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सिविल अस्पताल में 11 नवंबर को प्रदर्शन करेंगी आशा वर्कर
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बैठक में प्रदर्शन को लेकर रणनीति बनाते कर्मचारी नेता। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिलेभर की तमाम वर्कर्स सरकार के खिलाफ 11 नवंबर को सिविल अस्पताल में प्रदर्शन करेंगी। साथ ही प्रदर्शन के बाद मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगी।
प्रदर्शन को लेकर रविवार को आशा वर्कर्स यूनियन, सीटू एवं सर्व कर्मचारी संघ की बैठक बस अड्डा स्थित यूनियन कार्यालय में हुई। अध्यक्षता प्रधान निरूबाला ने की। बैठक में तमाम खंडों की पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। सीटू कोषाध्यक्ष रामकुमार कांबोज, सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान महिपाल सौढे, जिला सचिव गुलशन भारद्वाज ने पदाधिकारियों को रणनीति के बारे बताया।
नेताओं ने कहा कि सरकार ने एनएचएम कर्मचारियों के लिए सातवां वेतन आयोग लागू किया है, जिसमें आशा वर्कर्स को शामिल न करके भेदभाव किया है। इससे आशाओं में भारी रोष है। संघ नेताओं ने कहा कि यदि आशा वर्कर्स की 50 प्रतिशत बढ़ोतरी की फाइल, महामारी में कार्य करने की एक हजार प्रोत्साहन राशि, मुख्यमंत्री की ओर से घोषित पांच हजार रुपये का लाभ तुरंत प्रभाव से एनएचएम के कर्मचारियों के साथ नहीं जोड़ा गया तो आशा वर्कर काम छोड़कर प्रदर्शन करेगी।
एसकेएस जिला कोषाध्यक्ष सतीश राणा व ब्लॉक प्रधान जोत सिंह रावत ने उप नागरिक अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर पर आरोप लगाया और कहा कि वहां पर अधिकारी आशा वर्कर का शोषण कर रहे हैं। आशा वर्कर गांवों से प्रसव केस लेकर आती हैं उन पर हस्ताक्षर नहीं करती, जिससे उन्हें प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पाती। इसके अलावा उन्हें बदले की भावना से बिना किसी काम के घंटों अस्पताल में बैठाया जाता है।
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नेताओं ने चेतावनी देते कहा कि यदि नर्सिंग ऑफिसर का रवैया नहीं बदला तो संघ दोबारा उप नागरिक अस्पताल में आंदोलन करने पर मजबूर होगा। बैठक का संचालन जिला सचिव राजेश कुमारी ने किया। इस मौके पर कोषाध्यक्ष कर्मजीत, पूनम ठाकुर, शालू, रेखा बकाना, वीरेंद्र सहित अन्य उपस्थित रहीं।
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यमुनानगर। जिलेभर की तमाम वर्कर्स सरकार के खिलाफ 11 नवंबर को सिविल अस्पताल में प्रदर्शन करेंगी। साथ ही प्रदर्शन के बाद मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगी।
प्रदर्शन को लेकर रविवार को आशा वर्कर्स यूनियन, सीटू एवं सर्व कर्मचारी संघ की बैठक बस अड्डा स्थित यूनियन कार्यालय में हुई। अध्यक्षता प्रधान निरूबाला ने की। बैठक में तमाम खंडों की पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। सीटू कोषाध्यक्ष रामकुमार कांबोज, सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान महिपाल सौढे, जिला सचिव गुलशन भारद्वाज ने पदाधिकारियों को रणनीति के बारे बताया।
नेताओं ने कहा कि सरकार ने एनएचएम कर्मचारियों के लिए सातवां वेतन आयोग लागू किया है, जिसमें आशा वर्कर्स को शामिल न करके भेदभाव किया है। इससे आशाओं में भारी रोष है। संघ नेताओं ने कहा कि यदि आशा वर्कर्स की 50 प्रतिशत बढ़ोतरी की फाइल, महामारी में कार्य करने की एक हजार प्रोत्साहन राशि, मुख्यमंत्री की ओर से घोषित पांच हजार रुपये का लाभ तुरंत प्रभाव से एनएचएम के कर्मचारियों के साथ नहीं जोड़ा गया तो आशा वर्कर काम छोड़कर प्रदर्शन करेगी।
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एसकेएस जिला कोषाध्यक्ष सतीश राणा व ब्लॉक प्रधान जोत सिंह रावत ने उप नागरिक अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर पर आरोप लगाया और कहा कि वहां पर अधिकारी आशा वर्कर का शोषण कर रहे हैं। आशा वर्कर गांवों से प्रसव केस लेकर आती हैं उन पर हस्ताक्षर नहीं करती, जिससे उन्हें प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पाती। इसके अलावा उन्हें बदले की भावना से बिना किसी काम के घंटों अस्पताल में बैठाया जाता है।
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नेताओं ने चेतावनी देते कहा कि यदि नर्सिंग ऑफिसर का रवैया नहीं बदला तो संघ दोबारा उप नागरिक अस्पताल में आंदोलन करने पर मजबूर होगा। बैठक का संचालन जिला सचिव राजेश कुमारी ने किया। इस मौके पर कोषाध्यक्ष कर्मजीत, पूनम ठाकुर, शालू, रेखा बकाना, वीरेंद्र सहित अन्य उपस्थित रहीं।