{"_id":"6ad524c002c5067b24054df1","slug":"artists-brought-alive-the-scenes-of-ramlila-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-164838-2026-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: कलाकारों ने रामलीला के प्रसंग किए जीवंत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: कलाकारों ने रामलीला के प्रसंग किए जीवंत
Mon, 19 Oct 2026 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 19 Oct 2026 01:27 AM IST
विज्ञापन
रामपुरा में आयोजित रामलीला में मंचन करते कलाकार। आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रामपुरा कॉलोनी स्थित श्री हनुमान रामलीला क्लब की ओर से आयोजित रामलीला में शनिवार रात लक्ष्मण मूर्छा और लक्ष्मण संजीवन प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय और प्रभावशाली संवादों के माध्यम से प्रसंगों को जीवंत कर दिया।
रामलीला में दिखाया गया कि मेघनाथ के साथ युद्ध करते समय लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। अपने प्रिय भाई को इस अवस्था में देखकर श्रीराम व्याकुल हो उठते हैं। लक्ष्मण की हालत देखकर श्रीराम के दुख और चिंता को कलाकारों ने भावपूर्ण अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
इसके बाद लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए संजीवनी बूटी लाने का प्रसंग दिखाया गया। हनुमान जी प्रभु श्रीराम की आज्ञा का पालन करते हुए संजीवनी बूटी लाने के लिए निकल पड़ते हैं। इस दौरान उनके साहस, समर्पण और प्रभु के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाया गया। कलाकारों ने अपने संवादों और अभिनय से रामायण के इस महत्वपूर्ण प्रसंग का सजीव चित्रण किया। संजीवनी प्रसंग के माध्यम से भक्ति, कर्तव्य और भाईचारे का संदेश दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
यमुनानगर। रामपुरा कॉलोनी स्थित श्री हनुमान रामलीला क्लब की ओर से आयोजित रामलीला में शनिवार रात लक्ष्मण मूर्छा और लक्ष्मण संजीवन प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय और प्रभावशाली संवादों के माध्यम से प्रसंगों को जीवंत कर दिया।
रामलीला में दिखाया गया कि मेघनाथ के साथ युद्ध करते समय लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। अपने प्रिय भाई को इस अवस्था में देखकर श्रीराम व्याकुल हो उठते हैं। लक्ष्मण की हालत देखकर श्रीराम के दुख और चिंता को कलाकारों ने भावपूर्ण अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
विज्ञापन
इसके बाद लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए संजीवनी बूटी लाने का प्रसंग दिखाया गया। हनुमान जी प्रभु श्रीराम की आज्ञा का पालन करते हुए संजीवनी बूटी लाने के लिए निकल पड़ते हैं। इस दौरान उनके साहस, समर्पण और प्रभु के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाया गया। कलाकारों ने अपने संवादों और अभिनय से रामायण के इस महत्वपूर्ण प्रसंग का सजीव चित्रण किया। संजीवनी प्रसंग के माध्यम से भक्ति, कर्तव्य और भाईचारे का संदेश दिया गया।
विज्ञापन