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दिवाली पर पटाखे फोड़ने पर रोक
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यमुनानगर। जिले में पटाखों की बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई है। पटाखों से बुजुर्गों, नवजात शिशु, सांस की बीमारी से संबंधित लोगों को परेशानी होती है। कोरोना से पीड़ितों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिले निर्देशों के अनुपालन में पटाखों को लेकर जिले में यह निषेधाज्ञा लागू की गई है। यह जानकारी जिला उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने दी।
जिलाधीश एवं जिला आपदा प्रबंधन के चेयरमैन पार्थ गुप्ता ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के तहत व अन्य संबंधित विभिन्न कानूनों व नियमों के तहत यह आदेश पारित किया। उन्होंने बताया कि ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर ये आदेश जारी किए गए हैं। अब जिले में पटाखों के निर्माण, भंडारण, इस्तेमाल व बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जारी आदेशों में जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यार्थियों को पटाखों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी जिले में एयर क्वालिटी की गुणवत्ता की निगरानी करेंगे और संबंधित डेटा निर्धारित वेबसाइट पर अपलोड करेंगे।
उपायुक्त ने बताया कि अक्तूबर व नवंबर 2020 में 15 दिनों के दौरान यमुनानगर जिला की हवा गुणवत्ता काफी खराब हो गई थी। ऐसा वातावरण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसी के चलते जिले में पटाखों पर प्रतिबंध के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक, नगर निगम कश्निर, सभी एसडीएम, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और थाना प्रबंधक अपने-अपने क्षेत्रों में और रादौर व साढौरा नगर पालिका क्षेत्रों में सचिव इन आदेशों को लागू करवाने के लिए जिम्मेदार होंगे। इसके अलावा रेडक्रास को एनजीओ के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि दिवाली के अतिरिक्त क्रिसमस, गुरु पर्व और नए साल पर भी पटाखों की बिक्री, प्रयोग एवं चलाने या पटाखे फोड़ने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा।
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मूल खबर....
जिला प्रशासन ने दिवाली पर पटाखों के प्रयोग पर लगाई रोक
जिला प्रशासन ने दीवाली पर पटाखों के प्रयोग पर लगाई रोक
यमुनानगर
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल व उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अनुपालना के आदेशों के मद्देनजर जिला प्रशासन ने जिले में पटाखों के प्रयोग पर रोक लगा दी है। जिला उपायुक्त पार्थ गुप्ता की तरफ से इसके बारे में सभी उपमंडलाधीशों, ड्यूटी मजिस्ट्रेट, सभी उप पुलिस अधीक्षकों, सभी थाना प्रबंधकों और फायर ऑफिसर को पत्र भेजा गया है।जिसमें इन आदेशों एवं दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं जिला उच्च शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे कॉलेजों और स्कूलों में पटाखों के चलाने से होने वाले नुकसान के बारे में सेमीनार, कार्यशाला व समूह चर्चा आदि आयोजित करके विद्यार्थियों को पटाखों के दुष्प्ररिणामों के बारे में जागरुक करें। इसी प्रकार रेडक्रास को भी एनजीओ के माध्यम से संवेदीकरण के बारे में लोगों को जागरूकता हेतु लिखा गया है।
जिलाधीश पार्थ गुप्ता ने बुधवार को स्पष्ट किया कि पुलिस अधीक्षक, नगर निगम कमीश्नर, सभी एसडीएम, डयूटी मजिस्ट्रेट व थाना प्रबंधकों की ड्यूटी अपने-अपने क्षेत्रों में तथा रादौर व साढौरा नगर पालिका क्षेत्रों में सचिवों की ड्यूटी आदेशों की अनुपालना को सुनिश्चित करवाने की रहेगी।
उन्होंने बताया कि दीपावली के दिनों व , क्रिसमस, गुरु पर्व व नए साल जैसे त्यौहारों पर आदेशों की अनुपालना सख्ती से करने के आदेश जारी किए गए हैं। दीपावली व इन त्यौहारों पर भी पटाखों की बिक्री, प्रयोग एवं चलाने या पटाखे फोड़ने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा।
जिलाधीश एवं जिला आपदा प्रबंधन के चेयरमैन पार्थ गुप्ता ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के तहत व अन्य सम्बन्धित विभिन्न कानूनों व नियमों के तहत आदेश पारित करते हुए बताया कि एनजीटी ने एससीआर व इसके साथ जुड़े हुए क्षेत्रों हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पत्र प्राप्त हुआ है। जिसमें बताया गया है कि कोविड-19 महामारी के चलते एनसीआर व देश के सभी शहरों, कस्बों में प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए पटाखों की बिक्री व पटाखे चलाने एवं प्रयोग पर पूर्ण रूप से रोक लगाई गई है। क्योंकि इससे हवा की गुणवत्ता प्रदूषित होती है जो लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है। उन्होंने बताया कि प्रदूषण के कारण बच्चों, बजुर्गों और दिल की बीमारियों व अन्य खतरनाक बीमारियों से ग्रस्ति लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। जिलाधीश ने बताया कि एयर क्वालिटी मैनेजमैंट ने इसे रोकने के लिए आदेश एवं दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि अक्तूबर 2020 व नवम्बर 2020 में 15 दिनों के दौरान यमुनानगर जिला की हवा गुणवता काफी खराब हो गई थी। जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसी के चलते जिले में पटाखों पर प्रतिबंध के आदेश दिए गए हैं।
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जिलाधीश एवं जिला आपदा प्रबंधन के चेयरमैन पार्थ गुप्ता ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के तहत व अन्य संबंधित विभिन्न कानूनों व नियमों के तहत यह आदेश पारित किया। उन्होंने बताया कि ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर ये आदेश जारी किए गए हैं। अब जिले में पटाखों के निर्माण, भंडारण, इस्तेमाल व बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जारी आदेशों में जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यार्थियों को पटाखों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी जिले में एयर क्वालिटी की गुणवत्ता की निगरानी करेंगे और संबंधित डेटा निर्धारित वेबसाइट पर अपलोड करेंगे।
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उपायुक्त ने बताया कि अक्तूबर व नवंबर 2020 में 15 दिनों के दौरान यमुनानगर जिला की हवा गुणवत्ता काफी खराब हो गई थी। ऐसा वातावरण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसी के चलते जिले में पटाखों पर प्रतिबंध के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक, नगर निगम कश्निर, सभी एसडीएम, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और थाना प्रबंधक अपने-अपने क्षेत्रों में और रादौर व साढौरा नगर पालिका क्षेत्रों में सचिव इन आदेशों को लागू करवाने के लिए जिम्मेदार होंगे। इसके अलावा रेडक्रास को एनजीओ के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि दिवाली के अतिरिक्त क्रिसमस, गुरु पर्व और नए साल पर भी पटाखों की बिक्री, प्रयोग एवं चलाने या पटाखे फोड़ने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा।
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जिला प्रशासन ने दिवाली पर पटाखों के प्रयोग पर लगाई रोक
जिला प्रशासन ने दीवाली पर पटाखों के प्रयोग पर लगाई रोक
यमुनानगर
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल व उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अनुपालना के आदेशों के मद्देनजर जिला प्रशासन ने जिले में पटाखों के प्रयोग पर रोक लगा दी है। जिला उपायुक्त पार्थ गुप्ता की तरफ से इसके बारे में सभी उपमंडलाधीशों, ड्यूटी मजिस्ट्रेट, सभी उप पुलिस अधीक्षकों, सभी थाना प्रबंधकों और फायर ऑफिसर को पत्र भेजा गया है।जिसमें इन आदेशों एवं दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं जिला उच्च शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे कॉलेजों और स्कूलों में पटाखों के चलाने से होने वाले नुकसान के बारे में सेमीनार, कार्यशाला व समूह चर्चा आदि आयोजित करके विद्यार्थियों को पटाखों के दुष्प्ररिणामों के बारे में जागरुक करें। इसी प्रकार रेडक्रास को भी एनजीओ के माध्यम से संवेदीकरण के बारे में लोगों को जागरूकता हेतु लिखा गया है।
जिलाधीश पार्थ गुप्ता ने बुधवार को स्पष्ट किया कि पुलिस अधीक्षक, नगर निगम कमीश्नर, सभी एसडीएम, डयूटी मजिस्ट्रेट व थाना प्रबंधकों की ड्यूटी अपने-अपने क्षेत्रों में तथा रादौर व साढौरा नगर पालिका क्षेत्रों में सचिवों की ड्यूटी आदेशों की अनुपालना को सुनिश्चित करवाने की रहेगी।
उन्होंने बताया कि दीपावली के दिनों व , क्रिसमस, गुरु पर्व व नए साल जैसे त्यौहारों पर आदेशों की अनुपालना सख्ती से करने के आदेश जारी किए गए हैं। दीपावली व इन त्यौहारों पर भी पटाखों की बिक्री, प्रयोग एवं चलाने या पटाखे फोड़ने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा।
जिलाधीश एवं जिला आपदा प्रबंधन के चेयरमैन पार्थ गुप्ता ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के तहत व अन्य सम्बन्धित विभिन्न कानूनों व नियमों के तहत आदेश पारित करते हुए बताया कि एनजीटी ने एससीआर व इसके साथ जुड़े हुए क्षेत्रों हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पत्र प्राप्त हुआ है। जिसमें बताया गया है कि कोविड-19 महामारी के चलते एनसीआर व देश के सभी शहरों, कस्बों में प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए पटाखों की बिक्री व पटाखे चलाने एवं प्रयोग पर पूर्ण रूप से रोक लगाई गई है। क्योंकि इससे हवा की गुणवत्ता प्रदूषित होती है जो लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है। उन्होंने बताया कि प्रदूषण के कारण बच्चों, बजुर्गों और दिल की बीमारियों व अन्य खतरनाक बीमारियों से ग्रस्ति लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। जिलाधीश ने बताया कि एयर क्वालिटी मैनेजमैंट ने इसे रोकने के लिए आदेश एवं दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि अक्तूबर 2020 व नवम्बर 2020 में 15 दिनों के दौरान यमुनानगर जिला की हवा गुणवता काफी खराब हो गई थी। जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसी के चलते जिले में पटाखों पर प्रतिबंध के आदेश दिए गए हैं।