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Yamuna Nagar News: मौनी अमावस्या के महायोग में अमृत स्नान

Wed, 29 Jan 2025 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 29 Jan 2025 12:47 AM IST
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Amrit Snan in the Mahayoga of Mauni Amavasya
संवाद न्यूज एजेंसी
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साढौरा। गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संचालक डॉ. रामराज कौशिक का कहना है कि मौनी अमावस्या के दिन पितरों के नाम तर्पण करने से उन्हें तृप्ति मिलती है और वे प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं। साथ ही इस दिन दान करने से कुंडली में मौजूद किसी भी प्रकार के दोष से मुक्ति पाई जा सकती है।
इस दिन मौन रखकर उपवास और स्नान का विशेष महत्व है। मौनी का अर्थ है मौन। इस दिन मौन रहकर आत्मशांति व संयम का पालन करने से मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। डॉ. कौशिक ने बताया कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान व दान करने से पापों का क्षय होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन किसी पवित्र नदी तालाब सरोवर और गंगा स्नान का विशेष महत्व है। श्रद्धालु प्रयागराज के संगम में इस दिन स्नान करेंगे।
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यह दिन सूर्यदेव और पितरों की पूजा के लिए भी उत्तम माना जाता है। इस बार मौनी अमावस्या 29 जनवरी को है। हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह की अमावस्या तिथि 28 जनवरी को शाम सात बजकर 32 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 29 जनवरी को शाम छह बजकर पांच मिनट पर होगा।
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स्नान दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त 29 जनवरी को सुबह पांच बजकर 25 मिनट से लेकर सुबह छह बजकर 18 मिनट तक रहेगा। 29 जनवरी को सुबह पांच बजकर 51 मिनट से सात बजकर 11 मिनट तक होगा। मौनी अमावस्या के दिन गंगा नदी में स्नान करना पवित्र होता है क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि इस दिन गंगा का जल अमृत समान हो जाता है।
मान्यताओं के अनुसार माघ माह की अमावस्या पर ऋषि मनु का जन्म हुआ था इसलिए यह तिथि मौनी अमावस्या के नाम से जानी गई। जो मनुष्य इस दिन मौन व्रत रखता है उसे अपने जीवन में वाक सिद्धि प्राप्त होती है। जो लोग अपने पूर्वजों की कृपा पाना चाहते हैं, वह मौनी अमावस्या के दिन पीले वस्त्र पहनकर पितरों का ध्यान करें। मौनी अमावस्या पर दुर्लभ शिव वास योग का संयोग बन रहा है।
शिव वास का संयोग मौनी अमावस्या यानी 29 जनवरी को शाम छह बजकर पांच मिनट तक है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव कैलाश पर मां गौरी के साथ विराजमान रहेंगे। इसके अलावा सिद्धि योग का भी संयोग बन रहा है। सिद्धि योग का संयोग रात नौ बजकर 22 मिनट तक है। ज्योतिष शास्त्र में सिद्धि योग को शुभ मानते हैं। इस योग में भगवान शिव की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी।

मौनी अमावस्या पर करें दान
शास्त्रों के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पुण्य फल कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन का धार्मिक महत्व अधिक है। मौनी अमावस्या के दिन व्रत करने वाले व्यक्ति को दान करना चाहिए। इस दिन जरूरतमंद लोगों को खाना खिलाना चाहिए। ऐसा करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन तेल, कंबल, दूध ,चीनी, अनाज तथा पैसों का दान करना चाहिए।
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