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Yamuna Nagar News: एक्यूआई पहुंचा 223, नियंत्रण को नहीं हो रहे उपाय
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले का वायु प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरे के निशान पर पहुंच गया। ऐसे में शुक्रवार को एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 223 पार तक गया, जो सामान्य से चार गुणा अधिक है। बढ़ते वायु प्रदूषण का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ने लगा है। आंखों में जलन से लेकर लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है, ऐसे मरीजों की संख्या सिविल व निजी अस्पतालों में बढ़ रही है। हृदय व अस्थमा मरीजों के लिए बढ़ता वायु प्रदूषण खतरनाक हो सकता है। बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर वायु प्रदूषण नियंत्रण के कोई उपाय नहीं दिख रहे।
चिकित्सक दे रहे सलाह
एक्यूआई बढ़ने से खांसी, जुकाम, बुखार व वायरल के मरीज भी बढ़े हैं। अकेले सिविल अस्पताल में रोज ऐसे 200 मरीज आ रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राघव गुप्ता ने कहा कि आंखों में जलन के मरीज आ रहे हैं। इसकी वजह वायु प्रदूषण हो सकती है। इससे आंखों के बचाव में घर से निकलते समय चश्मा पहनना चाहिए। साथ ही साफ पानी से आंखों को धोना चाहिए। वहीं पर्यावरण संरक्षण में लगी हरियाणा इनवारयरमेंटल सोसाइटी के प्रधान एवं ग्रीन मैन डॉ. एसएल सैनी ने कहा कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए निर्माणाधीन कार्यों सहित जहां वाहनों की आवाजाही अधिक है, वहां प्रशासनिक स्तर पर सड़कों व पेड़ों पर पानी का छिड़काव कराया जा सकता है।
एक्यूआई किस स्तर पर कैसा :
0 से 100 - अच्छा
101 -200 - सामान्य
201-300- खराब
301-400 - बहुत खराब
401-500- बहुत ज्यादा खतरनाक
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यमुनानगर। जिले का वायु प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरे के निशान पर पहुंच गया। ऐसे में शुक्रवार को एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 223 पार तक गया, जो सामान्य से चार गुणा अधिक है। बढ़ते वायु प्रदूषण का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ने लगा है। आंखों में जलन से लेकर लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है, ऐसे मरीजों की संख्या सिविल व निजी अस्पतालों में बढ़ रही है। हृदय व अस्थमा मरीजों के लिए बढ़ता वायु प्रदूषण खतरनाक हो सकता है। बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर वायु प्रदूषण नियंत्रण के कोई उपाय नहीं दिख रहे।
चिकित्सक दे रहे सलाह
एक्यूआई बढ़ने से खांसी, जुकाम, बुखार व वायरल के मरीज भी बढ़े हैं। अकेले सिविल अस्पताल में रोज ऐसे 200 मरीज आ रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राघव गुप्ता ने कहा कि आंखों में जलन के मरीज आ रहे हैं। इसकी वजह वायु प्रदूषण हो सकती है। इससे आंखों के बचाव में घर से निकलते समय चश्मा पहनना चाहिए। साथ ही साफ पानी से आंखों को धोना चाहिए। वहीं पर्यावरण संरक्षण में लगी हरियाणा इनवारयरमेंटल सोसाइटी के प्रधान एवं ग्रीन मैन डॉ. एसएल सैनी ने कहा कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए निर्माणाधीन कार्यों सहित जहां वाहनों की आवाजाही अधिक है, वहां प्रशासनिक स्तर पर सड़कों व पेड़ों पर पानी का छिड़काव कराया जा सकता है।
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एक्यूआई किस स्तर पर कैसा :
0 से 100 - अच्छा
101 -200 - सामान्य
201-300- खराब
301-400 - बहुत खराब
401-500- बहुत ज्यादा खतरनाक