10 साल से है। कई बार अधिकारियों को शिकायत भी की। लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। जनता चार साल से यह समस्या भुगत रही है। लेकिन इस बार चुनाव में इसका खामियाजा जनप्रतिनिधियों को भुगतना पड़ेगा।
कई बार हो चुके हादसे
धर्मपाल का कहना है कि ऐसा नहीं है कि ढीले तारों से सिर्फ बिजली सप्लाई बाधित होती है, ढीले तार हादसे का कारण भी बनते हैं। जिले में ढीले तारों से कई हादसे हो चुके हैं। लेकिन उसके बाद भी न तो जिला प्रशासन ध्यान देने को तैयार है और न ही जनप्रतिनिधि।
अधिकारियों को देना चाहिए ध्यान
एडवोकेट विजय गौतम का कहना है कि अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। अगर साल में एक बार भी ढीले तारों को कस दिया जाए तो हालात काफी हद तक सुधर सकते हैं। क्योंकि गर्मी के मौसम में ढीले तारों से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। तारें आपस में टकरा जाते हैं और टूट जाते हैं। कई कई दिन तक बिजली सप्लाई नहीं हो पाती।
अब तो शिकायत करके थक चुके
रिंकू गागट का कहना है कि ढीले तारों को लेकर कई बार अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं। लेकिन आज तक इस समस्या से निजात नहीं मिल पाई है। जगाधरी क्षेत्र में तो इसकी बड़ी भारी दिक्कत है। गर्मियों में तो दिक्कत और भी बढ़ जाती है। रात को लाइट गुल हो जाती है और लोगों को रात भर जागकर निकालनी पड़ती है।
बिजली निगम में उपभोक्ताओं द्वारा दर्ज की जाने वाले करीब 40 प्रतिशत शिकायतों की वजह ढीले तार होते हैं। जगाधरी में अक्सर बिजली गुल होने की मुख्य वजह ढीले तार हैं। तारों के आपस में टकराने से तार टूट जाते हैं, जिसे ठीक करने में घंटों लग जाते हैं। जगाधरी के कई इलाकों में तार ढीले हैं।
बिजली निगम की ओर से ढीले तारों को ठीक करने के लिए कांट्रेक्ट बेसिस पर कर्मचारी रखे हैं। हर साल गर्मियों में तार ढीले हो जाते हैं। निगम अधिकारियों की मानें तो शिकायत मिलते ही ढीले तारों को ठीक करवा दिया जाता है, वहीं जगाधरीवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद ढीले तारों को ठीक नहीं किया जाता है। जनप्रतिनिधि भी शहरवासियों की इस समस्या को दूर करवा पाने में नाकाम हैं।
नहीं हुआ कोई प्रयास
जगाधरी मेटल मैन्युफैक्चर एंड सप्लायर्स एसोसिएशन के सचिव सुंदरलाल बत्तरा का कहना है कि बिजली के ढीले तारों के बारे में कभी किसी भी जनप्रतिनिधि की ओर से ध्यान नहीं दिया गया। अगर एक बार भी जनप्रतिनिधि मौके पर आकर ढीले तारों से होने वाली समस्या को देखते तो उन्हें असलियत का पता चल जाता।
किसी ने नहीं ली अब तक सुध
रॉकी पहलवान का कहना है कि उनके क्षेत्र धर्मपुरा में बिजली के ढीले तार बिजली कट का मुख्य कारण हैं। तार इतने ढीले हो चुके हैं कि थोड़ी सी हवा चलने पर आपस में टकरा जाते हैं और बिजली सप्लाई कट जाती है। उनका कहना है कि किसी ने भी उनकी समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
चार साल से भुगत रही जनता
संजीव कुमार का कहना है कि ढीले तारों की समस्या करीब 10 साल से है। कई बार अधिकारियों को शिकायत भी की। लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। जनता चार साल से यह समस्या भुगत रही है। लेकिन इस बार चुनाव में इसका खामियाजा जनप्रतिनिधियों को भुगतना पड़ेगा।
कई बार हो चुके हादसे
धर्मपाल का कहना है कि ऐसा नहीं है कि ढीले तारों से सिर्फ बिजली सप्लाई बाधित होती है, ढीले तार हादसे का कारण भी बनते हैं। जिले में ढीले तारों से कई हादसे हो चुके हैं। लेकिन उसके बाद भी न तो जिला प्रशासन ध्यान देने को तैयार है और न ही जनप्रतिनिधि।
अधिकारियों को देना चाहिए ध्यान
एडवोकेट विजय गौतम का कहना है कि अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। अगर साल में एक बार भी ढीले तारों को कस दिया जाए तो हालात काफी हद तक सुधर सकते हैं। क्योंकि गर्मी के मौसम में ढीले तारों से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। तारें आपस में टकरा जाते हैं और टूट जाते हैं। कई कई दिन तक बिजली सप्लाई नहीं हो पाती।
अब तो शिकायत करके थक चुके
रिंकू गागट का कहना है कि ढीले तारों को लेकर कई बार अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं। लेकिन आज तक इस समस्या से निजात नहीं मिल पाई है। जगाधरी क्षेत्र में तो इसकी बड़ी भारी दिक्कत है। गर्मियों में तो दिक्कत और भी बढ़ जाती है। रात को लाइट गुल हो जाती है और लोगों को रात भर जागकर निकालनी पड़ती है।