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Yamuna Nagar News: आशा वर्कर की भर्ती में धांधली का आरोप
Wed, 22 Jan 2025 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 22 Jan 2025 01:14 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में आशा वर्कर को भर्ती करने में धांधली का आरोप लगा है। स्वास्थ्य विभाग के एक एसएमओ पर भर्ती में धांधली के आरोप हैं। आशा वर्कर के लिए जिस महिला ने आवेदन किया था उसके पति ने एसएमओ के खिलाफ मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। शिकायत की जांच के लिए सिविल सर्जन ने तीन डॉक्टरों की एक जांच कमेटी बनाई है।
सुशील कुमार ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में कहा है कि उनके गांव में आशा वर्कर के लिए उसकी पत्नी ने आवेदन किया था। उसकी पत्नी के अलावा एक अन्य महिला भी ने इस पद के लिए फार्म भरा था। इस पद के लिए उसकी पत्नी के अंक 86 प्रतिशत बनते थे। सीएचसी के एसएमओ ने मिलीभगत करके 45 प्रतिशत अंक वाली महिला को आशा वर्कर रख लिया गया। इस बारे में जब उसने एसएमओ से बात की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि अधिक अंक होने के बावजूद उसकी पत्नी को आशा वर्कर के पद पर नहीं रखा गया।
जब एसएमओ ने कोई जवाब नहीं दिया तो उसने एसएमओ कार्यालय में आरटीआई लगाई थी। उसे आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका कहना है कि एक तरफ तो सरकार मेरिट के आधार पर नौकरी देने की बात करती है। परंतु सीएम को शिकायत भेजने और आरटीआई लगाने पर भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि जिस महिला आशा वर्कर रखा गया है वह विधवा है। किसी को नौकरी पर रखने के जो मानक होते हैं उन्हें पूरा करना जरूरी होता है। उसमें केवल शैक्षणिक योग्यता नहीं देखी जाती। फिर भी शिकायत मिलने के बाद डॉक्टरों की कमेटी बनाकर जांच की जा रही है।
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यमुनानगर। जिले में आशा वर्कर को भर्ती करने में धांधली का आरोप लगा है। स्वास्थ्य विभाग के एक एसएमओ पर भर्ती में धांधली के आरोप हैं। आशा वर्कर के लिए जिस महिला ने आवेदन किया था उसके पति ने एसएमओ के खिलाफ मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। शिकायत की जांच के लिए सिविल सर्जन ने तीन डॉक्टरों की एक जांच कमेटी बनाई है।
सुशील कुमार ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में कहा है कि उनके गांव में आशा वर्कर के लिए उसकी पत्नी ने आवेदन किया था। उसकी पत्नी के अलावा एक अन्य महिला भी ने इस पद के लिए फार्म भरा था। इस पद के लिए उसकी पत्नी के अंक 86 प्रतिशत बनते थे। सीएचसी के एसएमओ ने मिलीभगत करके 45 प्रतिशत अंक वाली महिला को आशा वर्कर रख लिया गया। इस बारे में जब उसने एसएमओ से बात की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि अधिक अंक होने के बावजूद उसकी पत्नी को आशा वर्कर के पद पर नहीं रखा गया।
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जब एसएमओ ने कोई जवाब नहीं दिया तो उसने एसएमओ कार्यालय में आरटीआई लगाई थी। उसे आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका कहना है कि एक तरफ तो सरकार मेरिट के आधार पर नौकरी देने की बात करती है। परंतु सीएम को शिकायत भेजने और आरटीआई लगाने पर भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि जिस महिला आशा वर्कर रखा गया है वह विधवा है। किसी को नौकरी पर रखने के जो मानक होते हैं उन्हें पूरा करना जरूरी होता है। उसमें केवल शैक्षणिक योग्यता नहीं देखी जाती। फिर भी शिकायत मिलने के बाद डॉक्टरों की कमेटी बनाकर जांच की जा रही है।