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Yamuna Nagar News: अस्पताल में आई गबन की गुमनाम चिट्ठी, बिना जांच निपटी

Fri, 18 Oct 2024 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 18 Oct 2024 01:18 AM IST
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An anonymous letter of embezzlement arrived at the hospital, but it was resolved without investigation
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में कुछ दिन पहले आई एक गुमनाम चिट्ठी ने अधिकारियों में खलबली मचा रखी है। चिट्ठी भेजने वाले ने 105 करोड़ रुपये से बने अस्पताल के नए भवन में करोड़ों के गबन करने का आरोप लगाया है। चिट्ठी में खास तौर से अस्पताल की लैब से जुड़े एक कर्मचारी का जिक्र किया गया है। इतने गंभीर आरोप लगे होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कमेटी बनाकर शिकायत को इसलिए रफा दफा कर दिया कि इस पर भेजने वाले का नाम नहीं था।
पिछले साल ही 105 करोड़ रुपये से बने जिला नागरिक अस्पताल का नया भवन बनकर तैयार हुआ है। जब से नया भवन बना है तभी से यह इसमें लगी निर्माण सामग्री और सामान की गुणवत्ता चर्चा में है। अस्पताल की दीवारों पर लगी टाइलें कई बार गिर चुकी हैं। इसके अलावा शौचालय व सीवरेज बार-बार ब्लॉक हो चुके हैं।
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यहां तक की डीसी व यमुनानगर विधायक भी इस पर संज्ञान ले चुके हैं। ऐसे में अब गुमनाम चिट्ठी में अस्पताल निर्माण के लिए आई राशि में गोलमाल किए जाने की बात सामने आने पर यह मामला फिर से गरमा गया है। जिस मामले की जितनी गहराई से जांच होनी चाहिए थे अधिकारियों ने उसे उतनी ही तेजी से रफा दफा भी कर दिया।
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बताया जा रहा है यह चिट्ठी भेजने वाला अस्पताल का ही कोई कर्मचारी है जिससे इस मामले की पूरी जानकारी है। उसकी नौकरी या फिर जान को कोई खतरा न हो इसलिए उसने शिकायत में अपना नाम नहीं लिखा। कुछ भी हो गुप्त रूप से कर्मचारी ने मामले को उजागर किया और उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया। परंतु अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

चिट्ठी में जिस कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, उसका स्वविभाग के अधिकारियों से काफी मेल जोल है। वह स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के कार्यालय में जाने से पहले अनुमति तक नहीं लेता। स्टाफ का तो यहां तक कहना है कि यदि उच्चाधिकारी कोई आदेश जारी करते हैं और वह उसके हित में नहीं होता तो उसमें भी फेरबदल करवा देता है।
कर रहे हैं जांच : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि इस तरह की शिकायत कार्यालय में आई थी। इसकी जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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