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Yamuna Nagar News: चार साल की मेहनत से जिला कुमारी बनीं बबली पहलवान
Tue, 10 Jun 2025 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 10 Jun 2025 11:55 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। तेजली खेल परिसर की महिला पहलवान बबली कुश्ती में सितारा बन चमकी है। महज चार साल के अभ्यास से बबली ने एक के बाद एक कई पदक व खिताब अपने नाम कर लिए हैं। हाल ही में तेजली खेल परिसर में हुई जिला स्तरीय अखाड़ा प्रतियोगिता में बबली ने जिला कुमारी खिताब भी जीत लिया। बबली का सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतने का है, जिसके लिए रोज छह घंटे अभ्यास कर रही है।
मूल रूप से पानीपत की बबली यमुनानगर में कॉलेज की पढ़ाई करने आई, जहां कुश्ती में रुझान बना। तेजली खेल परिसर में खेल विभाग के कुश्ती कोच अमित कुमार से चार साल पहले प्रशिक्षण लेना शुरू किया। वर्ष-2024 में 24 से 26 अप्रैल तक वाराणसी के हिंदू काशी विश्वविद्यालय में हुए सीनियर नेशनल कुश्ती फेडरेशन कप में बबली ने हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए 55 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
इससे पहले राज्य स्तर पर खेल महाकुंभ व अखाड़ा प्रतियोगिता में एक-एक रजत व कांस्य पदक भी ला चुकी है। तीन बार ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी भी खेल चुकी है। 23 वर्षीय बबली ने बताया कि पिता पहल सिंह भी पहलवान रहे हैं। पिता व कोच अमित कुमार दोनों उसके प्रेरणास्रोत हैं। पिता को देख कुश्ती को कॅरिअर के रूप में चुना।
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कोच अमित कुमार ने खेल की हर बारीकी बताई और हर संभव सहयोग किया। इस कारण ही यह मुकाम हासिल हो रहे हैं। बबली ने बताया कि उसका सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतने का है। इसके लिए सुबह-शाम तीन-तीन घंटे का अभ्यास जारी है। अभी सीनियर नेशनल व अन्य प्रतियोगिताएं होनी हैं, उनमें बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरा फोकस है।
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यमुनानगर। तेजली खेल परिसर की महिला पहलवान बबली कुश्ती में सितारा बन चमकी है। महज चार साल के अभ्यास से बबली ने एक के बाद एक कई पदक व खिताब अपने नाम कर लिए हैं। हाल ही में तेजली खेल परिसर में हुई जिला स्तरीय अखाड़ा प्रतियोगिता में बबली ने जिला कुमारी खिताब भी जीत लिया। बबली का सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतने का है, जिसके लिए रोज छह घंटे अभ्यास कर रही है।
मूल रूप से पानीपत की बबली यमुनानगर में कॉलेज की पढ़ाई करने आई, जहां कुश्ती में रुझान बना। तेजली खेल परिसर में खेल विभाग के कुश्ती कोच अमित कुमार से चार साल पहले प्रशिक्षण लेना शुरू किया। वर्ष-2024 में 24 से 26 अप्रैल तक वाराणसी के हिंदू काशी विश्वविद्यालय में हुए सीनियर नेशनल कुश्ती फेडरेशन कप में बबली ने हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए 55 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
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इससे पहले राज्य स्तर पर खेल महाकुंभ व अखाड़ा प्रतियोगिता में एक-एक रजत व कांस्य पदक भी ला चुकी है। तीन बार ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी भी खेल चुकी है। 23 वर्षीय बबली ने बताया कि पिता पहल सिंह भी पहलवान रहे हैं। पिता व कोच अमित कुमार दोनों उसके प्रेरणास्रोत हैं। पिता को देख कुश्ती को कॅरिअर के रूप में चुना।
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कोच अमित कुमार ने खेल की हर बारीकी बताई और हर संभव सहयोग किया। इस कारण ही यह मुकाम हासिल हो रहे हैं। बबली ने बताया कि उसका सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतने का है। इसके लिए सुबह-शाम तीन-तीन घंटे का अभ्यास जारी है। अभी सीनियर नेशनल व अन्य प्रतियोगिताएं होनी हैं, उनमें बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरा फोकस है।