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Yamuna Nagar News: हर्बल पार्क गुलाबगढ़ में तैयार हो रहे प्राचीन गिंगो बिलोबा के पौधे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 10 May 2023 12:41 AM IST
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Ancient Gingko Biloba plants being prepared in Herbal Park Gulabgarh
हर्बल पार्क गुलाबगढ़ चुहड़पुर कलां में प्राचीन गिंगो बिलोबा पेड़ की नर्सरी तैयार की जा रही है। ऐसा पहली बार है जब इन पेड़ों की पौध तैयार हो रही है। पार्क में इस प्रजाति के 500 से 800 पौधे तैयार होने की उम्मीद है। यदि ऐसा होता है तो वन विभाग के लिए यह बड़ी कामयाबी होगी। क्योंकि यह वही पेड़ हैं जो हिरोशिमा में उस वक्त भी बच गए थे जब अमेरिका हवाई जहाज से परमाणु बम गिराए थे। इतना ही नहीं गिंगो बिलोबा चीन का राष्ट्रीय पेड़ भी है। इन पेड़ों का खास ध्यान इसलिए भी रखना पड़ रहा है क्योंकि यह धीरे-धीरे ही बढ़ते हैं।
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2003 में तत्कालीन डीएफओ विनोद कुमार ने गिंगो बिलोबा के मात्र तीन पौधे हर्बल पार्क में लगाए थे। यह पौधे आज 20 साल के पेड़ बनकर तैयार हो गए हैं। जिनकी देखरेख वन विभाग कर रहा है। दरअसल इन पेड़ों की जड़ें इतनी गहरी होती हैं कि परमाणु बम के हमले का भी वहां तक कोई असर नहीं होता है। हर्बल पार्क के इंचार्ज दीपक कुमार ने बताया कि बिंगो बिलोबा पेड़-पौधा आयुर्वेदिक और ऑक्सीजन देने में लाभकारी है।
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शोध के अनुसार यह पेड़ लगभग 3000 वर्ष तक जिंदा रहता है। इसकी जड़े धरती में इतनी गहराई तक पहुंच जाती है कि यह पेड़ हर परिस्थिति में हरा ही रहता है। शोधकर्ताओं के अनुसार गिंगो बिलोबा पेड़ परमाणु हमले में गिराए गए एटम बम की मार के बाद भी सुरक्षित हरा भरा रहा। हर्बल पार्क में केवल पेड़ गिंगो बिलोबा के होने की पुष्टि की पुष्टि हुई है। इन पेड़ों की खासियत का पता चलने पर वन विभाग अब इनकी कलम से 500 से 800 गिंगो बिलोबा के पौधे तैयार कर रहा है।
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कलेसर निवासी हकीम मतलूब हसन ने बताया कि 2003 में जब वह हर्बल पार्क में बतौर केयरटेकर काम करते थे। उस समय के डीएफओ विनोद कुमार कहीं से गिंगो बिलोबा के पौधे लेकर आए थे। जो आज भी हर्बल पार्क में लगे हुए हैं। अब वह 20 साल के हो चुके हैं। इन पेड़ों की बढ़ोतरी बहुत ही धीमी गति से होती है। तभी तो 20 साल बाद भी पार्क में लगे पेड़ों की मोटाई बहुत कम है। ऊंचाई करीब 15 से 20 फीट है। धीमी ग्रोथ के कारण यह पेड़े धरती में कम 3000 वर्ष तक जिंदा रहते हैं।
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