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Yamuna Nagar News: मंडियों में गेहूं की आवक तेज
Fri, 11 Apr 2025 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 11 Apr 2025 12:23 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खेतों में गेहूं फसल की कटाई ने जोर पकड़ लिया है। इससे मंडियों में भी गेहूं की आवक तेज हो गई है। मंडियों में गेहूं की खरीद 2425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। अभी तक विभिन्न अनाज मंडियों में कुल 8412 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है।
अभी तक मंडियों में जो जो 8412 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है उसमें से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 3473 मीट्रिक टन, हैफेड ने 3739 मीट्रिक टन व हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन ने 1200 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। मंडियों में अभी गेहूूं की आवक काफी कम हुई है। अभी जो गेहूं मंडियों में आ रहा है उसमें नमी की मात्रा भी ज्यादा पाई जा रही है। सरकार ने 12 प्रतिशत नमी वाली गेहूं खरीदने के आदेश कर रखे हैं।
वहीं मंडियों में गेहूं को बारिश के पानी से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम बिल्कुल भी नहीं है। जब मंडियों में खरीद सीजन पीक पर होता है पिछले कुछ वर्षों में कई बार बारिश हो चुकी है। जिससे मंडियों में रखा गेहूं बारिश के पानी की भेंट चढ़ गया। इससे किसानों को काफी नुकसान होता है। मंडियों में आढ़तियों के पास गेहूं को ढकने के लिए पर्याप्त तिरपाल तक नहीं है।
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यमुनानगर। खेतों में गेहूं फसल की कटाई ने जोर पकड़ लिया है। इससे मंडियों में भी गेहूं की आवक तेज हो गई है। मंडियों में गेहूं की खरीद 2425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। अभी तक विभिन्न अनाज मंडियों में कुल 8412 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है।
अभी तक मंडियों में जो जो 8412 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है उसमें से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 3473 मीट्रिक टन, हैफेड ने 3739 मीट्रिक टन व हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन ने 1200 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। मंडियों में अभी गेहूूं की आवक काफी कम हुई है। अभी जो गेहूं मंडियों में आ रहा है उसमें नमी की मात्रा भी ज्यादा पाई जा रही है। सरकार ने 12 प्रतिशत नमी वाली गेहूं खरीदने के आदेश कर रखे हैं।
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वहीं मंडियों में गेहूं को बारिश के पानी से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम बिल्कुल भी नहीं है। जब मंडियों में खरीद सीजन पीक पर होता है पिछले कुछ वर्षों में कई बार बारिश हो चुकी है। जिससे मंडियों में रखा गेहूं बारिश के पानी की भेंट चढ़ गया। इससे किसानों को काफी नुकसान होता है। मंडियों में आढ़तियों के पास गेहूं को ढकने के लिए पर्याप्त तिरपाल तक नहीं है।
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