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Yamuna Nagar News: मंत्री से गुहार, अफसर को हटाएं
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यमुनानगर। लघु सचिवालय में बुधवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जाति विभाग के मंत्री कृष्ण कुमार बेदी की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान उनके समक्ष 19 परिवाद सामने आए जिनमें से 14 का निपटान और पांच का लंबित रख जांच के लिए रख गया लेकिन बैठक खत्म होने के बाद भी अलग से काफी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे।
इनमें से मंत्री के समक्ष महिला एवं बाल विकास विभाग से आया जबकि बुधवार को ही सुशासन दिवस के मौके पर तीसरा पुरस्कार भी दिया गया। इस दौरान विभाग की महिला सुपरवाइजरों ने अपनी अधिकारी के खिलाफ एक शिकायत सौंप कर इन्हें यहां से हटाने की मांग की गई। सुपरवाइजरों ने मंत्री से समक्ष अधिकारी के साथ कार्य करने में असमर्थता भी जताई।
सुपरवाइजर बोलीं, अधिकारी से हो चुकी काफी परेशान
मंत्री को शिकायत सौंपते हुए सुपरवाइजरों ने बताया कि वह अपने ही अधिकारी से काफी परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी के रवैया के कारण पहले भी एक सुपरवाइजर ने आत्महत्या करने का प्रयास किया था और कल एक और सुपरवाइजर ने।
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उन्होंने मंत्री से कहा कि यह महिला अधिकारी उन सभी को बिना किसी कारण से प्रताड़ित करती हैं और इतना ही नहीं किसी फाइल पर यदि साइन करने होते हैं तो घंटों उन्हें कार्यालय के बाहर खड़ा करके रखती है। उनका कहना था कि इससे पहले वह डीसी और विधायक घनश्याम दास अरोड़ा से भी मिले थे। विधायक और जिला उपयुक्त से मिलने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया और कहा कि यदि इस प्रकार तुम उन्हें तंग करोगे तो वह आत्महत्या कर लेंगी।
फर्जी रजिस्ट्री का मामला आया सामने
कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक मामला फर्जी रजिस्ट्री को लेकर सामने आया और शिकायतकर्ता ने बताया कि किस प्रकार उसके प्लाट के साथ लगते प्लाट के आईडी बनवाकर और उनके पिता के नकली हस्ताक्षर करके रजिस्ट्री करवा ली गई है। उन्होंने बताया कि मामला उनके पारिवारिक है लेकिन रजिस्ट्री गलत तरीके से की गई है इस संबंध में उन्होंने जिला राजस्व अधिकारी तथा नगर निगम के अधिकारियों की मिली भगत बताई। मंत्री ने शिकायतकर्ता की बात को गंभीरता से लिया और इस मामले में नगर निगम के कमिश्नर आयुष सिन्हा को जांच के आदेश दिए। उनके संज्ञान में ये मामला पहले से है।
इसके अतिरिक्त एक अन्य मामले में उन्होंने सुनवाई करते हुए रादौर के एसडीएम को सरपंच के साथ मिलकर जांच करने के आदेश दिए। सभी मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया और जो पांच मामले लंबित रखे गए हैं उनके लिए जांच के आदेश दिए गए हैं।
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इनमें से मंत्री के समक्ष महिला एवं बाल विकास विभाग से आया जबकि बुधवार को ही सुशासन दिवस के मौके पर तीसरा पुरस्कार भी दिया गया। इस दौरान विभाग की महिला सुपरवाइजरों ने अपनी अधिकारी के खिलाफ एक शिकायत सौंप कर इन्हें यहां से हटाने की मांग की गई। सुपरवाइजरों ने मंत्री से समक्ष अधिकारी के साथ कार्य करने में असमर्थता भी जताई।
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सुपरवाइजर बोलीं, अधिकारी से हो चुकी काफी परेशान
मंत्री को शिकायत सौंपते हुए सुपरवाइजरों ने बताया कि वह अपने ही अधिकारी से काफी परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी के रवैया के कारण पहले भी एक सुपरवाइजर ने आत्महत्या करने का प्रयास किया था और कल एक और सुपरवाइजर ने।
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उन्होंने मंत्री से कहा कि यह महिला अधिकारी उन सभी को बिना किसी कारण से प्रताड़ित करती हैं और इतना ही नहीं किसी फाइल पर यदि साइन करने होते हैं तो घंटों उन्हें कार्यालय के बाहर खड़ा करके रखती है। उनका कहना था कि इससे पहले वह डीसी और विधायक घनश्याम दास अरोड़ा से भी मिले थे। विधायक और जिला उपयुक्त से मिलने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया और कहा कि यदि इस प्रकार तुम उन्हें तंग करोगे तो वह आत्महत्या कर लेंगी।
फर्जी रजिस्ट्री का मामला आया सामने
कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक मामला फर्जी रजिस्ट्री को लेकर सामने आया और शिकायतकर्ता ने बताया कि किस प्रकार उसके प्लाट के साथ लगते प्लाट के आईडी बनवाकर और उनके पिता के नकली हस्ताक्षर करके रजिस्ट्री करवा ली गई है। उन्होंने बताया कि मामला उनके पारिवारिक है लेकिन रजिस्ट्री गलत तरीके से की गई है इस संबंध में उन्होंने जिला राजस्व अधिकारी तथा नगर निगम के अधिकारियों की मिली भगत बताई। मंत्री ने शिकायतकर्ता की बात को गंभीरता से लिया और इस मामले में नगर निगम के कमिश्नर आयुष सिन्हा को जांच के आदेश दिए। उनके संज्ञान में ये मामला पहले से है।
इसके अतिरिक्त एक अन्य मामले में उन्होंने सुनवाई करते हुए रादौर के एसडीएम को सरपंच के साथ मिलकर जांच करने के आदेश दिए। सभी मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया और जो पांच मामले लंबित रखे गए हैं उनके लिए जांच के आदेश दिए गए हैं।

भमोरा। फाईल फोटो अंजली- फोटो : mathura