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देश में वर्ष 1990, 1992 जैसा माहौल : शास्त्री
Tue, 16 Jan 2024 03:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 16 Jan 2024 03:57 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। खंड के अजीजपुर गांव निवासी रामचंद्र शास्त्री 1992 में अयोध्या में श्री राम मंदिर के निर्माण को लेकर श्रीराम शिला पूजन समिति के खंड संयोजक के रूप में कार्य कर चुके हैं। उनका कहना है कि आज देश में राम मंदिर को लेकर ठीक वैसा ही माहौल है जो वर्ष 1990 व 1992 में था। नवंबर-दिसंबर 1992 में पूरे देश के प्रत्येक जिले, नगर व गांव में आनंदमय माहौल था।
सेवानिवृत मुख्याध्यापक रामचंद्र शास्त्री ने बताया कि अयोध्या में श्री राम मंदिर को लेकर पूरे विश्व के करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। भारत का प्रत्येक नागरिक मंदिर निर्माण को लेकर समर्पित है। 1992 के दौरान समिति के सदस्यों द्वारा स्थानीय लोगों के सहयोग से खंड के सभी गांवों में श्री राम की शिला को पहुंचा कर पूजन करवा अयोध्या भेजा गया था।
जहां भी श्री राम लिखी शिला गांव में पहुंचती थी, लोगाें द्वारा ढोल की थाप पर नाच गाकर जय श्री राम के जयकारे लगा व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जाता था। ग्रामीण श्रीराम शिला की एक झलक पाने के लिए उत्सुक रहते थे। गांव की मुख्य सड़क पर सेवक हाथ जोड़ कर खड़े हो जाते थे। श्री राम शिला को गांव के मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए रखा जाता था।
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पूजा अर्चना के पश्चात लोगों के दर्शन करवा अयोध्या में भेजा जाता था। समिति के साथ कार्य करते हुए उन्होंने खंड के 88 गांवों के घरों व मंदिरों में श्री राम शिला का पूजन का कार्य सम्पन्न करवाया। तब समिति के कार्य में व्यस्तता के चलते उनके कुछ साथी ही अयोध्या में कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।
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बिलासपुर। खंड के अजीजपुर गांव निवासी रामचंद्र शास्त्री 1992 में अयोध्या में श्री राम मंदिर के निर्माण को लेकर श्रीराम शिला पूजन समिति के खंड संयोजक के रूप में कार्य कर चुके हैं। उनका कहना है कि आज देश में राम मंदिर को लेकर ठीक वैसा ही माहौल है जो वर्ष 1990 व 1992 में था। नवंबर-दिसंबर 1992 में पूरे देश के प्रत्येक जिले, नगर व गांव में आनंदमय माहौल था।
सेवानिवृत मुख्याध्यापक रामचंद्र शास्त्री ने बताया कि अयोध्या में श्री राम मंदिर को लेकर पूरे विश्व के करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। भारत का प्रत्येक नागरिक मंदिर निर्माण को लेकर समर्पित है। 1992 के दौरान समिति के सदस्यों द्वारा स्थानीय लोगों के सहयोग से खंड के सभी गांवों में श्री राम की शिला को पहुंचा कर पूजन करवा अयोध्या भेजा गया था।
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जहां भी श्री राम लिखी शिला गांव में पहुंचती थी, लोगाें द्वारा ढोल की थाप पर नाच गाकर जय श्री राम के जयकारे लगा व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जाता था। ग्रामीण श्रीराम शिला की एक झलक पाने के लिए उत्सुक रहते थे। गांव की मुख्य सड़क पर सेवक हाथ जोड़ कर खड़े हो जाते थे। श्री राम शिला को गांव के मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए रखा जाता था।
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पूजा अर्चना के पश्चात लोगों के दर्शन करवा अयोध्या में भेजा जाता था। समिति के साथ कार्य करते हुए उन्होंने खंड के 88 गांवों के घरों व मंदिरों में श्री राम शिला का पूजन का कार्य सम्पन्न करवाया। तब समिति के कार्य में व्यस्तता के चलते उनके कुछ साथी ही अयोध्या में कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।