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Yamuna Nagar News: रेलवे ओवरब्रिज के नीचे अंडरपास को मिली मंजूरी
Sun, 10 Nov 2024 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 10 Nov 2024 01:34 AM IST
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राजेश कुमार
यमुनानगर। महाराणा प्रताप चौक (पुराना कमानी चौक) से विश्वकर्मा चौक के बीच बने रेलवे ओवरब्रिज के नीचे लोगों को जल्द ही अंडरपास की सुविधा मिलेगी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी को करीब सवार करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। अधिकारी एक माह तक अंडरपास का टेंडर लग जाने की बात कह रहे हैं।
अंडरपास के बनने से पुराना नेशनल हाईवे के दोनों तरफ रहने वाले हजारों लोगों को फायदा होगा। जिसके बाद जान जोखिम में डाल कर सड़क पार करने वाले मासूम लोगों की जान बच सकेगी। महाराणा प्रताप चौक से रेलवे ओवरब्रिज के बीच का रास्ता ब्लैक स्पॉट है। इंडस्ट्रियल एरिया, विजय कॉलोनी से कुलदीप नगर व गांधी नगर की तरफ जाने वाले लोग जान को जोखिम में डाल पुराना नेशनल हाईवे पार करते हैं।
पुराना हाईवे के दोनों तरफ दर्जनों कॉलोनियां हैं। इन कॉलोनियों के लोग इंडस्ट्रियल एरिया, सब्जी मंडी के अलावा पुराना रादौर रोड, नगर निगम कार्यालय व स्टेशन रोड की तरफ जाने के लिए सड़क को पार करते हैं। रेलवे ओवरब्रिज शहर की लाइफलाइन है। इसलिए इस सड़क पर सबसे ज्यादा भीड़ रहती है।
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इस सड़क से शहर के अलावा कुरुक्षेत्र, पानीपत, करनाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की तरफ से भी वाहनों का आना जाना है। कई बार सड़क पार करते समय लोग यहां हादसों का शिकार हो चुके हैं। कुछ सालों में यहां 35 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। सड़क के दोनों तरफ 50 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं।
रेलवे ओवरब्रिज के नीचे पहले अंडरपास था। जिसके नीचे से सड़क के दोनों तरफ रहने वाले लोग बिना किसी हादसे के सड़क पार करके आना जाना करते थे। परंतु इसके नीचे से इंडस्ट्रियल एरिया में जाने वाले भारी वाहन भी निकलने लगे थे। साथ ही इसमें बारिश का पानी भी भर जाता था। इससे रेलवे ओवरब्रिज को भी खतरा होने की आशंका था।
इसलिए कई साल पहले अंडरपास के दोनों तरफ दीवार कर इसे बंद कर दिया था। इसके बाद से हादसे होने लगे। क्योंकि पहले जो लोग अंडरपास से जाते थे अब वह सड़क पार करके जाने लगे। रोड सेफ्टी की बैठक में पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन नवीन खत्री ने तर्क दिया था कि अंडरपास खोलते हैं तो रेलवे ओवरब्रिज को खतरा हो सकता है। अंडरपास को नए सिरे से बनाने की जरूरत है। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने इसका एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजा था। संवाद
रेलवे ओवरब्रिज के नीचे अंडरपास बनाने के लिए करीब सवा करोड़ रुपये के एस्टीमेट को अप्रूवल मिल गई है। एक माह तक अंडरपास का टेंडर लगा दिया जाएगा। इसके बाद अंडरपास बनाने का काम शुरू हो जाएगा। - नवीन खत्री, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी।
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यमुनानगर। महाराणा प्रताप चौक (पुराना कमानी चौक) से विश्वकर्मा चौक के बीच बने रेलवे ओवरब्रिज के नीचे लोगों को जल्द ही अंडरपास की सुविधा मिलेगी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी को करीब सवार करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। अधिकारी एक माह तक अंडरपास का टेंडर लग जाने की बात कह रहे हैं।
अंडरपास के बनने से पुराना नेशनल हाईवे के दोनों तरफ रहने वाले हजारों लोगों को फायदा होगा। जिसके बाद जान जोखिम में डाल कर सड़क पार करने वाले मासूम लोगों की जान बच सकेगी। महाराणा प्रताप चौक से रेलवे ओवरब्रिज के बीच का रास्ता ब्लैक स्पॉट है। इंडस्ट्रियल एरिया, विजय कॉलोनी से कुलदीप नगर व गांधी नगर की तरफ जाने वाले लोग जान को जोखिम में डाल पुराना नेशनल हाईवे पार करते हैं।
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पुराना हाईवे के दोनों तरफ दर्जनों कॉलोनियां हैं। इन कॉलोनियों के लोग इंडस्ट्रियल एरिया, सब्जी मंडी के अलावा पुराना रादौर रोड, नगर निगम कार्यालय व स्टेशन रोड की तरफ जाने के लिए सड़क को पार करते हैं। रेलवे ओवरब्रिज शहर की लाइफलाइन है। इसलिए इस सड़क पर सबसे ज्यादा भीड़ रहती है।
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इस सड़क से शहर के अलावा कुरुक्षेत्र, पानीपत, करनाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की तरफ से भी वाहनों का आना जाना है। कई बार सड़क पार करते समय लोग यहां हादसों का शिकार हो चुके हैं। कुछ सालों में यहां 35 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। सड़क के दोनों तरफ 50 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं।
रेलवे ओवरब्रिज के नीचे पहले अंडरपास था। जिसके नीचे से सड़क के दोनों तरफ रहने वाले लोग बिना किसी हादसे के सड़क पार करके आना जाना करते थे। परंतु इसके नीचे से इंडस्ट्रियल एरिया में जाने वाले भारी वाहन भी निकलने लगे थे। साथ ही इसमें बारिश का पानी भी भर जाता था। इससे रेलवे ओवरब्रिज को भी खतरा होने की आशंका था।
इसलिए कई साल पहले अंडरपास के दोनों तरफ दीवार कर इसे बंद कर दिया था। इसके बाद से हादसे होने लगे। क्योंकि पहले जो लोग अंडरपास से जाते थे अब वह सड़क पार करके जाने लगे। रोड सेफ्टी की बैठक में पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन नवीन खत्री ने तर्क दिया था कि अंडरपास खोलते हैं तो रेलवे ओवरब्रिज को खतरा हो सकता है। अंडरपास को नए सिरे से बनाने की जरूरत है। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने इसका एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजा था। संवाद
रेलवे ओवरब्रिज के नीचे अंडरपास बनाने के लिए करीब सवा करोड़ रुपये के एस्टीमेट को अप्रूवल मिल गई है। एक माह तक अंडरपास का टेंडर लगा दिया जाएगा। इसके बाद अंडरपास बनाने का काम शुरू हो जाएगा। - नवीन खत्री, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी।